रांची में गैंगस्टर प्रिंस खान और राहुल सिंह की रंगदारी धमकियाँ जारी, कारोबारियों में भय का माहौल
सारांश
मुख्य बातें
रांची के कारोबारी जगत में इन दिनों खौफ का साया है। कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान और राहुल सिंह के गिरोहों द्वारा शहर के होटल व्यवसायियों, सर्राफा व्यापारियों, दवा विक्रेताओं और बिल्डरों को रंगदारी के लिए लगातार धमकी भरे कॉल किए जा रहे हैं। 8 जुलाई तक सामने आए ताज़ा मामलों ने पुलिस और व्यापारिक संगठनों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
ताज़ा मामला: बरियातू के रियल एस्टेट कारोबारी को धमकी
सबसे ताज़ा घटना बरियातू थाना क्षेत्र की है, जहाँ रानी बागान निवासी रियल एस्टेट कारोबारी बिजेंद्र सिंह को प्रिंस खान के नाम पर ₹1 करोड़ की रंगदारी माँगी गई। पीड़ित के अनुसार, उन्हें सबसे पहले मंगलवार को व्हाट्सऐप संदेश मिला, जिसमें भेजने वाले ने खुद को प्रिंस खान बताते हुए रकम न देने पर हत्या की धमकी दी।
जब बिजेंद्र सिंह शिकायत दर्ज कराने बरियातू थाने पहुँचे और थाना प्रभारी को जानकारी दे रहे थे, उसी दौरान उनके फोन पर दोबारा व्हाट्सऐप कॉल आई। फोन करने वाले ने एक सप्ताह के भीतर पूरी रकम पहुँचाने की माँग करते हुए गंभीर परिणाम भुगतने की चेतावनी दी।
कारोबारी ने पुलिस को बताया कि अपराधियों ने उनके घर के सदस्यों की आवाजाही और उनकी गाड़ियों की पूरी जानकारी व्हाट्सऐप पर भेजी, जो स्पष्ट करती है कि पहले से बाकायदा रेकी कराई गई थी।
पिछले छह महीनों की घटनाओं का सिलसिला
रांची में रंगदारी की यह वारदातें किसी एक घटना तक सीमित नहीं हैं। जनवरी में एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित टीटोस रेस्टोरेंट के संचालक से ₹1 करोड़ की रंगदारी माँगी गई थी। रकम न मिलने पर अपराधियों ने रेस्टोरेंट में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की, जिसमें एक कर्मचारी की जान चली गई।
मार्च में अल्बर्ट एक्का चौक स्थित जय हिंद फार्मा के संचालक को ₹1 करोड़ की धमकी मिली। जून की शुरुआत में होटल जलजोगा के संचालक मिहिर घोष से ₹50 लाख और होटल कैपिटल हिल के संचालक संजय भाटिया से ₹1 करोड़ की माँग की गई। इसके तुरंत बाद पॉल ज्वेलर्स के संचालक और हटिया क्षेत्र के एक अन्य कारोबारी से ₹5-5 करोड़ की भारी रंगदारी माँगी गई।
जून के आखिरी सप्ताह में कारोबारी उमाशंकर सिंह को दुबई के एक अंतरराष्ट्रीय नंबर से ₹5 करोड़ की माँग की गई। अपराधी उनके प्रतिष्ठान तक पहुँचे, उनकी लाइव तस्वीर खींचकर व्हाट्सऐप पर भेजी और लिखा कि 'जब मैं तुम्हारी फोटो खींच सकता हूँ तो क्या तुम्हारी हत्या नहीं कर सकता।'
अपराधियों की तकनीक: विदेशी नंबर, VPN और इंटरनेट कॉल
पुलिस के अनुसार, इन सभी वारदातों में अपराधी विदेशी मोबाइल नंबरों, इंटरनेट कॉलिंग, व्हाट्सऐप कॉल और विभिन्न सोशल मीडिया अकाउंट्स का इस्तेमाल कर रहे हैं। वे अपनी पहचान छिपाने के लिए वर्चुअल प्रॉक्सी नेटवर्क और विदेशी गेटवे का सहारा ले रहे हैं, जिससे उनकी सटीक लोकेशन ट्रेस करना बेहद कठिन हो गया है।
व्यापारिक संगठनों की माँग: विशेष टास्क फोर्स
झारखंड के फेडरेशन ऑफ चैंबर ऑफ कॉमर्स सहित कई व्यापारिक संगठनों ने राज्य सरकार और पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात कर एक विशेष एंटी-एक्सटॉर्शन टास्क फोर्स के गठन की माँग की है। व्यापारियों का कहना है कि जब तक ठोस कार्रवाई नहीं होती, शहर में कारोबारी माहौल बुरी तरह प्रभावित रहेगा।
यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई पर पहले से ही सवाल उठ रहे हैं। आने वाले दिनों में पुलिस की प्रतिक्रिया और टास्क फोर्स के गठन पर सरकार का रुख इस मामले की दिशा तय करेगा।