BJP के डिजिटल प्रशिक्षण अभियान से 11 लाख से अधिक कार्यकर्ता जुड़े, अब हर बूथ पर 10 प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान के तहत चलाए जा रहे डिजिटल प्रशिक्षण कार्यक्रम से अब तक 11,01,618 कार्यकर्ता जुड़ चुके हैं — यह जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने 8 जुलाई 2026 को दी। पार्टी के अनुसार, 23 जून से 6 जुलाई के बीच 10 लाख कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित करने का निर्धारित लक्ष्य पार कर लिया गया है, और अब अभियान को बूथ स्तर तक विस्तारित करने की तैयारी है।
अभियान की शुरुआत और संरचना
यह डिजिटल प्रशिक्षण अभियान 6 अप्रैल 2026 को BJP स्थापना दिवस के अवसर पर शुरू किया गया था। इसे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी.एल. संतोष और राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश के मार्गदर्शन में संचालित किया जा रहा है।
अभियान एक ऐप-आधारित डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म पर केंद्रित है, जिस पर 12 भाषाओं में अध्ययन सामग्री, वीडियो, प्रश्नोत्तरी और डिजिटल प्रमाणपत्र की सुविधा उपलब्ध है। यह ढाँचा देश की भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
प्रशिक्षण में क्या शामिल है
प्रशिक्षण पाठ्यक्रम में BJP का इतिहास, पार्टी के मूल सिद्धांत, पंच निष्ठा, श्यामा प्रसाद मुखर्जी और पंडित दीनदयाल उपाध्याय के वैचारिक योगदान को शामिल किया गया है। इसके अलावा केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाएँ, नमो ऐप और 'मन की बात' जैसे विषय भी पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं।
तरुण चुघ ने बताया कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इंडिया अभियान से प्रेरित है और इसका उद्देश्य संगठन को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी आम जनता तक प्रभावी ढंग से पहुँचाना है।
राज्यवार प्रदर्शन
पार्टी के अनुसार, राज्यों में मध्य प्रदेश सबसे आगे रहा, जहाँ 1,83,113 कार्यकर्ता इस अभियान से जुड़े हैं। कई अन्य राज्यों ने भी प्रशिक्षण पूर्णता दर में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है, हालाँकि पार्टी ने अन्य राज्यों के विस्तृत आँकड़े अभी सार्वजनिक नहीं किए हैं।
बूथ स्तर तक विस्तार की योजना
BJP का अगला लक्ष्य देश के प्रत्येक बूथ पर कम से कम 10 प्रशिक्षित डिजिटल कार्यकर्ता तैयार करना है। यह ऐसे समय में आया है जब पार्टी अपनी ज़मीनी उपस्थिति को तकनीकी दक्षता के साथ जोड़ने की रणनीति पर काम कर रही है। गौरतलब है कि भारत में करीब 10 लाख से अधिक मतदान केंद्र हैं, इसलिए यह लक्ष्य संगठनात्मक दृष्टि से महत्वाकांक्षी है। पार्टी ने विश्वास जताया है कि प्रशिक्षित कार्यकर्ताओं की यह टीम भविष्य की चुनावी और संगठनात्मक गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाएगी।