दिल्ली: ₹2 करोड़ रंगदारी मामले में नंदू गैंग का वांछित सदस्य 'कप्तान' गिरफ्तार, दीनपुर में जाल बिछाकर दबोचा

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दिल्ली: ₹2 करोड़ रंगदारी मामले में नंदू गैंग का वांछित सदस्य 'कप्तान' गिरफ्तार, दीनपुर में जाल बिछाकर दबोचा

सारांश

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ₹2 करोड़ की रंगदारी मामले में नंदू गैंग के वांछित सदस्य 'कप्तान' को दीनपुर में जाल बिछाकर गिरफ्तार किया। आरोपी हथियार सप्लायर की भूमिका में था और पीड़ित के घर पर गोलीबारी की साजिश में शामिल था। हत्या समेत कई जघन्य मामलों में वांछित यह अपराधी बार-बार ठिकाना बदलकर बच रहा था।

Key Takeaways

दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 1 मई 2026 को दीनपुर क्षेत्र में जाल बिछाकर नंदू गैंग के वांछित सदस्य 'कप्तान' को गिरफ्तार किया। मामला 29 अगस्त 2025 को दर्ज हुआ था, जब गैंग ने एक व्यक्ति से ₹2 करोड़ की रंगदारी माँगी और जान से मारने की धमकी दी। आरोपी कप्तान ने पीड़ित के घर पर गोलीबारी की साजिश में हथियार सप्लायर की अहम भूमिका निभाई। इससे पहले आरोपी जतिन और कार्तिक त्यागी उर्फ अंतिल को गिरफ्तार किया जा चुका था; अंतिल की निशानदेही पर अवैध हथियार बरामद हुआ था। इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में पाँच सदस्यीय विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी से कप्तान को दबोचा।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ₹2 करोड़ की रंगदारी मांगने के एक हाई-प्रोफाइल मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। कुख्यात गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग के मुख्य और वांछित सदस्य 'कप्तान' को 1 मई 2026 को दिल्ली के दीनपुर क्षेत्र में विशेष अभियान चलाकर गिरफ्तार किया गया। यह गिरफ्तारी उस मामले में हुई है जिसमें गैंग ने एक व्यक्ति को व्हाट्सऐप पर धमकी भरे संदेश भेजकर जान से मारने की धमकी दी थी और उसके घर पर गोलीबारी की साजिश रची थी।

मामले की पृष्ठभूमि

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू ने एक व्यक्ति से ₹2 करोड़ की रंगदारी माँगी थी। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने 29 अगस्त 2025 को मामला दर्ज किया। जब पीड़ित ने माँग मानने से इनकार कर दिया, तो गैंग के सदस्यों ने उसके घर की रेकी की और डराने-धमकाने के लिए वीडियो फुटेज तैयार किए।

शिकायतकर्ता को एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप पर एक वीडियो और धमकी भरा संदेश भेजा गया, जिसमें उसे और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी देते हुए ₹2 करोड़ की रंगदारी माँगी गई थी।

जाँच में हुए खुलासे

जाँच के दौरान एक पीसीआर कॉल से सूचना मिली कि दो अज्ञात व्यक्ति मोटरसाइकिल पर शिकायतकर्ता के घर की रेकी कर रहे हैं। पुलिस ने आरोपी जतिन को पकड़ा, जिसने सह-आरोपी देवा और गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू की संलिप्तता का खुलासा किया।

जाँच में यह भी सामने आया कि रेकी के बाद वांछित कप्तान की ओर से अवैध हथियार सप्लाई किए जाने के बाद पीड़ित के घर पर गोलीबारी करने की योजना थी। आरोपी कार्तिक त्यागी उर्फ अंतिल समेत अन्य आरोपी भी इस साजिश में शामिल पाए गए। कार्तिक त्यागी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर एक अवैध हथियार बरामद किया गया, लेकिन उस समय कप्तान फरार हो गया था।

