अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़: 4 गिरफ्तार, 7 पिस्तौल बरामद
सारांश
Key Takeaways
अमृतसर की कमिश्नरेट पुलिस ने 3 मई 2025 को अंतरराष्ट्रीय हथियार तस्करी के एक सुनियोजित मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से सात अत्याधुनिक पिस्तौल बरामद कीं। पंजाब पुलिस के डीजीपी कार्यालय के अनुसार, यह नेटवर्क पाकिस्तान में बैठे तस्करों के साथ सोशल मीडिया के जरिए समन्वय कर पंजाब के आपराधिक गिरोहों तक हथियार पहुँचाने का काम करता था।
बरामद हथियारों का विवरण
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से जो हथियार जब्त किए, उनमें 2 ग्लॉक 9एमएम पिस्तौल (ऑस्ट्रिया निर्मित), .30 बोर की चार पिस्तौल (चीन निर्मित) और .30 बोर की एक अन्य पिस्तौल शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, ये सभी हथियार अत्याधुनिक श्रेणी के हैं और इनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता था।
तस्करी नेटवर्क कैसे काम करता था
प्रारंभिक जाँच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी पाकिस्तान में बैठे हथियार तस्करों के सीधे संपर्क में थे। यह संपर्क सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से स्थापित किया गया था। आरोपी सीमा पार से अवैध हथियारों की खेप मंगवाते थे और उन्हें पंजाब में सक्रिय संगठित आपराधिक गिरोहों तक पहुँचाते थे। यह ऐसे समय में आया है जब पंजाब में सीमा पार हथियार तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं।
कानूनी कार्रवाई
इस मामले में अमृतसर के थाना कैंटोनमेंट में आर्म्स एक्ट के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जाँच तेज़ी से आगे बढ़ाई जा रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने की उम्मीद है।
पुलिस की 'जीरो टॉलरेंस' नीति
पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि राज्य में अवैध हथियारों, सीमा पार तस्करी और संगठित अपराध के विरुद्ध 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। गौरतलब है कि यह पंजाब पुलिस द्वारा हाल के महीनों में उजागर किए गए कई हथियार तस्करी मॉड्यूल में से एक है, जो राज्य में सीमा पार अपराध के बढ़ते खतरे को रेखांकित करता है। पुलिस का कहना है कि ऐसे नेटवर्क को जड़ से समाप्त करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है।
आगे की जाँच
पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जाँच कर रही है ताकि इसके आगे और पीछे के सभी संपर्कों का पता लगाया जा सके। जाँचकर्ताओं के अनुसार, इस मॉड्यूल में और भी सदस्य शामिल हो सकते हैं जिनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। आने वाले दिनों में इस मामले में और गिरफ्तारियाँ संभव हैं।