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कुणाल घोष पर अंडा फेंकने के मामले में दो गिरफ्तार, कालीघाट थाने में FIR दर्ज

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कुणाल घोष पर अंडा फेंकने के मामले में दो गिरफ्तार, कालीघाट थाने में FIR दर्ज

सारांश

TMC विधायक कुणाल घोष पर कोलकाता में ममता बनर्जी के आवास के बाहर अंडा फेंका गया — वह भी बिना किसी सुरक्षाकर्मी के। पुलिस ने दो आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया और BNS की पाँच धाराओं में FIR दर्ज की। TMC ने इसे राजनीतिक साजिश बताया।

मुख्य बातें

TMC विधायक कुणाल घोष पर सोमवार शाम 6:15 बजे हरीश चटर्जी स्ट्रीट, कोलकाता के पास अंडा फेंका गया।
पुलिस ने मुख्य आरोपी चंदन और रवि कायला को घटनास्थल के आसपास से गिरफ्तार किया।
कालीघाट थाने में BNS की धारा 189(2), 190, 125(ए), 115(2) और 133 के तहत नामजद FIR दर्ज।
घटना ममता बनर्जी के आवास के बाहर मीडिया से बातचीत के दौरान हुई; घोष उस समय बिना सुरक्षा के थे।
TMC ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया; शेष अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के विधायक कुणाल घोष पर सोमवार शाम लगभग 6:15 बजे कोलकाता के हरीश चटर्जी स्ट्रीट के पास अंडा फेंके जाने के मामले में पुलिस ने चंदन और रवि कायला नामक दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। कालीघाट पुलिस थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज की गई है और शेष अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी है।

घटनाक्रम: कैसे हुई वारदात

पुलिस के अनुसार, घटना उस समय हुई जब विधायक कुणाल घोष पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के 30बी, हरीश चटर्जी स्ट्रीट, कोलकाता-25 स्थित आवास पर वरिष्ठ नेताओं के साथ एक बैठक के बाद बाहर निकल रहे थे। जैसे ही मीडियाकर्मियों ने उन्हें रोककर सवाल पूछे, आरोपी चंदन और कुछ अज्ञात साथियों ने अवैध भीड़ जमा कर उन पर जानबूझकर अंडा फेंका।

घोष ने बताया कि उन्होंने अंतिम क्षण में चेहरा मोड़ लिया, जिससे अंडा उनके चश्मे या आँख पर नहीं लगा और गंभीर चोट टल गई। उन्होंने यह भी कहा कि उस समय उनके साथ कोई सुरक्षाकर्मी नहीं था, जिसका फायदा उठाकर उन्हें निशाना बनाया गया।

मुकदमे की धाराएँ

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2), 190, 125(ए), 115(2) और 133 के तहत मामला दर्ज किया है। इन धाराओं के अंतर्गत अवैध भीड़ जमा करना, जानबूझकर शारीरिक चोट पहुँचाने का प्रयास और सार्वजनिक अपमान जैसे आरोप शामिल हैं।

विधायक घोष की शिकायत के आधार पर कालीघाट थाने की पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को घटनास्थल के आसपास से पकड़ा।

जाँच की स्थिति

कालीघाट थाने की पुलिस मामले की गहन जाँच में जुटी है। सीसीटीवी फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र किए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शेष अज्ञात आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।

TMC की प्रतिक्रिया

घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इसे राजनीतिक साजिश करार दिया। पार्टी ने आरोप लगाया कि विपक्षी ताकतें अपने नेताओं को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की सुनियोजित कोशिश कर रही हैं। घोष ने स्वयं इस घटना को गंभीर सुरक्षा चूक बताते हुए सवाल उठाया कि एक निर्वाचित जनप्रतिनिधि को बिना सुरक्षा के क्यों छोड़ा गया।

आगे क्या होगा

गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और जाँच एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस घटना के पीछे कोई बड़ा षड्यंत्र था। यह मामला पश्चिम बंगाल की राजनीतिक उठापटक के बीच और अधिक ध्यान खींच सकता है, खासकर तब जब घटना सत्तारूढ़ दल के एक वरिष्ठ विधायक के साथ हुई हो।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली जाँच यह होनी चाहिए कि एक वरिष्ठ विधायक सुरक्षा-विहीन क्यों था। यह मामला बंगाल की उस राजनीतिक संस्कृति को भी रेखांकित करता है जहाँ सार्वजनिक विरोध तेज़ी से हिंसक प्रतीकात्मकता की ओर बढ़ता है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कुणाल घोष पर अंडा फेंकने की घटना कब और कहाँ हुई?
यह घटना सोमवार शाम लगभग 6:15 बजे कोलकाता के 30बी, हरीश चटर्जी स्ट्रीट के पास हुई, जो पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी का आवास है। घोष एक बैठक के बाद बाहर निकलते समय मीडिया से बात कर रहे थे, तभी आरोपियों ने उन पर अंडा फेंका।
इस मामले में किन्हें गिरफ्तार किया गया है?
पुलिस ने मुख्य आरोपी चंदन और रवि कायला को घटनास्थल के आसपास से गिरफ्तार किया है। शेष अज्ञात आरोपियों की तलाश जारी है।
FIR में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
कालीघाट थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2), 190, 125(ए), 115(2) और 133 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें अवैध भीड़ जमा करना, जानबूझकर चोट पहुँचाने का प्रयास और सार्वजनिक अपमान जैसे आरोप शामिल हैं।
TMC ने इस घटना पर क्या कहा?
तृणमूल कांग्रेस ने इस घटना को राजनीतिक साजिश करार दिया और आरोप लगाया कि विपक्षी ताकतें पार्टी के नेताओं को सार्वजनिक रूप से अपमानित करने की सुनियोजित कोशिश कर रही हैं।
क्या कुणाल घोष को चोट लगी?
घोष ने बताया कि उन्होंने अंतिम क्षण में चेहरा मोड़ लिया, जिससे अंडा उनके चश्मे या आँख पर नहीं लगा और बड़ी चोट टल गई। वह उस समय बिना किसी सुरक्षाकर्मी के खड़े थे।
राष्ट्र प्रेस
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