बोकारो पुलिस ने प्रिंस खान और अमन साहू के गिरोह के 7 गुर्गों को किया गिरफ्तार

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बोकारो पुलिस ने प्रिंस खान और अमन साहू के गिरोह के 7 गुर्गों को किया गिरफ्तार

सारांश

बोकारो में पुलिस ने दो अंतरराज्यीय अपराधी गिरोहों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। प्रिंस खान और अमन साहू गिरोह के 7 गुर्गों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें मुख्य साजिशकर्ता भी शामिल है।

मुख्य बातें

बोकारो पुलिस ने प्रिंस खान और अमन साहू के गिरोह के 7 गुर्गों को गिरफ्तार किया।
मुख्य अपराधी प्रिंस कुमार गुप्ता घायल हुआ है।
पुलिस ने रंगदारी में इस्तेमाल होने वाले कई मोबाइल फोन और हथियार बरामद किए।
विशेष जांच टीम का गठन किया गया है।
गिरोह ने संगठित ढंग से रंगदारी वसूलने का काम किया।

बोकारो, २ अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के बोकारो जिले की पुलिस ने रंगदारी वसूलने और दहशत फैलाने वाले दो अंतरराज्यीय अपराधी गिरोहों के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। पुलिस ने प्रिंस खान और अमन साहू गिरोह के लिए काम करने वाले सात अपराधियों को पकड़ा है।

इस ऑपरेशन के दौरान हुई मुठभेड़ में मुख्य साजिशकर्ता प्रिंस कुमार गुप्ता उर्फ भाटिया पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए बोकारो जनरल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बोकारो एसपी हरविंदर सिंह ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी दी कि गिरफ्तार अपराधियों में प्रिंस कुमार गुप्ता, श्याम कुमार सिंह, अजय सिंह, ओमप्रकाश पाल, जैनेंद्र शुक्ला, गोलू कुमार और भूपेंद्र सिंह शामिल हैं। सुबह जब पुलिस टीम प्रिंस गुप्ता की निशानदेही पर हथियार बरामद करने पहुंची तो अपराधियों ने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में प्रिंस के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे पकड़ा गया।

एसपी के अनुसार, यह गिरोह अत्यंत संगठित तरीके से कार्य कर रहा था। गिरफ्तार अपराधी शहर के प्रमुख कारोबारियों, ठेकेदारों और जमीन कारोबारियों के मोबाइल नंबर इकट्ठा करके अपने सरगनाओं राहुल दुबे, मयंक सिंह और प्रिंस खान तक पहुंचाते थे। नंबर मिलने के बाद विदेशों या जेलों से रंगदारी के कॉल आते थे। रंगदारी की वसूली का कार्य भी इन्हीं स्थानीय गुर्गों के जिम्मे था।

पुलिस ने इनके पास से रंगदारी में इस्तेमाल होने वाले कई मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड और हथियार बरामद किए हैं। पिछले कुछ समय से बोकारो के व्यवसायियों को प्रकाश शुक्ला नामक व्यक्ति के माध्यम से धमकी भरे कॉल और संदेश मिल रहे थे, जिससे औद्योगिक नगरी में दहशत का माहौल बन गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था।

एसआईटी ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जाल बिछाया और दोनों गिरोहों के नेटवर्क को नष्ट करते हुए सातों अपराधियों को गिरफ्तार किया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि प्रशासन अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने में तत्पर है।
RashtraPress
21 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बोकारो में गिरफ्तार अपराधियों के नाम क्या हैं?
गिरफ्तार अपराधियों में प्रिंस कुमार गुप्ता, श्याम कुमार सिंह, अजय सिंह, ओमप्रकाश पाल, जैनेंद्र शुक्ला, गोलू कुमार और भूपेंद्र सिंह शामिल हैं।
पुलिस ने किस प्रकार की सामग्री बरामद की?
पुलिस ने रंगदारी में इस्तेमाल होने वाले मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड और हथियार बरामद किए हैं।
इस कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस कार्रवाई का उद्देश्य बोकारो में रंगदारी वसूलने वाले गिरोहों का खात्मा करना था।
क्या इस मुठभेड़ में कोई घायल हुआ?
हाँ, मुठभेड़ के दौरान प्रिंस कुमार गुप्ता पुलिस की गोली लगने से घायल हुआ।
बोकारो में इस प्रकार की घटनाओं की रोकथाम के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?
पुलिस ने विशेष जांच टीम का गठन किया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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