सीपीआई(एम) नेता मीनाक्षी मुखर्जी की कार पर अंडे फेंके, कलकत्ता हाई कोर्ट पहुंचीं; भाजपा पर आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की केंद्रीय समिति सदस्य मीनाक्षी मुखर्जी ने 8 जुलाई 2026 को कलकत्ता उच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया और कूचबिहार जिले के सीतलकुची में उनकी कार पर हुए अंडे फेंकने के हमले में न्यायिक हस्तक्षेप की माँग की। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं ने किया और पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की।
घटना का घटनाक्रम
मंगलवार दोपहर मीनाक्षी मुखर्जी सीतलकुची में सीपीआई(एम) कार्यकर्ता मोंटू मिया के परिजनों से मिलने पहुँची थीं, जिनकी दो दिन पहले संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। सीतलकुची बाज़ार से लौटते समय लोगों के एक समूह ने उनकी कार पर एक के बाद एक अंडे फेंके। कार में मुखर्जी के साथ सीपीआई(एम) के पूर्व सांसद आलोकेश दास भी मौजूद थे।
हमले के दौरान मुखर्जी ने कार के भीतर से सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो प्रसारित किया, जिसमें कार की विंडशील्ड पर अंडे गिरते साफ़ दिख रहे थे।
हाई कोर्ट में याचिका
वकील अभिषेक हलदर ने न्यायमूर्ति सौगत भट्टाचार्य की एकल पीठ के सामने यह मामला उठाया और भविष्य में ऐसे हमलों को रोकने के लिए न्यायालय से दखल देने का अनुरोध किया। न्यायमूर्ति भट्टाचार्य ने मामला दर्ज कराने की अनुमति दे दी और कहा कि प्रक्रिया पूरी होने के बाद नियमों के अनुसार सुनवाई होगी।
पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप
हमले के बाद मीनाक्षी मुखर्जी कूचबिहार के पुलिस अधीक्षक के कार्यालय पहुँचीं और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत देने के बावजूद किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया। उन्होंने धरना देते हुए कहा, 'क्या हम अपनी जान और सम्मान के साथ सड़कों पर नहीं चल सकते? क्या इसे ही कानून का राज कहते हैं?'
पृष्ठभूमि: मोंटू मिया की मौत और प्रवासी मज़दूर का मामला
सीपीआई(एम) के अनुसार मोंटू मिया की मौत के बाद उनके परिवार को संदेह है कि उनकी हत्या की गई। पार्टी का दावा है कि पुलिस शुरू में शिकायत लेने को तैयार नहीं थी और शिकायत काफी देर बाद दर्ज की गई। इसके अलावा, मुंबई में काम के दौरान सीतलकुची के एक अन्य निवासी की मौत हो गई और वामपंथी दलों का कहना है कि उस प्रवासी मज़दूर का शव वापस लाने के लिए ज़रूरी कदम नहीं उठाए जा रहे। मुखर्जी ने इन दोनों मुद्दों के विरोध में जिला मजिस्ट्रेट के कार्यालय का घेराव करने की योजना की घोषणा की है।
भाजपा का पक्ष
भाजपा के कूचबिहार जिला अध्यक्ष अभिजीत बर्मन ने इस हमले से पार्टी का कोई संबंध होने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि यह घटना आम लोगों के गुस्से का परिणाम है और सीपीआई(एम) हर मामले में भाजपा को दोषी ठहराने की कोशिश करती है। आगे क्या होगा, यह कलकत्ता उच्च न्यायालय की सुनवाई और पुलिस की जाँच की दिशा पर निर्भर करेगा।