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काला जठेड़ी गैंग के नाम पर दिल्ली कारोबारी से रंगदारी: दो गिरफ्तार, असली गैंग से कोई नाता नहीं

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काला जठेड़ी गैंग के नाम पर दिल्ली कारोबारी से रंगदारी: दो गिरफ्तार, असली गैंग से कोई नाता नहीं

सारांश

काला जठेड़ी गैंग का नाम — बिना उससे किसी नाते के। दो आरोपियों ने विदेशी नंबरों से व्हाट्सएप कॉल कर एक कारोबारी को जान से मारने की धमकी दी और ₹2.95 करोड़ के विवाद की आड़ में रंगदारी माँगी। दिल्ली पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस से दोनों को दबोचा।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस की नॉर्थ-वेस्ट जिला इकाई ने काला जठेड़ी गैंग का नाम इस्तेमाल कर रंगदारी माँगने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पीड़ित रोहित जैन , बवाना सेक्टर-5 के प्लास्टिक ग्लू टेप कारोबारी, का आरोपी साहिल गर्ग के साथ ₹2 करोड़ 95 लाख के लेन-देन का विवाद था।
आरोपियों ने अंतरराष्ट्रीय नंबरों से व्हाट्सएप कॉल के ज़रिए हत्या की धमकी दी।
पूछताछ में दोनों ने माना कि उनका काला जठेड़ी गैंग से कोई वास्तविक संबंध नहीं था।
पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए; जाँच जारी है।

दिल्ली पुलिस की नॉर्थ-वेस्ट जिला इकाई ने काला जठेड़ी गैंग का नाम इस्तेमाल कर एक कारोबारी को जान से मारने की धमकी देते हुए रंगदारी माँगने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी अंतरराष्ट्रीय नंबरों से व्हाट्सएप कॉल के ज़रिए धमकियाँ दे रहे थे, जबकि पूछताछ में खुद स्वीकार किया कि उनका किसी भी गैंग से कोई वास्तविक संबंध नहीं था।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला आदर्श नगर क्षेत्र के कारोबारी रोहित जैन से जुड़ा है, जो बवाना सेक्टर-5 में प्लास्टिक ग्लू टेप निर्माण का व्यवसाय संचालित करते हैं। रिपोर्टों के अनुसार, रोहित जैन का हरियाणा के यमुनानगर निवासी साहिल गर्ग के साथ करीब ₹2 करोड़ 95 लाख के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद की आड़ में आरोपियों ने उन्हें निशाना बनाया।

धमकी का तरीका

आरोपियों ने विदेशी नंबरों से व्हाट्सएप कॉल कर खुद को कुख्यात काला जठेड़ी गैंग का सदस्य बताया और रकम न देने पर हत्या की धमकी दी। यह तरीका उन मामलों से मेल खाता है जहाँ अपराधी बड़े गैंग के नाम का दुरुपयोग कर आसान वसूली का प्रयास करते हैं — बिना उस गैंग से किसी वास्तविक जुड़ाव के।

पुलिस की कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद आदर्श नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। डीसीपी आकांक्षा यादव के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। जाँच में सामने आया कि दोनों आरोपी करनाल, जगाधरी, यमुनानगर और चंडीगढ़ क्षेत्रों में लगातार आवाजाही कर रहे थे। कई स्थानों पर छापेमारी के बाद पहले राजन कालरा को गिरफ्तार किया गया और उसकी निशानदेही पर साहिल गर्ग को भी पकड़ा गया।

आरोपियों का खुलासा

पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उनका काला जठेड़ी गैंग से कोई संबंध नहीं है — उन्होंने महज़ उस गैंग का नाम इस्तेमाल कर कारोबारी पर मनोवैज्ञानिक दबाव बनाने की कोशिश की। पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए, जिनका उपयोग धमकी भरी कॉल और रंगदारी माँगने के लिए किया जा रहा था। राजन कालरा यमुनानगर का कारोबारी है, जबकि साहिल गर्ग मेडिकल उपकरणों के व्यापार से जुड़ा है।

आगे की जाँच

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे षड्यंत्र में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं। गौरतलब है कि दिल्ली-एनसीआर में गैंग के नाम पर फर्जी रंगदारी के मामले पिछले कुछ वर्षों में बढ़े हैं, जहाँ कारोबारियों को असली गैंगस्टरों का भय दिखाकर ठगा जाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि अंतरराष्ट्रीय नंबरों के दुरुपयोग को रोकने के लिए दूरसंचार एजेंसियों के साथ समन्वय कितना प्रभावी है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काला जठेड़ी गैंग के नाम पर दिल्ली में रंगदारी का मामला क्या है?
दिल्ली के आदर्श नगर क्षेत्र के कारोबारी रोहित जैन को अंतरराष्ट्रीय नंबरों से व्हाट्सएप कॉल कर खुद को काला जठेड़ी गैंग का सदस्य बताने वाले लोगों ने रंगदारी माँगी और हत्या की धमकी दी। पुलिस ने जाँच में पाया कि आरोपियों का उस गैंग से कोई वास्तविक संबंध नहीं था।
गिरफ्तार आरोपी कौन हैं?
गिरफ्तार आरोपियों में राजन कालरा (यमुनानगर का कारोबारी) और साहिल गर्ग (मेडिकल उपकरण व्यापारी, यमुनानगर) शामिल हैं। साहिल गर्ग का पीड़ित कारोबारी के साथ ₹2 करोड़ 95 लाख के लेन-देन का विवाद भी चल रहा था।
दिल्ली पुलिस ने आरोपियों को कैसे पकड़ा?
डीसीपी आकांक्षा यादव के निर्देशन में गठित विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की। पुलिस ने करनाल, जगाधरी, यमुनानगर और चंडीगढ़ में छापेमारी कर पहले राजन कालरा और फिर उसकी निशानदेही पर साहिल गर्ग को गिरफ्तार किया।
आरोपियों के पास से क्या बरामद हुआ?
पुलिस ने आरोपियों के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए, जिनका इस्तेमाल धमकी भरी कॉल करने और रंगदारी माँगने के लिए किया जा रहा था।
क्या आरोपियों का काला जठेड़ी गैंग से सच में कोई संबंध था?
नहीं। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने खुद स्वीकार किया कि उनका काला जठेड़ी गैंग से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने केवल उस गैंग का नाम इस्तेमाल कर कारोबारी को डराने और दबाव बनाने की कोशिश की थी।
राष्ट्र प्रेस
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