8 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पिंपरी-चिंचवड के मोशी में निर्माणाधीन इमारत ढही, 14 लोग फंसे; NDRF-सेना राहत में जुटी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पिंपरी-चिंचवड के मोशी में निर्माणाधीन इमारत ढही, 14 लोग फंसे; NDRF-सेना राहत में जुटी

सारांश

पुणे के मोशी कचरा डिपो में निर्माण कार्य के दौरान इमारत ढहने से 14 लोग मलबे में दबे हैं। NDRF, सेना और दमकल राहत में जुटे हैं। महाराष्ट्र में 1 जून से अब तक 62 मौतें हो चुकी हैं और बारिश का कहर जारी है।

मुख्य बातें

पिंपरी-चिंचवड के मोशी कचरा डिपो में 8 जुलाई को निर्माणाधीन इमारत ढह गई।
करीब 14 लोग मलबे में फंसे होने की आशंका; 1 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल, अस्पताल में भर्ती।
NDRF , सेना , दमकल और पुलिस मौके पर; उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने युद्धस्तर पर राहत के निर्देश दिए।
महाराष्ट्र में 1 जून से अब तक 62 लोगों की मौत, 200 पशुओं की जान गई — SDMA रिपोर्ट।
इमारत ढहने से राज्य में अब तक 25 मौतें और 41 घायल ; बिजली गिरने से 23 मौतें ।
पालघर में सामान्य से 457.3% और पुणे में 435.4% अधिक बारिश दर्ज।

पुणे के पिंपरी-चिंचवड नगर निगम (PCMC) क्षेत्र के मोशी कचरा डिपो में बुधवार, 8 जुलाई को निर्माण कार्य के दौरान एक इमारत अचानक ढह गई। हादसे में करीब 14 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती है। महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच यह दुर्घटना राज्य में बढ़ती आपदाओं की कड़ी में एक और गंभीर घटना बन गई है।

मुख्य घटनाक्रम

दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग, सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें मौके पर पहुँच गईं। बचाव दल मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चला रहे हैं। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल रहा और आसपास के लोग सहमे हुए हैं।

सरकार की प्रतिक्रिया

उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने घटना की जानकारी मिलते ही राहत एवं पुनर्वास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीता वेद सिंघल, पिंपरी-चिंचवड नगर आयुक्त विजयकुमार सूर्यवंशी और पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्त विनयकुमार चौबे से तत्काल संपर्क किया। उन्होंने सभी को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए और फंसे लोगों को शीघ्र निकालने तथा घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उनके निर्देश पर सेना को भी अभियान में शामिल किया गया है।

महाराष्ट्र में बारिश की विभीषिका

यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में हुई अत्यधिक वर्षा ने तटीय और पश्चिमी जिलों में भारी तबाही मचाई है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के अनुसार, इस दौरान ठाणे में 196.9 मिमी, पालघर में 185.4 मिमी, रायगढ़ में 134.1 मिमी, मुंबई उपनगर में 125.0 मिमी और पुणे में 69.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। गौरतलब है कि 1 जून से अब तक पालघर में सामान्य से 457.3% और पुणे में 435.4% अधिक वर्षा हो चुकी है — लगभग सभी जिले 'लार्ज एक्सेस' श्रेणी में आ चुके हैं।

आम जनता पर असर

महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) की 8 जुलाई को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जून से अब तक राज्य में 62 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 पशुओं की भी जान गई है। इनमें सबसे अधिक मौतें इमारतों और दीवारों के ढहने से हुई हैं — 25 मौतें और 41 घायल — जो मुख्यतः नासिक, ठाणे और मुंबई उपनगर में हुईं। वहीं, आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 23 लोगों की मृत्यु और 17 लोग घायल हुए हैं।

क्या होगा आगे

बचाव अभियान अभी जारी है और मलबे में फंसे लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों को देखते हुए राज्य प्रशासन सतर्क है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और जटिल हो सकती है, जिससे बचाव कार्यों में और चुनौतियाँ आ सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

निवारक नहीं। जब तक निर्माण स्थलों पर मानसून-पूर्व सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य नहीं होते, ऐसी त्रासदियाँ हर बरसात में दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पिंपरी-चिंचवड के मोशी में इमारत कब और कहाँ गिरी?
यह हादसा 8 जुलाई को पिंपरी-चिंचवड नगर निगम के मोशी कचरा डिपो में निर्माण कार्य के दौरान हुआ। इमारत के ढहने से करीब 14 लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका है।
हादसे में कितने लोग फंसे हैं और बचाव कार्य कैसा चल रहा है?
अधिकारियों के अनुसार करीब 14 लोग मलबे में दबे हो सकते हैं और 1 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती है। NDRF, सेना, दमकल विभाग और पुलिस मिलकर राहत एवं बचाव अभियान चला रहे हैं।
सरकार ने इस हादसे पर क्या कदम उठाए?
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने राहत एवं पुनर्वास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव, नगर आयुक्त और पुलिस आयुक्त को युद्धस्तर पर बचाव कार्य के निर्देश दिए। उनके निर्देश पर सेना को भी बुलाया गया है।
महाराष्ट्र में इस मानसून में अब तक कितनी मौतें हुई हैं?
महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) की 8 जुलाई की रिपोर्ट के अनुसार, 1 जून से अब तक राज्य में 62 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 पशुओं की भी जान गई है। इनमें 25 मौतें इमारतों और दीवारों के ढहने से और 23 मौतें बिजली गिरने से हुई हैं।
महाराष्ट्र के किन जिलों में सबसे ज़्यादा बारिश हुई?
SEOC के अनुसार पिछले 24 घंटों में ठाणे में 196.9 मिमी और पालघर में 185.4 मिमी सबसे अधिक बारिश दर्ज की गई। 1 जून से अब तक पालघर में सामान्य से 457.3% और पुणे में 435.4% अधिक वर्षा हो चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम कल
  2. कल
  3. 2 दिन पहले
  4. 3 दिन पहले
  5. 1 सप्ताह पहले
  6. 10 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले