दिल्ली पुलिस ने 26 साल पुराना हत्या-लूट केस सुलझाया, मुख्य आरोपी बिहार के समस्तीपुर से गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
दिल्ली पुलिस ने मुखर्जी नगर इलाके के 26 साल पुराने एक हत्या-सह-लूट मामले का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी नरेश मुखिया उर्फ नागेश्वर मुखिया को 2 मई 2026 को बिहार के समस्तीपुर जिले से गिरफ्तार किया। यह मामला वर्ष 2000 में दर्ज हुआ था, जब मुखर्जी नगर में महिला आशा छाबड़ा की बेरहमी से हत्या कर उनके घर से 8 लाख रुपये नकद और अन्य कीमती सामान लूट लिया गया था। अदालत द्वारा 'घोषित अपराधी' करार दिए जा चुके इस आरोपी को पुलिस की विशेष टीम ने तकनीकी सर्विलांस और स्थानीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर दबोचा।
मुख्य घटनाक्रम: कैसे हुई थी हत्या
नरेश मुखिया उस समय मुखर्जी नगर की उसी इमारत में काम करता था जहाँ आशा छाबड़ा दूसरी मंजिल पर रहती थीं। पुलिस के अनुसार, आरोपी को यह जानकारी मिली थी कि महिला ने अपना मकान बेचकर करीब 35 से 40 लाख रुपये नकद घर में रखे हुए हैं।
इसी लालच में जनवरी 2000 में आरोपी अपने साथियों के साथ मौके पर पहुँचा। घर का दरवाजा खुला मिलने पर वह चुपचाप अंदर घुसा और अलमारी खोलने लगा। तभी आशा छाबड़ा वहाँ आ गईं और शोर मचाया। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें पकड़कर फोन के तार से गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी और अलमारी से 8 लाख रुपये व अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए।
26 साल तक कैसे बचता रहा आरोपी
हत्या के बाद नरेश मुखिया ने लगातार अपनी लोकेशन बदलती रही। पुलिस के अनुसार, वह पहले सिलिगुड़ी, फिर कोलकाता, उसके बाद अहमदाबाद में रहा और अंततः अपने गृह जिले बिहार के समस्तीपुर में लौट आया। गिरफ्तारी के समय वह समस्तीपुर के सिंघिया थाना क्षेत्र के ममूरपुर गाँव में एक छोटी किराना दुकान चला रहा था। जाँच में यह भी सामने आया कि उसने पहचान छुपाने की पूरी कोशिश की और शराब का आदी हो गया था।
विशेष टीम की भूमिका और गिरफ्तारी
हाल ही में इंस्पेक्टर पुखराज सिंह के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने इस पुराने केस को फिर से खंगालना शुरू किया। एएसआई प्रदीप और हेड कांस्टेबल नरेंद्र की खुफिया सूचनाओं के आधार पर टीम ने तकनीकी सर्विलांस से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की।
2 मई 2026 को एक संयुक्त टीम — जिसमें एसआई निरंजन, एएसआई पवन, हेड कांस्टेबल सचिन, मुकेश, विक्रांत और कांस्टेबल मनोज शामिल थे — ने ममूरपुर गाँव में छापा मारकर नरेश मुखिया को सफलतापूर्वक गिरफ्तार किया। गौरतलब है कि यह मामला इतना पुराना था कि कई लोगों को उम्मीद छोड़ देने पर मजबूर होना पड़ा था।
आम जनता और पीड़ित परिवार पर असर
यह गिरफ्तारी न केवल पीड़ित परिवार के लिए न्याय की उम्मीद लेकर आई है, बल्कि यह भी साबित करती है कि दीर्घकालिक अपराध मामलों में तकनीकी जाँच और लगातार प्रयास अंततः परिणाम दे सकते हैं। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली पुलिस पुराने अनसुलझे मामलों की समीक्षा अभियान चला रही है।
आगे क्या होगा
गिरफ्तार नरेश मुखिया को नई दिल्ली लाया जाएगा और उचित न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस अब उसके उन साथियों की तलाश में जुटी है जो इस हत्या-लूट में शामिल थे। मामले की आगे की जाँच जारी है।