8 जुलाई 2026
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सीपीआई(एम) नेता मीनाक्षी मुखर्जी की कार पर अंडे फेंके, कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं; भाजपा पर आरोप

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सीपीआई(एम) नेता मीनाक्षी मुखर्जी की कार पर अंडे फेंके, कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं; भाजपा पर आरोप

सारांश

सीतलकुची बाज़ार में सीपीआई(एम) नेता मीनाक्षी मुखर्जी की कार पर अंडे फेंके गए — एक मृत पार्टी कार्यकर्ता के परिजनों से मुलाकात के बाद लौटते समय। पुलिस की निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए वे सीधे कलकत्ता हाई कोर्ट पहुँचीं। भाजपा ने हमले से पल्ला झाड़ा।

मुख्य बातें

मीनाक्षी मुखर्जी की कार पर 7 जुलाई को सीतलकुची बाज़ार , कूचबिहार में अंडे फेंके गए, जब वे सीपीआई(एम) कार्यकर्ता मोंटू मिया के परिजनों से मिलकर लौट रही थीं।
कार में सीपीआई(एम) के पूर्व सांसद आलोकेश दास भी मौजूद थे; मुखर्जी ने हमले का लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किया।
8 जुलाई को कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य ने मामला दर्ज कराने की अनुमति दी।
मुखर्जी ने भाजपा कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया; पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई गिरफ्तारी नहीं।
भाजपा के कूचबिहार जिला अध्यक्ष अभिजीत बर्मन ने हमले से पार्टी का संबंध होने से इनकार किया।
मुखर्जी ने दोनों मुद्दों — मोंटू मिया की मौत और प्रवासी मज़दूर के शव — के विरोध में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय घेराव की योजना बनाई है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की केंद्रीय समिति सदस्य मीनाक्षी मुखर्जी ने 8 जुलाई 2026 को कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया और कूचबिहार जिले के सीतलकुची में उनकी कार पर हुए अंडे फेंकने के हमले में न्यायिक हस्तक्षेप की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने किया और पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।

घटना का घटनाक्रम

मंगलवार दोपहर मीनाक्षी मुखर्जी सीतलकुची में सीपीआई(एम) कार्यकर्ता मोंटू मिया के परिजनों से मिलने पहुँची थीं, जिनकी दो दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सीतलकुची बाज़ार से लौटते समय लोगों के एक समूह ने उनकी कार पर एक के बाद एक अंडे फेंके। कार में मुखर्जी के साथ सीपीआई(एम) के पूर्व सांसद आलोकेश दास भी मौजूद थे।

हमले के दौरान मुखर्जी ने कार के भीतर से सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो प्रसारित किया, जिसमें कार की विंडशील्ड पर अंडे गिरते साफ़ दिख रहे थे।

हाई कोर्ट में याचिका

वकील अभिषेक हलदर ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ के सामने यह मामला उठाया और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए न्यायालय से दखल देने का अनुरोध किया। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने मामला दर्ज कराने की अनुमति दे दी और कहा कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार सुनवाई होगी।

पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप

हमले के बाद मीनाक्षी मुखर्जी कूचबिहार के पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पहुँचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत देने के बावजूद किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया। उन्होंने धरना देते हुए कहा, 'क्या हम अपनी जान और सम्मान के साथ सड़कों पर नहीं चल सकते? क्या इसे ही कानून का राज कहते हैं?'

पृष्ठभूमि: मोंटू मिया की मौत और प्रवासी मज़दूर का मामला

सीपीआई(एम) के अनुसार मोंटू मिया की मौत के बाद उनके परिवार को संदेह है कि उनकी हत्या की गई। पार्टी का दावा है कि पुलिस शुरू में शिकायत लेने को तैयार नहीं थी और शिकायत काफी देर बाद दर्ज की गई। इसके अलावा, मुंबई में काम के दौरान सीतलकुची के एक अन्य निवासी की मौत हो गई और वामपंथी दलों का कहना है कि उस प्रवासी मज़दूर का शव वापस लाने के लिए ज़रूरी कदम नहीं उठाए जा रहे। मुखर्जी ने इन दोनों मुद्दों के विरोध में जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय का घेराव करने की योजना की घोषणा की है।

भाजपा का पक्ष

भाजपा के कूचबिहार जिला अध्यक्ष अभिजीत बर्मन ने इस हमले से पार्टी का कोई संबंध होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह घटना आम लोगों के गुस्से का परिणाम है और सीपीआई(एम) हर मामले में भाजपा को दोषी ठहराने की कोशिश करती है। आगे क्या होगा, यह कलकत्ता उच्च न्यायालय की सुनवाई और पुलिस की जाँच की दिशा पर निर्भर करेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मीनाक्षी मुखर्जी की कार पर हमला कहाँ और कब हुआ?
यह हमला 7 जुलाई 2026 को पश्चिम बंगाल के कूचबिहार जिले के सीतलकुची बाज़ार में हुआ, जब मीनाक्षी मुखर्जी सीपीआई(एम) कार्यकर्ता मोंटू मिया के परिजनों से मिलकर लौट रही थीं। लोगों के एक समूह ने उनकी कार पर अंडे फेंके।
मीनाक्षी मुखर्जी ने कलकत्ता हाई कोर्ट से क्या माँगा?
उनके वकील अभिषेक हलदर ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ से न्यायिक हस्तक्षेप की माँग की, ताकि भविष्य में ऐसे हमले रोके जा सकें। न्यायालय ने मामला दर्ज कराने की अनुमति दे दी है।
सीतलकुची में मोंटू मिया कौन थे और उनकी मौत क्यों विवादित है?
मोंटू मिया सीपीआई(एम) के स्थानीय कार्यकर्ता थे, जिनकी हमले से दो दिन पहले मौत हुई। पार्टी के अनुसार परिजनों को हत्या का संदेह है और पुलिस ने शुरू में शिकायत लेने से इनकार किया, जो काफी देर बाद दर्ज हुई।
भाजपा ने इस हमले पर क्या कहा?
भाजपा के कूचबिहार जिला अध्यक्ष अभिजीत बर्मन ने पार्टी का कोई संबंध होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह आम लोगों के गुस्से की अभिव्यक्ति है और सीपीआई(एम) हर घटना के लिए भाजपा को ज़िम्मेदार ठहराती है।
मीनाक्षी मुखर्जी आगे क्या कदम उठाने वाली हैं?
मुखर्जी ने मोंटू मिया की मौत और मुंबई में काम के दौरान जान गँवाने वाले प्रवासी मज़दूर के शव वापस न लाए जाने के विरोध में कूचबिहार जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय का घेराव करने की योजना बनाई है। साथ ही, कलकत्ता उच्च न्यायालय में दर्ज मामले की सुनवाई भी होनी है।
राष्ट्र प्रेस
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