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विशाखापत्तनम जासूसी मामला: एनआईए ने पनवेल से एक संदिग्ध हिरासत में लिया, अल-कायदा कनेक्शन की जांच तेज़

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विशाखापत्तनम जासूसी मामला: एनआईए ने पनवेल से एक संदिग्ध हिरासत में लिया, अल-कायदा कनेक्शन की जांच तेज़

सारांश

विशाखापत्तनम नौसेना जासूसी मामले में एनआईए ने पनवेल से एक और संदिग्ध को हिरासत में लिया है। अल-कायदा से कथित संबंध वाले इस मामले में अब तक 10 दोषी करार दिए जा चुके हैं — और जांच का दायरा महाराष्ट्र तक फैल चुका है।

मुख्य बातें

एनआईए ने 8 जुलाई को महाराष्ट्र के पनवेल में छापेमारी कर विशाखापत्तनम जासूसी मामले के एक संदिग्ध को हिरासत में लिया।
पहले गिरफ्तार 12 आरोपियों में से एक पनवेल निवासी की पूछताछ में दो नए संदिग्धों के नाम सामने आए; एक हिरासत में, दूसरे की तलाश जारी।
इस मामले में कुल 10 आरोपी दोषी करार दिए जा चुके हैं; 5 आरोपियों का ट्रायल अभी जारी है।
सोमनाथ संजय इकाडे और सोनू कुमार को UAPA व ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट के तहत 5 साल, 11 महीने और 15 दिन की सज़ा और ₹5,000 जुर्माना।
एनआईए ने यह मामला दिसंबर 2019 में आंध्र प्रदेश पुलिस से अपने हाथ में लिया था; जून 2020 में 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल हुई।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने 8 जुलाई को महाराष्ट्र के पनवेल में छापेमारी कर विशाखापत्तनम नौसेना जासूसी मामले से कथित तौर पर जुड़े एक संदिग्ध को हिरासत में लिया है। नवी मुंबई क्षेत्र में एनआईए का सर्च ऑपरेशन जारी है और एक अन्य संदिग्ध की तलाश अभी भी चल रही है।

मुख्य घटनाक्रम

विशाखापत्तनम पुलिस ने कुछ महीने पहले 12 आरोपियों को अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से कथित संबंध के आरोप में गिरफ्तार किया था। इन्हीं में से एक आरोपी का संबंध पनवेल से था। उससे पूछताछ के दौरान कथित तौर पर दो और संदिग्धों के नाम सामने आए, जिसके बाद एनआईए ने स्थानीय पुलिस की सहायता से पनवेल में छापा मारा।

एनआईए ने एक संदिग्ध को हिरासत में ले लिया है और उससे पूछताछ जारी है, जबकि दूसरे की तलाश अभी भी जारी बताई जा रही है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला भारतीय नौसेना के संवेदनशील ठिकानों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की जासूसी से जुड़ा है, जिसमें विदेशी एजेंटों की संलिप्तता सामने आई थी। एनआईए ने यह मामला दिसंबर 2019 में आंध्र प्रदेश पुलिस के इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट के काउंटर इंटेलिजेंस पुलिस स्टेशन, विजयवाड़ा से अपने हाथ में लिया था। जांच के दौरान जून 2020 में 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की गई थी और मार्च 2021 में एक अन्य आरोपी के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट भी दायर की गई।

अदालत की कार्रवाई और सज़ाएँ

15 दिसंबर को एनआईए की स्पेशल कोर्ट ने इस मामले में दो और आरोपियों को दोषी ठहराया था। इसके साथ ही इस हाई-प्रोफाइल मामले में कुल 10 आरोपियों को दोषी करार दिया जा चुका है, जबकि शेष 5 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा अभी जारी है।

दोषी ठहराए गए दो आरोपियों में महाराष्ट्र के अहमदनगर निवासी सोमनाथ संजय इकाडे और उत्तर प्रदेश के हाथरस जिले के सोनू कुमार शामिल हैं। एनआईए ने सोमनाथ संजय इकाडे को दिसंबर 2019 में कर्नाटक के कारवार से और सोनू कुमार को उसी माह विशाखापत्तनम से गिरफ्तार किया था।

