अभिषेक बनर्जी के दफ्तर में तोड़फोड़ पर दिलीप घोष बोले — 'कानून-व्यवस्था का मामला, पुलिस में शिकायत दर्ज कराएँ'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता दिलीप घोष ने 4 सितंबर 2026 को कोलकाता में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के कार्यालय में हुई तोड़फोड़ की घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी। घोष ने स्पष्ट कहा कि यह विशुद्ध रूप से कानून-व्यवस्था का मामला है और TMC को विरोध-प्रदर्शन की बजाय पुलिस में शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
तोड़फोड़ पर दिलीप घोष का रुख
घोष ने कहा, 'देखिए, कई जगहों पर तोड़-फोड़ हो रही है। इसलिए, अगर अभिषेक बनर्जी के ऑफिस में तोड़फोड़ हुई है, तो यह कानून-व्यवस्था का मामला है। कानून की मदद लेनी चाहिए और शिकायत दर्ज करानी चाहिए। आप विरोध क्यों कर रहे हैं? पुलिस पर भरोसा रखें — पुलिस कार्रवाई करेगी।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि TMC शासन में पुलिस की साख इस हद तक गिरा दी गई थी कि लोग उन पर विश्वास नहीं कर पाते थे।
पार्टी कार्यालयों पर BJP का पक्ष
TMC के इस आरोप पर कि BJP ने उनके पार्टी कार्यालयों पर कब्जा किया है, घोष ने सीधे खंडन किया। उन्होंने कहा, 'भाजपा ने किसी पार्टी का ऑफिस अपने कब्जे में नहीं लिया है। ये पार्टी ऑफिस सरकारी जमीन पर या किसी और की जमीन या घर पर अवैध कब्जा करके बनाए गए थे।' घोष के अनुसार, संबंधित संपत्ति-मालिकों ने नोटिस देकर अपनी जमीन वापस ली और TMC के बोर्ड हटाए — इसमें BJP की कोई भूमिका नहीं है।
ममता बनर्जी पर सीधा हमला
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए घोष ने कहा कि पिछले 15 वर्षों में TMC सरकार ने कोई समस्या हल नहीं की, बल्कि नई समस्याएँ पैदा कीं और लोगों को आपस में लड़ाया। उन्होंने बाढ़ की मौजूदा स्थिति का उदाहरण देते हुए कहा कि इसका समाधान बहुत पहले निकाला जाना चाहिए था। घोष ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा, 'ममता बनर्जी की हालत ऐसी है कि अगर वह कहीं मीटिंग करने जाती भी हैं, तो चार लोग भी नहीं आते — इसीलिए उन्हें फेसबुक पर लाइव जाकर लोगों को बताना पड़ता है।'
TMC नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप
घोष ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल से बड़ी संख्या में पंचायत प्रधान, पार्षद, चेयरमैन और विधायक राज्य छोड़कर भाग गए हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से कई पर भ्रष्टाचार के आरोप हैं, शिकायतें दर्ज हो रही हैं और पुलिस इन्हें ढूंढकर कानून के सामने लाने में जुटी है।
आगे क्या
आरजी कर मेडिकल केस और बीएड घोटाले की जाँच की पृष्ठभूमि में घोष की यह टिप्पणियाँ राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण हैं। BJP ने संकेत दिया है कि वह पश्चिम बंगाल में TMC के कथित भ्रष्टाचार के मुद्दों को आगामी दिनों में और आक्रामक तरीके से उठाएगी।