हैदराबाद-साइबराबाद में ड्रंक ड्राइविंग अभियान: 700 से अधिक गिरफ्तार, BAC 550 mg/100 mL तक पाया गया
सारांश
Key Takeaways
हैदराबाद और साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने 1 और 2 मई 2026 को वीकेंड पर चलाए गए विशेष अभियान में नशे में वाहन चलाने वाले 700 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। दोनों शहरों की संयुक्त कार्रवाई में हैदराबाद से 445 और साइबराबाद से 283 चालकों को पकड़ा गया, जिनमें दोपहिया से लेकर भारी वाहन चालक तक शामिल हैं।
हैदराबाद में कार्रवाई का विवरण
हैदराबाद ट्रैफिक पुलिस ने 1 और 2 मई को दो दिवसीय अभियान में 445 चालकों को नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पकड़ा। इनमें 371 दोपहिया वाहन चालक, 26 तीनपहिया चालक और 48 चारपहिया व अन्य वाहन चालक शामिल हैं।
जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (ट्रैफिक) के अनुसार, आरोपियों को उनके ब्लड अल्कोहल कंसंट्रेशन (BAC) स्तर के आधार पर वर्गीकृत किया गया — 99 मामलों में BAC 30–50 mg/100 mL, 173 मामलों में 51–100, 100 मामलों में 101–150, 42 मामलों में 151–200, 11 मामलों में 201–250, 12 मामलों में 251–300 और 8 मामलों में 300 mg/100 mL से अधिक दर्ज किया गया।
साइबराबाद में पकड़े गए 283 चालक
साइबराबाद ट्रैफिक पुलिस ने उसी वीकेंड पर 283 लोगों को नशे में वाहन चलाते हुए पकड़ा। इनमें 227 दोपहिया चालक, 9 तीनपहिया चालक, 39 चारपहिया चालक और 8 भारी वाहन चालक शामिल हैं।
साइबराबाद पुलिस के अनुसार, 222 लोगों का BAC स्तर 36 से 200 mg/100 mL के बीच था, 33 लोगों का 201 से 300 mg/100 mL और 28 लोगों का BAC 301 से 550 mg/100 mL तक पाया गया — जो कानूनी सीमा से कई गुना अधिक है।
कानूनी कार्रवाई और सज़ा का प्रावधान
एडिशनल कमिश्नर ऑफ पुलिस जी. हनमंथा राव ने कहा कि नशे में वाहन चलाना एक गंभीर अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कोई चालक नशे की हालत में किसी की मृत्यु का कारण बनता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 105 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा, जिसमें अधिकतम 10 वर्ष की सज़ा और जुर्माने का प्रावधान है।
गौरतलब है कि 27 अप्रैल से 2 मई के बीच 160 मामलों का निपटारा कोर्ट में किया गया। इनमें 12 लोगों को जुर्माने के साथ सामाजिक सेवा का आदेश दिया गया, जबकि 148 लोगों पर केवल जुर्माना लगाया गया। सभी नए आरोपियों को भी कोर्ट में पेश किया जाएगा।
जीरो टॉलरेंस नीति और आगे की राह
ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि ड्रंक ड्राइविंग के मामलों में 'जीरो टॉलरेंस' नीति लागू है और यह अभियान निरंतर जारी रहेगा। यह ऐसे समय में आया है जब वीकेंड पर सड़क दुर्घटनाओं में नशे की भूमिका को लेकर देशभर में चिंता बढ़ रही है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे यातायात नियमों का पालन करें और सुरक्षित ड्राइविंग को प्राथमिकता दें।