कोर्ट ने दोनों को गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की धारा 3 के तहत दोषी ठहराते हुए प्रत्येक को 5 साल, 11 महीने और 15 दिन की साधारण कारावास की सज़ा सुनाई। इसके अतिरिक्त दोनों पर ₹5,000 का जुर्माना भी लगाया गया। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में 1 वर्ष की अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी।

जांच का दायरा

गौरतलब है कि यह मामला पाकिस्तान से जुड़े नेटवर्क और भारतीय नौसेना की संवेदनशील सूचनाओं की कथित लीक से संबंधित है। एनआईए की ओर से दर्ज मामला अभी भी जांच और ट्रायल की प्रक्रिया में है। पनवेल में ताज़ा कार्रवाई यह दर्शाती है कि एजेंसी इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुँचने के लिए सक्रिय रूप से जांच का विस्तार कर रही है।

आगे क्या होगा

हिरासत में लिए गए संदिग्ध से पूछताछ के आधार पर एनआईए की कार्रवाई और आगे बढ़ सकती है। दूसरे फरार संदिग्ध की तलाश जारी है और शेष 5 आरोपियों का ट्रायल भी एनआईए स्पेशल कोर्ट में चल रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो बताता है कि मूल चार्जशीट में सभी कड़ियाँ नहीं जोड़ी जा सकी थीं। अल-कायदा जैसे वैश्विक संगठन से घरेलू संपर्क का यह कथित मामला भारत की आंतरिक सुरक्षा निगरानी की सीमाओं पर गंभीर सवाल उठाता है। जब तक दूसरे फरार संदिग्ध को पकड़ा नहीं जाता, यह जांच अधूरी मानी जाएगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

विशाखापत्तनम जासूसी मामला क्या है?
यह मामला भारतीय नौसेना के संवेदनशील ठिकानों की जासूसी से जुड़ा है, जिसमें पाकिस्तान से जुड़े विदेशी एजेंटों और अल-कायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट (AQIS) से कथित संबंध रखने वाले आरोपियों की संलिप्तता सामने आई थी। एनआईए ने यह मामला दिसंबर 2019 में आंध्र प्रदेश पुलिस से अपने हाथ में लिया था।
पनवेल में एनआईए ने किसे और क्यों हिरासत में लिया?
पहले गिरफ्तार 12 आरोपियों में से एक पनवेल निवासी की पूछताछ में दो नए संदिग्धों के नाम सामने आए। इसके बाद एनआईए ने स्थानीय पुलिस की मदद से पनवेल में छापेमारी कर एक संदिग्ध को हिरासत में लिया; दूसरे की तलाश जारी है।
इस मामले में अब तक कितने लोगों को सज़ा हो चुकी है?
एनआईए स्पेशल कोर्ट अब तक कुल 10 आरोपियों को दोषी करार दे चुकी है। सबसे हालिया सज़ा में सोमनाथ संजय इकाडे और सोनू कुमार को 5 साल, 11 महीने और 15 दिन की कारावास तथा ₹5,000 जुर्माना सुनाया गया। शेष 5 आरोपियों का ट्रायल अभी जारी है।
आरोपियों पर कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपियों पर गैरकानूनी गतिविधियाँ (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) की धारा 18 और ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की धारा 3 के तहत आरोप लगाए गए हैं। ये धाराएँ आतंकी गतिविधियों की साजिश और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय सूचनाओं के कथित रिसाव से संबंधित हैं।
इस मामले में एनआईए की जांच कब और कैसे शुरू हुई?
एनआईए ने यह मामला दिसंबर 2019 में आंध्र प्रदेश पुलिस के काउंटर इंटेलिजेंस पुलिस स्टेशन, विजयवाड़ा से अपने हाथ में लिया था। जून 2020 में 14 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट और मार्च 2021 में एक अन्य के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की गई।
राष्ट्र प्रेस
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