कप्तान की गिरफ्तारी कैसे हुई

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि 1 मई को क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली कि वांछित कप्तान दिल्ली के दीनपुर क्षेत्र में आने वाला है। इस सूचना पर इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसमें चार अन्य पुलिसकर्मी भी शामिल थे।

टीम ने तकनीकी निगरानी के ज़रिए आरोपी की लोकेशन का पता लगाया और दीनपुर में जाल बिछाकर कप्तान को दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, कप्तान इस पूरी साजिश में हथियार सप्लायर और मददगार की अहम भूमिका में था।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि कप्तान एक आदतन अपराधी है और दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, हथियारों के बल पर लूट और आर्म्स एक्ट समेत कई जघन्य आपराधिक मामलों में वांछित था। अपराध करने के बाद वह बार-बार अपने ठिकाने बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा था।

आगे की कार्रवाई

पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की जाँच जारी है और गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। यह गिरफ्तारी दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय संगठित अपराध गिरोहों के खिलाफ क्राइम ब्रांच के अभियान की एक महत्वपूर्ण कड़ी मानी जा रही है।

Point of View

लेकिन असली सवाल यह है कि मुख्य गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू अब भी फरार है। दिल्ली-एनसीआर में संगठित अपराध गिरोहों की जड़ें उखाड़ने के लिए सहयोगियों की गिरफ्तारी पर्याप्त नहीं — जब तक सरगना पकड़ा नहीं जाता, गैंग का नेटवर्क सक्रिय रहता है। यह मामला यह भी उजागर करता है कि व्हाट्सऐप जैसे माध्यमों से दी जाने वाली धमकियाँ और डिजिटल रेकी अब संगठित अपराध का नया हथियार बन चुकी हैं, जिससे निपटने के लिए साइबर-अपराध और क्राइम ब्रांच के बीच बेहतर समन्वय की ज़रूरत है।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

नंदू गैंग का 'कप्तान' कौन है और उसे क्यों गिरफ्तार किया गया?
'कप्तान' कुख्यात गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू गैंग का एक मुख्य और वांछित सदस्य है। उसे ₹2 करोड़ की रंगदारी मामले में हथियार सप्लायर और गोलीबारी की साजिश में मददगार की भूमिका के चलते दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 1 मई 2026 को दीनपुर क्षेत्र से गिरफ्तार किया।
दिल्ली में ₹2 करोड़ रंगदारी का यह मामला क्या है?
यह मामला 29 अगस्त 2025 को दर्ज हुआ था, जब नंदू गैंग ने एक व्यक्ति को व्हाट्सऐप पर धमकी भरा वीडियो और संदेश भेजकर ₹2 करोड़ की रंगदारी माँगी और जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के मना करने पर गैंग ने उसके घर की रेकी की और गोलीबारी की साजिश रची।
इस मामले में अब तक कितने आरोपी गिरफ्तार हुए हैं?
अब तक इस मामले में जतिन, कार्तिक त्यागी उर्फ अंतिल और कप्तान को गिरफ्तार किया जा चुका है। कार्तिक त्यागी की निशानदेही पर एक अवैध हथियार भी बरामद किया गया है। मुख्य गैंगस्टर कपिल सांगवान उर्फ नंदू अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
कप्तान को कैसे पकड़ा गया?
1 मई को क्राइम ब्रांच को गुप्त सूचना मिली कि कप्तान दिल्ली के दीनपुर क्षेत्र में आने वाला है। इंस्पेक्टर सतीश मलिक के नेतृत्व में पाँच सदस्यीय विशेष टीम ने तकनीकी निगरानी से उसकी लोकेशन का पता लगाया और दीनपुर में जाल बिछाकर उसे गिरफ्तार किया।
कप्तान के खिलाफ पहले से कौन-से आपराधिक मामले दर्ज हैं?
पुलिस के अनुसार कप्तान दिल्ली-एनसीआर में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, हथियारों के बल पर लूट और आर्म्स एक्ट समेत कई जघन्य आपराधिक मामलों में वांछित था। वह बार-बार ठिकाना बदलकर गिरफ्तारी से बचता रहा था।
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