पिंपरी-चिंचवड के मोशी में निर्माणाधीन इमारत ढही, 14 लोग फंसे; NDRF-सेना राहत में जुटी
सारांश
मुख्य बातें
पुणे के पिंपरी-चिंचवड नगर निगम (PCMC) क्षेत्र के मोशी कचरा डिपो में बुधवार, 8 जुलाई को निर्माण कार्य के दौरान एक इमारत अचानक ढह गई। हादसे में करीब 14 लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका है, जबकि एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में भर्ती है। महाराष्ट्र में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच यह दुर्घटना राज्य में बढ़ती आपदाओं की कड़ी में एक और गंभीर घटना बन गई है।
मुख्य घटनाक्रम
दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, दमकल विभाग, सेना और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की टीमें मौके पर पहुँच गईं। बचाव दल मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चला रहे हैं। घटनास्थल पर अफरा-तफरी का माहौल रहा और आसपास के लोग सहमे हुए हैं।
सरकार की प्रतिक्रिया
उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने घटना की जानकारी मिलते ही राहत एवं पुनर्वास विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव विनीता वेद सिंघल, पिंपरी-चिंचवड नगर आयुक्त विजयकुमार सूर्यवंशी और पिंपरी-चिंचवड पुलिस आयुक्त विनयकुमार चौबे से तत्काल संपर्क किया। उन्होंने सभी को युद्धस्तर पर राहत एवं बचाव कार्य संचालित करने के निर्देश दिए और फंसे लोगों को शीघ्र निकालने तथा घायलों को तुरंत चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उनके निर्देश पर सेना को भी अभियान में शामिल किया गया है।
महाराष्ट्र में बारिश की विभीषिका
यह हादसा ऐसे समय में हुआ है जब महाराष्ट्र में पिछले 24 घंटों में हुई अत्यधिक वर्षा ने तटीय और पश्चिमी जिलों में भारी तबाही मचाई है। स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर (SEOC) के अनुसार, इस दौरान ठाणे में 196.9 मिमी, पालघर में 185.4 मिमी, रायगढ़ में 134.1 मिमी, मुंबई उपनगर में 125.0 मिमी और पुणे में 69.4 मिमी बारिश दर्ज की गई। गौरतलब है कि 1 जून से अब तक पालघर में सामान्य से 457.3% और पुणे में 435.4% अधिक वर्षा हो चुकी है — लगभग सभी जिले 'लार्ज एक्सेस' श्रेणी में आ चुके हैं।
आम जनता पर असर
महाराष्ट्र राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) की 8 जुलाई को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, 1 जून से अब तक राज्य में 62 लोगों की मौत हो चुकी है और 200 पशुओं की भी जान गई है। इनमें सबसे अधिक मौतें इमारतों और दीवारों के ढहने से हुई हैं — 25 मौतें और 41 घायल — जो मुख्यतः नासिक, ठाणे और मुंबई उपनगर में हुईं। वहीं, आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में 23 लोगों की मृत्यु और 17 लोग घायल हुए हैं।
क्या होगा आगे
बचाव अभियान अभी जारी है और मलबे में फंसे लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों को देखते हुए राज्य प्रशासन सतर्क है। आपदा प्रबंधन अधिकारियों के अनुसार, आने वाले दिनों में बारिश की स्थिति और जटिल हो सकती है, जिससे बचाव कार्यों में और चुनौतियाँ आ सकती हैं।