17 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

काला जठेड़ी को द्वारका कोर्ट की 7 घंटे की कस्टडी पैरोल, 20 सितंबर को जुड़वां बेटियों का धार्मिक समारोह

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
काला जठेड़ी को द्वारका कोर्ट की 7 घंटे की कस्टडी पैरोल, 20 सितंबर को जुड़वां बेटियों का धार्मिक समारोह

सारांश

दिल्ली की सेंट्रल जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर काला जठेड़ी को द्वारका कोर्ट ने एक बार फिर मानवीय आधार पर राहत दी है — इस बार जुड़वां बेटियों के धार्मिक समारोह के लिए 7 घंटे की कस्टडी पैरोल। 30 से अधिक गंभीर मामलों में आरोपी गैंगस्टर के लिए यह तीसरा बड़ा कोर्ट-स्वीकृत मौका है।

मुख्य बातें

द्वारका कोर्ट ने गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को 7 घंटे की कस्टडी पैरोल मंजूर की।
पैरोल की तारीख 20 सितंबर 2026 , समय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक।
पैरोल का उद्देश्य: सोनीपत, हरियाणा में जुड़वां बेटियों के धार्मिक समारोह में भागीदारी।
जुड़वां बेटियों का जन्म पत्नी अनुराधा चौधरी से आईवीएफ प्रक्रिया और सी-सेक्शन द्वारा हुआ था।
30 जून 2026 को रोहिणी कोर्ट भी 4 घंटे की पैरोल दे चुकी है; इससे पहले 12 मार्च 2024 की शादी में भी पैरोल मिली थी।
काला जठेड़ी पर 4 राज्यों में 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

गैंगस्टर संदीप उर्फ काला जठेड़ी को द्वारका कोर्ट ने मानवीय आधार पर 7 घंटे की कस्टडी पैरोल मंजूर की है, जिसके तहत वह 20 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे के बीच पुलिस हिरासत में हरियाणा के सोनीपत जिले स्थित अपने गाँव जठेड़ी जा सकेगा। अदालत ने यह अनुमति उसकी आईवीएफ (IVF) प्रक्रिया द्वारा जन्मी जुड़वां बेटियों के अवसर पर आयोजित होने वाले धार्मिक समारोहों में शामिल होने के लिए दी है।

अदालत का आदेश और व्यवस्था

कोर्ट ने दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस दोनों को पैरोल अवधि के दौरान सुरक्षा एवं आवश्यक प्रबंध सुनिश्चित करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि 7 घंटे की निर्धारित अवधि समाप्त होते ही काला जठेड़ी को वापस दिल्ली की सेंट्रल जेल लाया जाएगा, जहाँ वह इस समय बंद है।

पूर्व में भी मिल चुकी है कस्टडी पैरोल

गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब काला जठेड़ी को अदालत ने इस तरह की राहत दी हो। 30 जून 2026 को रोहिणी कोर्ट ने भी मानवीय आधार पर उसे 4 घंटे की कस्टडी पैरोल दी थी, ताकि वह अपनी पत्नी और नवजात जुड़वां बेटियों से मुलाकात कर सके। उस समय अदालत ने अस्पताल के रिकॉर्ड और मेडिकल दस्तावेज़ों की जाँच के बाद बच्चों के जन्म की पुष्टि होने पर यह राहत दी थी।

इससे भी पहले, 12 मार्च 2024 को काला जठेड़ी ने 'लेडी डॉन' के नाम से जानी जाने वाली अनुराधा चौधरी से विवाह किया था। उस विवाह समारोह में शामिल होने के लिए भी उसे अदालत से कस्टडी पैरोल प्राप्त हुई थी और सुरक्षा के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।

परिवार और जुड़वां बेटियों का विवरण

काला जठेड़ी की पत्नी अनुराधा चौधरी ने आईवीएफ (इन विट्रो फर्टिलाइजेशन) प्रक्रिया के माध्यम से जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था। प्रसव के दौरान स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ने पर सी-सेक्शन के जरिए डिलीवरी करानी पड़ी थी। अब इन्हीं जुड़वां बेटियों से संबंधित धार्मिक रस्मों में शामिल होने के लिए यह ताज़ा पैरोल दी गई है।

काला जठेड़ी की आपराधिक पृष्ठभूमि

हरियाणा के सोनीपत जिले के जठेड़ी गाँव के मूल निवासी काला जठेड़ी के खिलाफ दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में हत्या, रंगदारी, फिरौती और ज़मीन कब्जाने सहित 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। यह ऐसे समय में आया है जब कई राज्यों में संगठित अपराध पर नकेल कसने के प्रयास तेज़ हैं और गैंगस्टरों को दी जाने वाली अदालती सुविधाओं पर सार्वजनिक बहस जारी है।

अदालत के मानवीय दृष्टिकोण और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच, काला जठेड़ी 20 सितंबर को परिवार के साथ यह धार्मिक अनुष्ठान पूरा करेगा — और शाम तक वापस जेल की सलाखों के पीछे होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर नवजात बच्चों से मुलाकात के लिए, और अब धार्मिक रस्म के लिए। हर बार मानवीय आधार का तर्क वैध भी है और विचारणीय भी — लेकिन सवाल यह उठता है कि 30 से अधिक गंभीर मामलों में आरोपी एक कुख्यात गैंगस्टर के लिए ऐसी सुविधाएँ क्या एक मिसाल बनाती हैं। अदालतें निस्संदेह मानवाधिकारों की संरक्षक हैं, पर जब सुरक्षा व्यवस्था पर भारी खर्च और कई पुलिस बलों की तैनाती बार-बार करनी पड़े, तो इस प्रणाली की व्यावहारिकता और समानता पर सार्वजनिक विमर्श होना ज़रूरी है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काला जठेड़ी को कस्टडी पैरोल क्यों दी गई?
द्वारका कोर्ट ने मानवीय आधार पर काला जठेड़ी को 7 घंटे की कस्टडी पैरोल दी है ताकि वह 20 सितंबर 2026 को अपनी जुड़वां बेटियों से जुड़े धार्मिक समारोहों में शामिल हो सके। बेटियों का जन्म आईवीएफ प्रक्रिया द्वारा हुआ था।
काला जठेड़ी की पैरोल की शर्तें क्या हैं?
काला जठेड़ी सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक — यानी कुल 7 घंटे — पुलिस हिरासत में रहेगा। दिल्ली पुलिस और हरियाणा पुलिस दोनों को सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं और निर्धारित समय के बाद उसे वापस जेल लाया जाएगा।
काला जठेड़ी पर कितने और किन मामलों में आरोप हैं?
काला जठेड़ी पर दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान में हत्या, रंगदारी, फिरौती और ज़मीन कब्जाने सहित 30 से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह फिलहाल दिल्ली की सेंट्रल जेल में बंद है।
काला जठेड़ी को पहले भी कस्टडी पैरोल मिली है?
हाँ, इससे पहले 30 जून 2026 को रोहिणी कोर्ट ने उसे पत्नी और नवजात जुड़वां बेटियों से मुलाकात के लिए 4 घंटे की पैरोल दी थी। इससे भी पहले 12 मार्च 2024 को अनुराधा चौधरी से शादी में शामिल होने के लिए भी उसे अदालत से पैरोल मिली थी।
काला जठेड़ी की पत्नी कौन हैं?
काला जठेड़ी की पत्नी का नाम अनुराधा चौधरी है, जिन्हें 'लेडी डॉन' के नाम से भी जाना जाता है। उन्होंने आईवीएफ प्रक्रिया के माध्यम से जुड़वां बेटियों को जन्म दिया था और प्रसव के दौरान स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण सी-सेक्शन की ज़रूरत पड़ी थी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 महीने पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले