रांची में रेस्टोरेंट में गोलीबारी: वेटर की हत्या, गैंगस्टर प्रिंस खान पर शक
सारांश
Key Takeaways
- फायरिंग की घटना रांची में हुई।
- मनीष गोप नामक वेटर की मौत।
- प्रिंस खान पर रंगदारी का आरोप।
- सीसीटीवी फुटेज से जांच जारी।
- पुलिस ने संदिग्धों की तलाश तेज की।
रांची, 8 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड की राजधानी रांची में शनिवार की रात लगभग दो अपराधियों ने एयरपोर्ट थाना क्षेत्र स्थित टीटॉस रेस्टोरेंट में अंधाधुंध फायरिंग की। इस घटना में एक युवक की जान चली गई। मृतक की पहचान मनीष गोप के रूप में हुई है, जो रेस्टोरेंट में वेटर के रूप में कार्यरत था।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अपराधी रेस्टोरेंट के मालिक राजकुमार गोप की हत्या करने के इरादे से पहुंचे थे। उन्हें पिछले साल 25 दिसंबर को गैंगस्टर प्रिंस खान ने एक करोड़ रुपये की रंगदारी के लिए धमकी दी थी। ऐसे में इस वारदात में प्रिंस खान के गिरोह का हाथ होने की आशंका जताई जा रही है। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।
सीसीटीवी फुटेज में देखा जा सकता है कि एक अपराधी बाइक स्टार्ट कर सड़क पर खड़ा रहा, जबकि दूसरा अंदर जाकर फायरिंग करने लगा। बताया जा रहा है कि हमलावर ने लगभग चार राउंड गोलियां चलाईं। इसी दौरान एक गोली मनीष गोप के पेट में लग गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। फायरिंग होते ही रेस्टोरेंट में अफरातफरी मच गई।
हमलावर घटना के बाद तेजी से बाहर निकला और बाइक पर सवार अपने साथी के साथ मौके से फरार हो गया। घटना के तुरंत बाद, रेस्टोरेंट के अन्य कर्मचारियों ने घायल मनीष गोप को राज अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर सिटी एसपी पारस राणा, हटिया डीएसपी समेत अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल की जांच की। पुलिस ने वहां से तीन गोली के खोखे बरामद किए हैं।
पुलिस ने होटल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर हमलावरों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। इसके साथ ही पुलिस ने शहर के विभिन्न इलाकों में चेकिंग अभियान भी तेज कर दिया है, और संदिग्धों की तलाश में छापेमारी की जा रही है, हालांकि देर रात तक किसी की गिरफ्तारी की खबर नहीं मिली थी।
रेस्टोरेंट संचालक राज कुमार गोप ने आशंका जताई है कि हमलावर उन्हें निशाना बनाने आए थे। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष 25 दिसंबर को प्रिंस खान ने उनसे एक करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी। इस मामले में उन्होंने स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की थी, जिसके बाद एयरपोर्ट थाने में मामला दर्ज किया गया था।
राज कुमार गोप के अनुसार, रंगदारी की शिकायत के बाद उन्हें कुछ समय के लिए पुलिस सुरक्षा भी दी गई थी, लेकिन बाद में उनकी बॉडीगार्ड वापस ले ली गई। उन्होंने कहा कि रंगदारी मांगने के बाद से उन्हें लगातार धमकी भरे फोटो और वीडियो भेजे जाते रहे हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और रंगदारी के एंगल से भी घटना को जोड़ा जा रहा है।