राम मंदिर चढ़ावा विवाद: ओम प्रकाश राजभर का विपक्ष पर हमला, SP-कांग्रेस को बताया 'सत्ता का नाटक'
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 3 अगस्त को लखनऊ में राम मंदिर चढ़ावा चोरी प्रकरण को लेकर संसद के बाहर विपक्ष के विरोध प्रदर्शन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने समाजवादी पार्टी (SP), भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव पर सीधा निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष जनता के वास्तविक मुद्दों को दरकिनार कर महज राजनीतिक प्रदर्शन कर रहा है।
विपक्षी प्रदर्शन पर राजभर का तीखा प्रहार
राजभर ने कहा कि SP के नेता — चाहे फैजाबाद के सांसद धर्मेंद्र यादव हों या डिंपल यादव — कांग्रेस के साथ मिलकर संसद के बाहर धरना दे रहे हैं। उनके अनुसार जब इस प्रदर्शन पर सवाल उठे, तो वही नेता लखनऊ आकर भी वही दोहरा रहे हैं। राजभर ने कहा कि आज़ादी के बाद से अब तक इस तरह का राजनीतिक आचरण पहले कभी नहीं देखा गया।
उन्होंने SP, कांग्रेस और 'पप्पू एंड कंपनी' पर आरोप लगाया कि ये दल केवल सत्ता में वापसी की चाह में जनता को गुमराह कर रहे हैं और आम आदमी की समस्याओं से इनका कोई सरोकार नहीं है।
पप्पू यादव पर हमले के आरोप खारिज
दिल्ली में सांसद पप्पू यादव पर हमले के लगाए गए आरोपों को राजभर ने पूरी तरह निराधार बताया। उनका कहना था कि यह दावा झूठा है और इसे भी उन्होंने विपक्ष की राजनीतिक चाल करार दिया। राजभर के अनुसार विपक्ष लगातार ऐसे मुद्दे गढ़कर राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश करता रहता है।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 पर कांग्रेस को घेरा
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से बधाई न दिए जाने के सवाल पर राजभर ने कांग्रेस पर एक और हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को खेलों से कोई लेना-देना नहीं है — उसे केवल सत्ता की राजनीति की चिंता है।
अभिजीत दिपके प्रकरण पर RTI कार्यकर्ता का समर्थन
राजभर ने सूरत के आरटीआई कार्यकर्ता अमित तिवारी द्वारा 'कॉकरोच जनता पार्टी' के संस्थापक अभिजीत दिपके की अमेरिका में पढ़ाई के खर्च को लेकर उठाए गए सवालों का भी समर्थन किया। उन्होंने कहा, 'वे सही बात कह रहे हैं। अभिजीत दिपके ने छात्रों का भविष्य खतरे में डाला है। उनकी पढ़ाई के खर्च को लेकर उठाए गए सवालों की निश्चित रूप से जाँच होनी चाहिए।'
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर चढ़ावा चोरी का मामला संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक तनाव का केंद्र बना हुआ है। राजभर की प्रतिक्रिया स्पष्ट करती है कि सत्तापक्ष इस मुद्दे पर विपक्ष को रक्षात्मक स्थिति में रखने की रणनीति अपना रहा है। आने वाले दिनों में इस विवाद के और गहराने की संभावना है।