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अभिषेक बनर्जी के दफ्तर में तोड़फोड़ पर दिलीप घोष बोले — 'कानून-व्यवस्था का मामला, पुलिस में शिकायत दर्ज कराएँ'

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अभिषेक बनर्जी के दफ्तर में तोड़फोड़ पर दिलीप घोष बोले — 'कानून-व्यवस्था का मामला, पुलिस में शिकायत दर्ज कराएँ'

सारांश

BJP नेता दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी के दफ्तर में हुई तोड़फोड़ को 'कानून-व्यवस्था का मामला' करार दिया और TMC को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। साथ ही ममता बनर्जी पर 15 साल में राज्य की समस्याएँ बढ़ाने और अब फेसबुक लाइव तक सिमट जाने का तीखा तंज कसा।

मुख्य बातें

दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी के दफ्तर में तोड़फोड़ को 'कानून-व्यवस्था का मामला' बताया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।
घोष ने कहा कि TMC के पार्टी कार्यालय सरकारी या निजी जमीन पर अवैध कब्जे से बने थे; BJP ने कोई कार्यालय नहीं लिया।
ममता बनर्जी पर 15 वर्षों में समस्याएँ हल न करने और नई समस्याएँ पैदा करने का आरोप लगाया।
घोष ने दावा किया कि TMC के कई पंचायत प्रधान, पार्षद और विधायक भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते पश्चिम बंगाल से भाग गए हैं।
आरजी कर केस और बीएड घोटाले की पृष्ठभूमि में BJP का TMC पर राजनीतिक दबाव बढ़ता दिख रहा है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने 4 सितंबर 2026 को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में हुई तोड़फोड़ की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। घोष ने स्पष्ट कहा कि यह विशुद्ध रूप से कानून-व्यवस्था का मामला है और TMC को विरोध-प्रदर्शन की बजाय पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।

तोड़फोड़ पर दिलीप घोष का रुख

घोष ने कहा, 'देखिए, कई जगहों पर तोड़-फोड़ हो रही है। इसलिए, अगर अभिषेक बनर्जी के ऑफिस में तोड़फोड़ हुई है, तो यह कानून-व्यवस्था का मामला है। कानून की मदद लेनी चाहिए और शिकायत दर्ज करानी चाहिए। आप विरोध क्यों कर रहे हैं? पुलिस पर भरोसा रखें — पुलिस कार्रवाई करेगी।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि TMC शासन में पुलिस की साख इस हद तक गिरा दी गई थी कि लोग उन पर विश्वास नहीं कर पाते थे।

पार्टी कार्यालयों पर BJP का पक्ष

TMC के इस आरोप पर कि BJP ने उनके पार्टी कार्यालयों पर कब्जा किया है, घोष ने सीधे खंडन किया। उन्होंने कहा, 'भाजपा ने किसी पार्टी का ऑफिस अपने कब्जे में नहीं लिया है। ये पार्टी ऑफिस सरकारी जमीन पर या किसी और की जमीन या घर पर अवैध कब्जा करके बनाए गए थे।' घोष के अनुसार, संबंधित संपत्ति-मालिकों ने नोटिस देकर अपनी जमीन वापस ली और TMC के बोर्ड हटाए — इसमें BJP की कोई भूमिका नहीं है।

ममता बनर्जी पर सीधा हमला

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए घोष ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में TMC सरकार ने कोई समस्या हल नहीं की, बल्कि नई समस्याएँ पैदा कीं और लोगों को आपस में लड़ाया। उन्होंने बाढ़ की मौजूदा स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि इसका समाधान बहुत पहले निकाला जाना चाहिए था। घोष ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'ममता बनर्जी की हालत ऐसी है कि अगर वह कहीं मीटिंग करने जाती भी हैं, तो चार लोग भी नहीं आते — इसीलिए उन्हें फेसबुक पर लाइव जाकर लोगों को बताना पड़ता है।'

TMC नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप

घोष ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में पंचायत प्रधान, पार्षद, चेयरमैन और विधायक राज्य छोड़कर भाग गए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से कई पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, शिकायतें दर्ज हो रही हैं और पुलिस इन्हें ढूंढकर कानून के सामने लाने में जुटी है।

आगे क्या

आरजी कर मेडिकल केस और बीएड घोटाले की जाँच की पृष्ठभूमि में घोष की यह टिप्पणियाँ राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। BJP ने संकेत दिया है कि वह पश्चिम बंगाल में TMC के कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों को आगामी दिनों में और आक्रामक तरीके से उठाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसकी जिम्मेदारी अब सत्तारूढ़ दल पर भी उतनी ही आती है। ममता बनर्जी पर 'फेसबुक लाइव' वाला तंज राजनीतिक रूप से धारदार है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या नई सरकार बाढ़ प्रबंधन, आरजी कर जैसे संस्थागत मुद्दों और भ्रष्टाचार की जाँच में ठोस परिणाम दे पाएगी — या यह भी आरोप-प्रत्यारोप की उसी पुरानी लीक पर चलती रहेगी।
RashtraPress
4 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिलीप घोष ने अभिषेक बनर्जी के दफ्तर में तोड़फोड़ पर क्या कहा?
दिलीप घोष ने इसे 'कानून-व्यवस्था का मामला' बताया और TMC को पुलिस में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विरोध-प्रदर्शन की बजाय कानूनी रास्ता अपनाना चाहिए।
BJP पर TMC के पार्टी कार्यालय कब्जाने के आरोप पर घोष ने क्या जवाब दिया?
घोष ने आरोप खारिज करते हुए कहा कि TMC के कार्यालय सरकारी या निजी जमीन पर अवैध कब्जे से बने थे। उन्होंने कहा कि संपत्ति-मालिकों ने नोटिस देकर अपनी जमीन वापस ली — इसमें BJP की कोई भूमिका नहीं।
दिलीप घोष ने ममता बनर्जी की आलोचना किस आधार पर की?
घोष ने कहा कि ममता बनर्जी ने 15 वर्षों में कोई समस्या हल नहीं की, बल्कि नई समस्याएँ पैदा कीं। उन्होंने बाढ़ की मौजूदा स्थिति और TMC कार्यकर्ताओं के पलायन को इसके उदाहरण के रूप में पेश किया।
पश्चिम बंगाल से TMC नेताओं के पलायन पर घोष ने क्या दावा किया?
घोष ने दावा किया कि पंचायत प्रधान, पार्षद, चेयरमैन और विधायक समेत बड़ी संख्या में TMC नेता भ्रष्टाचार के आरोपों के चलते राज्य छोड़कर भाग गए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस इन्हें ढूंढकर कानून के सामने ला रही है।
आरजी कर केस और बीएड घोटाले का इस राजनीतिक विवाद से क्या संबंध है?
आरजी कर मेडिकल केस और बीएड घोटाले ने पश्चिम बंगाल में TMC सरकार की साख को पहले से कमजोर किया हुआ है। इन्हीं मुद्दों की पृष्ठभूमि में घोष की यह टिप्पणियाँ BJP की व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा मानी जा रही हैं।
राष्ट्र प्रेस
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