टीएमसी से निष्कासित रिजु दत्ता का खुलासा: कल्याण बनर्जी की शिकायतें दबाई गईं, सत्ता बदली तो पार्टी बिखरी
सारांश
मुख्य बातें
तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निष्कासित नेता रिजु दत्ता ने 16 जून 2026 को कोलकाता में पार्टी के आंतरिक संकट पर बड़ा खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि सांसद कल्याण बनर्जी के दुर्व्यवहार को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की — और यही वजह है कि सत्ता परिवर्तन होते ही TMC का ढांचा चरमरा गया।
कल्याण बनर्जी की शिकायतें और लोकसभा स्पीकर का दरवाज़ा
रिजु दत्ता ने कहा, काकोली घोष दस्तीदार ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को पत्र लिखकर कल्याण बनर्जी की भाषा और दुर्व्यवहार की शिकायत की है और संसद से उनकी बर्खास्तगी की अपील की है। दत्ता ने कहा कि उन्होंने यह पत्र पढ़ा है और एक्स पर पोस्ट भी किया है। उनके अनुसार, 'सांसदों ने पहले भी ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी से कल्याण बनर्जी के बर्ताव को लेकर शिकायत की थी, लेकिन वह पार्टी की बात थी तो अंदर ही रह गई।'
दत्ता ने स्पष्ट किया कि अब मामला लोकसभा स्पीकर के पास है और जांच में दोषी पाए जाने पर कानून के अनुसार सजा तय होगी।
कुणाल घोष पर अंडे फेंकने की घटना की निंदा
ममता बनर्जी के आवास के सामने कुणाल घोष पर अंडे फेंके जाने की घटना पर दत्ता ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'पूर्व मुख्यमंत्री के घर के सामने विधायक द्वारा मीडिया से बात करते समय हमला किया जाना लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा नहीं हो सकता।' दत्ता ने यह भी कहा कि उनका विश्वास है कि मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रदेश अध्यक्ष इस तरह की संस्कृति का समर्थन नहीं करते।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि नेताओं पर इस तरह के हमले जारी रहे तो आने वाले दिनों में इसके गंभीर परिणाम देखने को मिल सकते हैं और ऐसे हमलावरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
अभिषेक बनर्जी से CID और ED की पूछताछ पर दत्ता की राय
TMC के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी से सीआईडी (CID) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा की जा रही पूछताछ पर दत्ता ने कहा कि एजेंसियाँ अपना काम कर रही हैं और अभिषेक बनर्जी जांच में सहयोग कर रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा, 'अगर एजेंसी के पास सबूत है तो जल्द से जल्द कार्रवाई होनी चाहिए, नहीं तो जनता एजेंसी पर भरोसा करना छोड़ देगी और कहेगी कि राजनीति के तहत ये सब हो रहा था।'
TMC में टूट की असली वजह
रिजु दत्ता के अनुसार, TMC की आंतरिक शिकायतों को वर्षों तक दबाया जाता रहा। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में सत्ता परिवर्तन के बाद पार्टी के भीतर दबे असंतोष एक-एक कर सामने आ रहे हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब TMC के किसी वरिष्ठ नेता ने पार्टी नेतृत्व पर इस तरह के आरोप लगाए हों, लेकिन सत्ता से बाहर होने के बाद ये आवाज़ें अब अधिक मुखर हो गई हैं।
आने वाले दिनों में लोकसभा स्पीकर का फैसला और जांच एजेंसियों की कार्रवाई TMC के भविष्य की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।