केरल CM वीडी सतीशन ने विजयन सरकार के खिलाफ जांचों का दायरा बढ़ाया, ₹7.32 करोड़ की ब्लीचिंग पाउडर अनियमितता भी जांच में
सारांश
मुख्य बातें
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन की सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के दस वर्षीय शासनकाल से जुड़े वित्तीय और प्रशासनिक मामलों की जांच का दायरा 4 सितंबर 2026 को और विस्तृत कर दिया। केरल मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के माध्यम से ब्लीचिंग पाउडर खरीद में ₹7.32 करोड़ की कथित अनियमितता और राज्य के स्वामित्व वाली आयुर्वेदिक दवा निर्माता कंपनी औषधि में ₹2.4 करोड़ की खरीद अनियमितताओं की जांच विजिलेंस विभाग को सौंपी गई है।
मुख्य घटनाक्रम
इन दोनों नई जांचों की घोषणा एक दिन पहले की गई थी। केरल मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन के जरिए ब्लीचिंग पाउडर खरीद में ₹7.32 करोड़ की अनियमितता की पड़ताल अब विजिलेंस विभाग के हाथ में है। इसके समानांतर, औषधि कंपनी में खरीद से जुड़ी ₹2.4 करोड़ की अनियमितताओं की भी जांच की जाएगी।
ये जांचें ऐसे समय में शुरू हुई हैं जब राज्य में पहले से ही कई राजनीतिक रूप से संवेदनशील मामलों की पड़ताल जारी है। फुटबॉल स्टार लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना राष्ट्रीय टीम के प्रस्तावित केरल दौरे से जुड़ी वित्तीय अनियमितताओं की जांच एडीजीपी पी. विजयन की अगुवाई वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) कर रही है।
जांचों का व्यापक दायरा
सतीशन सरकार की जांचों की सूची लगातार लंबी होती जा रही है। एक अलग एसआईटी केरल लोक सेवा आयोग (PSC) परीक्षा प्रणाली में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही है, जबकि एक अन्य टीम अलाप्पुझा में पुलिस ज्यादतियों के आरोपों की पड़ताल में जुटी है। इसके अतिरिक्त, अलाप्पुझा, कोट्टायम और एर्नाकुलम जिलों में आबकारी अधिकारियों द्वारा बार मालिकों से कथित तौर पर मासिक भुगतान वसूलने के आरोपों की सतर्कता जांच का भी आदेश दिया गया है।
राजनीतिक पैटर्न और ऐतिहासिक संदर्भ
यह दृष्टिकोण 2016 की याद दिलाता है, जब पिनराई विजयन ने सत्ता संभालने के बाद निवर्तमान ओमन चांडी सरकार के चुनाव-पूर्व कैबिनेट निर्णयों की गहन जांच शुरू की थी और उन्हें भ्रष्टाचार व प्रशासनिक अनियमितताओं के उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया था। गौरतलब है कि उस जांच से वह व्यापक राजनीतिक या प्रशासनिक जवाबदेही सामने नहीं आई थी जिसका वादा किया गया था।
एक दशक बाद राजनीतिक भूमिकाएं पलटती दिख रही हैं। सतीशन अब एसआईटी और सतर्कता एजेंसियों की जांचों की एक श्रृंखला के माध्यम से विजयन सरकार के दौर के आरोपों की पुनः पड़ताल कर रहे हैं। आलोचकों का कहना है कि यह रणनीति सत्ता में आने के बाद पूर्ववर्ती सरकार को निरंतर राजनीतिक दबाव में रखने का एक स्थापित केरल मॉडल बन चुकी है।
सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की दिशा
सतीशन सरकार का रुख स्पष्ट है — विजयन सरकार के कार्यकाल में विभिन्न विभागों और प्रशासनिक निर्णयों से जुड़े वित्तीय एवं प्रशासनिक अनियमितताओं की व्यापक पड़ताल जारी रहेगी। जांच से अंततः अपराध साबित होता है या नहीं, यह जांच एजेंसियों और न्यायालयों पर निर्भर है। राजनीतिक रूप से, हर नई जांच यह संदेश पुख्ता करती है कि सतीशन सरकार विजयन के शासनकाल को निरंतर निगरानी में रखना चाहती है।