21 जुलाई 2026
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बोकारो BMW प्लांट रंगदारी केस: पाकिस्तान से ऑपरेट करने वाले गैंगस्टर प्रिंस खान का गुर्गा गिरफ्तार

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बोकारो BMW प्लांट रंगदारी केस: पाकिस्तान से ऑपरेट करने वाले गैंगस्टर प्रिंस खान का गुर्गा गिरफ्तार

सारांश

पाकिस्तान से झारखंड में गैंग चला रहे कुख्यात गैंगस्टर प्रिंस खान का एक गुर्गा बोकारो में गिरफ्तार। आरोपी ने BMW प्लांट प्रबंधक को धमकी भरा पर्चा लिखा और बदले में ₹1.50 लाख पाए। इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस के बावजूद सीमा पार से गैंग का संचालन जारी है।

मुख्य बातें

बोकारो स्थित BMW प्लांट के प्रबंधक सुरेश कुमार सिंह ने 12 मार्च को रंगदारी और धमकी की शिकायत दर्ज कराई थी।
गिरफ्तार आरोपी राकेश कुमार (37 वर्ष) , सेक्टर-2सी बोकारो निवासी, को डुमरी के बेरमो मोड़ से पकड़ा गया।
आरोपी को इस काम के बदले प्रिंस खान की ओर से दो बैंक खातों में ₹1.50 लाख भेजे गए थे।
मोबाइल से व्हाट्सएप कॉल और चैट रिकॉर्ड सहित कई डिजिटल साक्ष्य बरामद हुए।
गैंगस्टर प्रिंस खान पाकिस्तान में है और उसके खिलाफ इंटरपोल रेड कॉर्नर नोटिस जारी है।
मामले की जांच एसआईटी कर रही है; अन्य संभावित गिरफ्तारियाँ संभव।

झारखंड के बोकारो जिले में स्थित BMW प्लांट के प्रबंधक को धमकी देकर रंगदारी माँगने के मामले में पुलिस ने गैंगस्टर प्रिंस खान गैंग के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सेक्टर-2सी, बोकारो निवासी 37 वर्षीय राकेश कुमार के रूप में हुई है, जिसे डुमरी क्षेत्र के बेरमो मोड़ से पकड़ा गया। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

मामले की पृष्ठभूमि

12 मार्च को बालीडीह ओपी क्षेत्र स्थित BMW प्लांट के प्रबंधक सुरेश कुमार सिंह ने औद्योगिक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, प्रिंस खान के नाम पर रंगदारी की माँग की गई थी और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गैंग के निर्देश पर अपने हस्तलेखन में धमकी भरा पर्चा तैयार कर कंपनी परिसर में छोड़ा था, जिसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।

एसआईटी जांच और डिजिटल साक्ष्य

मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर पुलिस राकेश कुमार तक पहुँची। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह प्रिंस खान के एक अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर के संपर्क में था और उसी के निर्देश पर धमकी भरा पर्चा लिखा था। आरोपी के मोबाइल फोन से प्रिंस खान के साथ हुई व्हाट्सएप कॉल और बातचीत के रिकॉर्ड भी बरामद हुए हैं।

वित्तीय लेन-देन का खुलासा

जांच में सामने आया है कि इस कार्य के बदले प्रिंस खान की ओर से आरोपी के दो बैंक खातों में कुल ₹1.50 लाख भेजे गए थे। पुलिस इस वित्तीय लेन-देन की जड़ों और गैंग के अन्य संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है। यह खुलासा दर्शाता है कि गैंग सीमा पार से भी भुगतान-आधारित तंत्र के ज़रिए अपने नेटवर्क को सक्रिय रखता है।

पाकिस्तान से संचालित होता है प्रिंस खान गैंग

गौरतलब है कि धनबाद के वासेपुर निवासी गैंगस्टर प्रिंस खान फिलहाल पाकिस्तान में शरण लिए हुए है और वहाँ से झारखंड के कई इलाकों में अपना गैंग संचालित कर रहा है। उसके खिलाफ इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सीमा पार से संचालित संगठित अपराध गिरोहों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों और स्थानीय नेटवर्क की पहचान के लिए जांच जारी रखे हुए है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच का दायरा अब वित्तीय चैनलों और गैंग के अन्य संभावित सहयोगियों तक विस्तारित किया जा रहा है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बोकारो BMW प्लांट रंगदारी मामला क्या है?
यह मामला बोकारो के बालीडीह ओपी क्षेत्र स्थित BMW प्लांट के प्रबंधक सुरेश कुमार सिंह द्वारा 12 मार्च को दर्ज कराई गई शिकायत से जुड़ा है, जिसमें प्रिंस खान के नाम पर रंगदारी माँगने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। आरोपी ने धमकी भरा पर्चा परिसर में छोड़ा था और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया था।
गिरफ्तार आरोपी राकेश कुमार कौन है?
राकेश कुमार बोकारो के सेक्टर-2सी का 37 वर्षीय निवासी है। पुलिस के अनुसार वह गैंगस्टर प्रिंस खान के अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर के संपर्क में था और उसी के निर्देश पर उसने धमकी भरा पर्चा लिखा था। उसे डुमरी के बेरमो मोड़ से गिरफ्तार किया गया।
गैंगस्टर प्रिंस खान कहाँ है और उस पर क्या कार्रवाई हुई है?
प्रिंस खान धनबाद के वासेपुर का निवासी है और फिलहाल पाकिस्तान में शरण लिए हुए है। उसके खिलाफ इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। वह पाकिस्तान से झारखंड के कई इलाकों में अपना गैंग संचालित कर रहा है।
आरोपी को रंगदारी के बदले कितने रुपये मिले थे?
जांच में सामने आया है कि प्रिंस खान की ओर से आरोपी राकेश कुमार के दो बैंक खातों में कुल ₹1.50 लाख भेजे गए थे। पुलिस इस वित्तीय लेन-देन और गैंग के अन्य संभावित नेटवर्क की जांच कर रही है।
इस मामले की आगे की जांच कैसे होगी?
मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। आरोपी के मोबाइल से बरामद व्हाट्सएप कॉल और चैट रिकॉर्ड के आधार पर पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों और स्थानीय नेटवर्क की पहचान कर रही है। अधिकारियों के अनुसार और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं।
राष्ट्र प्रेस
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