बोकारो BMW प्लांट रंगदारी केस: पाकिस्तान से ऑपरेट करने वाले गैंगस्टर प्रिंस खान का गुर्गा गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के बोकारो जिले में स्थित BMW प्लांट के प्रबंधक को धमकी देकर रंगदारी माँगने के मामले में पुलिस ने गैंगस्टर प्रिंस खान गैंग के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सेक्टर-2सी, बोकारो निवासी 37 वर्षीय राकेश कुमार के रूप में हुई है, जिसे डुमरी क्षेत्र के बेरमो मोड़ से पकड़ा गया। पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
मामले की पृष्ठभूमि
12 मार्च को बालीडीह ओपी क्षेत्र स्थित BMW प्लांट के प्रबंधक सुरेश कुमार सिंह ने औद्योगिक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, प्रिंस खान के नाम पर रंगदारी की माँग की गई थी और गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी गई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने गैंग के निर्देश पर अपने हस्तलेखन में धमकी भरा पर्चा तैयार कर कंपनी परिसर में छोड़ा था, जिसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।
एसआईटी जांच और डिजिटल साक्ष्य
मुख्यालय डीएसपी पवन कुमार ने बताया कि मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों के आधार पर पुलिस राकेश कुमार तक पहुँची। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह प्रिंस खान के एक अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप नंबर के संपर्क में था और उसी के निर्देश पर धमकी भरा पर्चा लिखा था। आरोपी के मोबाइल फोन से प्रिंस खान के साथ हुई व्हाट्सएप कॉल और बातचीत के रिकॉर्ड भी बरामद हुए हैं।
वित्तीय लेन-देन का खुलासा
जांच में सामने आया है कि इस कार्य के बदले प्रिंस खान की ओर से आरोपी के दो बैंक खातों में कुल ₹1.50 लाख भेजे गए थे। पुलिस इस वित्तीय लेन-देन की जड़ों और गैंग के अन्य संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है। यह खुलासा दर्शाता है कि गैंग सीमा पार से भी भुगतान-आधारित तंत्र के ज़रिए अपने नेटवर्क को सक्रिय रखता है।
पाकिस्तान से संचालित होता है प्रिंस खान गैंग
गौरतलब है कि धनबाद के वासेपुर निवासी गैंगस्टर प्रिंस खान फिलहाल पाकिस्तान में शरण लिए हुए है और वहाँ से झारखंड के कई इलाकों में अपना गैंग संचालित कर रहा है। उसके खिलाफ इंटरपोल की ओर से रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया जा चुका है। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में सीमा पार से संचालित संगठित अपराध गिरोहों पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है।
आगे की कार्रवाई
पुलिस गैंग के अन्य सदस्यों और स्थानीय नेटवर्क की पहचान के लिए जांच जारी रखे हुए है। डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर और गिरफ्तारियाँ भी संभव हैं। अधिकारियों के अनुसार, मामले की जांच का दायरा अब वित्तीय चैनलों और गैंग के अन्य संभावित सहयोगियों तक विस्तारित किया जा रहा है।