अमरावती पर YSRCP का आरोप: नायडू और सहयोगियों के लिए 'सोने का अंडा देने वाली मुर्गी' बनी राजधानी, ₹20,489 प्रति वर्ग फुट पर उठे सवाल

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अमरावती पर YSRCP का आरोप: नायडू और सहयोगियों के लिए 'सोने का अंडा देने वाली मुर्गी' बनी राजधानी, ₹20,489 प्रति वर्ग फुट पर उठे सवाल

सारांश

YSRCP ने अमरावती में ₹20,489 प्रति वर्ग फुट की कथित निर्माण दर को लेकर CM नायडू पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए — सामान्य दर से चार गुना से भी अधिक। पूर्व मंत्री गोवर्धन रेड्डी ने राजधानी को नायडू और सहयोगियों की 'सोने की मुर्गी' बताया, जबकि आम जनता बुनियादी सुविधाओं से वंचित है।

Key Takeaways

YSRCP ने 3 मई को CM चंद्रबाबू नायडू पर अमरावती निर्माण में वित्तीय अनियमितता के आरोप लगाए। पूर्व मंत्री काकानी गोवर्धन रेड्डी ने दावा किया कि निर्माण दर ₹20,489 प्रति वर्ग फुट है, जबकि सामान्य दर करीब ₹4,500 प्रति वर्ग फुट होती है। YSRCP ने आरोप लगाया कि ठेके नायडू के पिछले कार्यकाल की उन्हीं कंपनियों को दिए गए और दरें सुनियोजित ढंग से बढ़ाई गईं। विवाद TDP द्वारा YSRCP को 'कुल्हाड़ी पार्टी' कहे जाने के बाद शुरू हुआ। YSRCP ने दावा किया कि 'महानाडु' सम्मेलन का आगामी चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

वाईएसआर कांग्रेस पार्टी (YSRCP) ने रविवार, 3 मई को आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू पर तीखे आरोप लगाते हुए कहा कि राजधानी अमरावती उनके और उनके करीबी सहयोगियों के लिए 'सोने का अंडा देने वाली मुर्गी' बन गई है। पार्टी ने निर्माण कार्यों में ₹20,489 रुपये प्रति वर्ग फुट की कथित असामान्य दर को लेकर सरकार पर वित्तीय अनियमितता के गंभीर आरोप लगाए।

विवाद की पृष्ठभूमि

विवाद तब भड़का जब मुख्यमंत्री नायडू और तेलुगु देशम पार्टी (TDP) के नेताओं ने YSRCP को 'कुल्हाड़ी पार्टी' करार दिया। इस पर पलटवार करते हुए पूर्व मंत्री काकानी गोवर्धन रेड्डी ने नेल्लोर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि असली 'कुदाल' (क्रोबार) तो स्वयं चंद्रबाबू नायडू हैं, जो राज्य की संपत्ति को अपने और अपने करीबियों के हित में खोद रहे हैं।

निर्माण लागत पर गंभीर आरोप

गोवर्धन रेड्डी ने आरोप लगाया कि अमरावती में निर्माण कार्यों के लिए ₹20,489 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से भुगतान किया जा रहा है, जबकि उनके अनुसार सामान्य बाज़ार दर करीब ₹4,500 रुपये प्रति वर्ग फुट होती है। उन्होंने दावा किया कि तेलंगाना सचिवालय और संसद भवन जैसे बड़े राष्ट्रीय परियोजनाएँ भी इस खर्च की तुलना में बहुत कम लागत में पूरी हुई हैं, जो कथित भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ठेके उन्हीं कंपनियों को दिए गए जिन्हें नायडू के पिछले कार्यकाल में भी काम मिला था, और इन दरों को सुनियोजित ढंग से कई गुना बढ़ाया गया। गौरतलब है कि ये आरोप अभी तक न्यायिक या स्वतंत्र जाँच से प्रमाणित नहीं हुए हैं।

जनकल्याण की उपेक्षा का आरोप

YSRCP नेता ने कहा कि एक तरफ सरकार बढ़े हुए ठेकों के ज़रिए भारी रकम निकाल रही है, वहीं दूसरी तरफ आम जनता को स्वास्थ्य, शिक्षा और चिकित्सा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों, महिलाओं और युवाओं के साथ भी वादाखिलाफी की गई है।

