जॉर्जिया मेलोनी ने रचा इतिहास: इटली की युद्धोत्तर सबसे लंबी सरकार के 1,413 दिन पूरे
सारांश
मुख्य बातें
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के नेतृत्व वाली सरकार ने 4 सितंबर 2026 को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार किया — इटली गणराज्य के युद्धोत्तर इतिहास की सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार का खिताब अपने नाम कर लिया। इस उपलब्धि के साथ मेलोनी ने पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। उनकी सरकार अब तक 1,413 दिन सत्ता में रह चुकी है।
रिकॉर्ड की पृष्ठभूमि
22 अक्टूबर 2022 को राष्ट्रपति सर्जियो मातारेला ने रोम स्थित क्विरिनाले पैलेस में मेलोनी को प्रधानमंत्री पद की शपथ दिलाई थी। वह इटली के इतिहास में इस सर्वोच्च कार्यकारी पद पर पहुँचने वाली पहली महिला हैं। यह ऐसे समय में आया है जब इटली की राजनीति दशकों से सरकारी अस्थिरता के लिए जानी जाती रही है — द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से देश में 60 से अधिक सरकारें बन और बिगड़ चुकी हैं।
मेलोनी का एक्स पर संदेश
इस उपलब्धि पर मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी भावनाएँ साझा कीं। उन्होंने लिखा, 'आज हमारी सरकार इटालियन गणराज्य के इतिहास की सबसे लंबे समय तक चलने वाली सरकार बन गई है। मैं इस तथ्य का स्वागत आभार और बड़ी जिम्मेदारी के साथ करती हूँ। क्योंकि स्थिरता कोई ऐसा रिकॉर्ड नहीं है जिसे दिखाया जाए, बल्कि यह वह आधार है जो किसी देश को योजना बनाने, फैसले लेने, अपने वादे निभाने और सम्मान हासिल करने में मदद करता है।'
एक अन्य पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'यह स्थिरता किसी एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं है, बल्कि उस एकजुट गठबंधन का परिणाम है जिसने चार वर्षों तक एक साझा दृष्टिकोण के साथ शासन किया।' उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि गणराज्य के इतिहास में सबसे लंबे कार्यकाल वाली तीनों सरकारें मध्य-दक्षिणपंथी (सेंटर-राइट) गठबंधन की रही हैं।
सरकार के दावे: उपलब्धियाँ और चुनौतियाँ
मेलोनी के अनुसार, पिछले चार वर्षों में उनकी सरकार ने रोजगार बढ़ाने, बेरोजगारी कम करने, परिवारों और कारोबारों को समर्थन देने, सुरक्षा मजबूत करने, सरकारी वित्त को जिम्मेदारी से संभालने और अंतरराष्ट्रीय मंच पर इटली की साख बढ़ाने के लिए काम किया है। हालाँकि, उन्होंने स्वयं स्वीकार किया कि अभी भी बहुत कुछ किया जाना बाकी है।
गौरतलब है कि इटली की अर्थव्यवस्था पर यूरोज़ोन के भीतर धीमी वृद्धि का दबाव बना हुआ है और प्रवासन नीति को लेकर यूरोपीय संघ के साथ तनाव भी समय-समय पर उभरता रहा है — ऐसे में इस राजनीतिक स्थिरता को विश्लेषक उल्लेखनीय मानते हैं।
मेलोनी का राजनीतिक सफर
मेलोनी ने 15 साल की उम्र में एक छात्र और युवा आंदोलन की सदस्य के रूप में राजनीति में कदम रखा था। 21 साल की उम्र में वह रोम प्रांत की पार्षद चुनी गईं और 27 साल की उम्र में एलेन्जा नाज़ियोनाले के युवा संगठन एज़ियोन जियोवानी की नेता बनीं।
29 साल की उम्र में वे पहली बार संसद सदस्य चुनी गईं और 15वीं संसद के दौरान प्रतिनिधि सभा की उपाध्यक्ष के रूप में कार्य किया। 2008 में केवल 31 साल की उम्र में वह इटली की युवा मामलों की मंत्री बनीं — देश की सबसे कम उम्र की मंत्री का रिकॉर्ड उनके नाम है।
आगे की राह: चुनावों की तैयारी
अगले वर्ष होने वाले चुनावों का जिक्र करते हुए मेलोनी ने एक्स पर लिखा, 'अगले साल हम फिर नागरिकों के सामने जाएंगे। हम बताएंगे कि हमने क्या किया, क्या करना बाकी है और भविष्य के लिए हमारी क्या सोच है। इसके बाद जनता तय करेगी कि क्या हम इस सफर को आगे बढ़ाने के हकदार हैं।' इस ऐतिहासिक उपलब्धि को सरकार बारी शहर में एक विशेष कार्यक्रम के साथ चिह्नित करेगी, जहाँ सरकार के कामकाज और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होगी।