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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: BJP सांसद जगदंबिका पाल का अखिलेश यादव पर हमला, बोले — करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर प्रहार

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राम मंदिर चढ़ावा विवाद: BJP सांसद जगदंबिका पाल का अखिलेश यादव पर हमला, बोले — करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर प्रहार

सारांश

राम मंदिर के चढ़ावों पर अखिलेश यादव के आरोपों ने BJP को पलटवार का मौका दे दिया। BJP सांसद जगदंबिका पाल ने कार सेवकों पर गोलीकांड याद दिलाया, बाबरी मस्जिद चंदे पर चुप्पी को दोहरा रवैया बताया — और यह विवाद UP की राजनीति में नई आग सुलगा रहा है।

मुख्य बातें

BJP सांसद जगदंबिका पाल ने 9 जून को अखिलेश यादव के राम मंदिर चढ़ावा-घपले के आरोपों को करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं पर प्रहार बताया।
पाल ने याद दिलाया कि सपा नेताओं ने राम मंदिर का विरोध किया था और कार सेवकों पर गोलियाँ चलवाई गई थीं।
पाल ने बाबरी मस्जिद के चंदे पर अखिलेश की चुप्पी को दोहरा रवैया करार दिया।
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने दावा किया कि BJP उत्तर प्रदेश में तीसरी बार बड़े बहुमत से सरकार बनाएगी।
यह विवाद UP विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में आस्था और राजनीति के टकराव को और तीखा कर रहा है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद जगदंबिका पाल ने मंगलवार, 9 जून को समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला, यह कहते हुए कि राम मंदिर के चढ़ावों पर घपलेबाजी के आरोप लगाकर अखिलेश ने करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है। पाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि इस तरह के आरोप किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किए जा सकते।

मुख्य घटनाक्रम

जगदंबिका पाल ने कहा कि यह भुलाया नहीं जा सकता कि अखिलेश यादव और सपा के अन्य नेताओं ने राम मंदिर निर्माण का विरोध किया था। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि कार सेवकों पर गोलियाँ चलाई गई थीं। पाल के अनुसार, इस पृष्ठभूमि में अखिलेश का यह आरोप और भी गंभीर और आपत्तिजनक है।

बाबरी मस्जिद का संदर्भ और दोहरे रवैये का आरोप

पाल ने बाबरी मस्जिद का उल्लेख करते हुए अखिलेश यादव पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बाबरी मस्जिद में भी श्रद्धालुओं की ओर से चंदा चढ़ाया जाता है, लेकिन अखिलेश ने आज तक उस चंदे पर कोई सवाल नहीं उठाया। पाल ने कहा, 'यह दोहरा रवैया पूरी तरह से अनुचित है और देश-प्रदेश की जनता इसे भली-भाँति समझ रही है।'

तुष्टिकरण की राजनीति पर निशाना

BJP सांसद ने यह भी कहा कि तुष्टिकरण की राजनीति की भी एक सीमा होती है। उनके अनुसार अखिलेश ने वह सीमा लाँघकर करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था पर प्रहार किया है। यह ऐसे समय में आया है जब राम मंदिर का मुद्दा राष्ट्रीय राजनीति में अत्यंत संवेदनशील बना हुआ है।

केशव प्रसाद मौर्य की प्रतिक्रिया

वहीं, 'इंडिया' गठबंधन की बैठक में अखिलेश यादव की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दी गई नसीहत पर उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा, कांग्रेस और बसपा चाहे मिलकर लड़ें या अकेले — उत्तर प्रदेश में कमल खिलना तय है। उन्होंने दावा किया कि BJP तीसरी बार बड़े बहुमत के साथ सरकार बनाएगी।

आगे क्या

राम मंदिर चढ़ावे पर उठे इस राजनीतिक विवाद के बीच सपा और BJP के बीच बयानबाजी तेज होने के आसार हैं। गौरतलब है कि यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं और आस्था से जुड़े मुद्दे राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील बने हुए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह यह है कि चढ़ावे की पारदर्शिता का मुद्दा वैध सार्वजनिक हित का विषय है, भले ही उसे उठाने वाले की मंशा पर सवाल हो।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावे पर क्या आरोप लगाए?
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने राम मंदिर के चढ़ावों में घपलेबाजी का आरोप लगाया है। उनके इस बयान पर BJP नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।
जगदंबिका पाल ने अखिलेश यादव को क्यों आड़े हाथों लिया?
BJP सांसद जगदंबिका पाल ने कहा कि अखिलेश यादव ने राम मंदिर चढ़ावे पर आरोप लगाकर करोड़ों श्रद्धालुओं की भावनाओं को आहत किया है। उन्होंने सपा के राम मंदिर विरोध और कार सेवकों पर गोलीकांड का भी हवाला दिया।
जगदंबिका पाल ने बाबरी मस्जिद का जिक्र क्यों किया?
पाल ने यह बताने के लिए बाबरी मस्जिद के चंदे का उल्लेख किया कि अखिलेश यादव ने उस पर कभी सवाल नहीं उठाया, जबकि राम मंदिर के चढ़ावे पर आरोप लगाए। उन्होंने इसे दोहरा रवैया करार दिया।
केशव प्रसाद मौर्य ने इंडिया गठबंधन पर क्या कहा?
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सपा, कांग्रेस और बसपा चाहे मिलकर चुनाव लड़ें या अलग-अलग, उत्तर प्रदेश में BJP तीसरी बार बड़े बहुमत से सरकार बनाएगी।
इस विवाद का उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
राम मंदिर से जुड़े आस्था के मुद्दे उत्तर प्रदेश की राजनीति में अत्यंत संवेदनशील हैं। यह विवाद आगामी विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में BJP और सपा के बीच ध्रुवीकरण को और गहरा कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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