नायडू के राजनीतिक सफर पर सवाल

गोवर्धन रेड्डी ने चंद्रबाबू नायडू के राजनीतिक इतिहास पर भी निशाना साधा और कहा कि उन्होंने TDP और मुख्यमंत्री पद पार्टी के संस्थापक एनटीआर से छीना था, और तब से वे अपने राजनीतिक हितों के लिए लगातार रंग बदलते रहे हैं। उन्होंने नेल्लोर में आयोजित 'महानाडु' सम्मेलन को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि इसका आगामी चुनावों पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

आगे क्या होगा

YSRCP ने दावा किया कि जनता ने पार्टी को फिर से जीत दिलाने का मन बना लिया है, क्योंकि लोग समझ चुके हैं कि उनके साथ एक बार फिर धोखा हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब आंध्र प्रदेश में अगले चुनावों की तैयारियाँ तेज हो रही हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन तथा विपक्ष दोनों अपनी-अपनी स्थिति मज़बूत करने में जुटे हैं।

Point of View

लेकिन इनकी विश्वसनीयता तब तक सीमित रहेगी जब तक स्वतंत्र ऑडिट या न्यायिक जाँच इन्हें प्रमाणित न करे। ₹20,489 प्रति वर्ग फुट की दर यदि सत्य है, तो यह निश्चित रूप से असाधारण है और जाँच की माँग करती है — लेकिन यह भी याद रखना होगा कि YSRCP स्वयं अपने शासनकाल में भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों से घिरी रही है। आंध्र प्रदेश की राजनीति में विपक्ष और सत्ता पक्ष दोनों ने बारी-बारी से एक-दूसरे पर ऐसे आरोप लगाए हैं, जो अक्सर चुनावी मौसम में तेज़ हो जाते हैं। असली सवाल यह है कि क्या कोई स्वतंत्र संस्था इन दावों की जाँच करेगी — या यह भी बयानबाज़ी की उस लंबी परंपरा का हिस्सा बनकर रह जाएगा।
NationPress
03/05/2026

Frequently Asked Questions

YSRCP ने अमरावती निर्माण पर क्या आरोप लगाए हैं?
YSRCP के पूर्व मंत्री काकानी गोवर्धन रेड्डी ने आरोप लगाया कि अमरावती में निर्माण कार्यों के लिए ₹20,489 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से भुगतान किया जा रहा है, जबकि सामान्य बाज़ार दर करीब ₹4,500 रुपये प्रति वर्ग फुट है। उन्होंने इसे CM नायडू और उनके सहयोगियों के पक्ष में सुनियोजित वित्तीय अनियमितता बताया।
'कुल्हाड़ी पार्टी' विवाद क्या है?
TDP और CM चंद्रबाबू नायडू ने YSRCP को 'कुल्हाड़ी पार्टी' कहा, जिस पर YSRCP ने पलटवार करते हुए नायडू को ही असली 'कुदाल' बताया जो राज्य की संपत्ति खोद रहे हैं। यह विवाद आंध्र प्रदेश में बढ़ती राजनीतिक तल्खी का हिस्सा है।
काकानी गोवर्धन रेड्डी कौन हैं?
काकानी गोवर्धन रेड्डी YSRCP के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री हैं। उन्होंने नेल्लोर में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर CM नायडू और TDP सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए।
YSRCP के आरोपों का चुनावी असर क्या होगा?
YSRCP ने दावा किया है कि 'महानाडु' सम्मेलन और TDP की रणनीति का आगामी चुनावों पर कोई खास असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि जनता ने YSRCP को फिर से जीत दिलाने का मन बना लिया है। हालाँकि, यह दावा पार्टी का अपना आकलन है और चुनावी परिणाम ही इसकी पुष्टि करेंगे।
अमरावती निर्माण की तुलना अन्य परियोजनाओं से कैसे की गई?
YSRCP नेता ने दावा किया कि तेलंगाना सचिवालय और नई दिल्ली का संसद भवन जैसी बड़ी परियोजनाएँ भी अमरावती के कथित निर्माण खर्च की तुलना में बहुत कम लागत में पूरी हुई हैं। यह तुलना कथित भ्रष्टाचार को उजागर करने के लिए की गई, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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