जाति व्यवस्था रहेगी तो आरक्षण भी रहेगा — रामदास आठवले का रांची में स्पष्ट संदेश
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले ने 4 सितंबर 2026 को रांची में स्पष्ट किया कि जब तक देश में जाति व्यवस्था और उससे उपजा भेदभाव बना रहेगा, तब तक अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए आरक्षण की व्यवस्था अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि आरक्षण केवल एक नीतिगत उपकरण नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक प्रतिनिधित्व का बुनियादी प्रश्न है।
मुख्य बयान और तर्क
राजकीय अतिथिशाला, रांची में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में आठवले ने कहा कि मौजूदा आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा विभिन्न जातियों की वास्तविक जनसंख्या के आँकड़ों के आधार पर होनी चाहिए, ताकि हर समुदाय को उसकी आबादी के अनुपात में उचित हिस्सेदारी मिल सके। उन्होंने इस संदर्भ में जातिगत जनगणना को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। आठवले के अनुसार, जातियों की सटीक संख्या सामने आने से नीति निर्माण और सामाजिक प्रतिनिधित्व दोनों को बेहतर दिशा मिलेगी।
झारखंड परीक्षा विवाद पर रुख
केंद्रीय मंत्री ने झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) परीक्षाओं को लेकर जारी विवाद पर कहा कि अभ्यर्थियों की माँगों को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि परीक्षा प्रक्रिया में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जाँच होनी चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समाधान ऐसा हो जिससे आंदोलनरत अभ्यर्थियों की शिकायतें दूर हों और परीक्षा उत्तीर्ण कर नियुक्ति पा चुके उम्मीदवारों के साथ अन्याय न हो।
आठवले ने कहा कि इस विवाद का दीर्घकालिक समाधान एक पारदर्शी भर्ती नीति से ही संभव है, जिसमें परीक्षा प्रक्रिया के नियम स्पष्ट हों और पुराने तथा नए दोनों अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा हो। उन्होंने अधिक से अधिक युवाओं को सरकारी रोज़गार के अवसर देने पर भी ज़ोर दिया।
झारखंड के औद्योगिक विकास पर जोर
आठवले ने कहा कि झारखंड खनिज संपदा की दृष्टि से देश के समृद्धतम राज्यों में है और यहाँ खनन गतिविधियाँ बड़े पैमाने पर होती हैं, फिर भी औद्योगिक विकास की गति को और तेज़ करने की ज़रूरत है। उन्होंने राज्य सरकार से आग्रह किया कि वह केंद्र के सहयोग से नए उद्योग स्थापित करे और स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अवसर बढ़ाए।
केंद्रीय योजनाओं का उल्लेख
केंद्रीय मंत्री ने राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सहित केंद्र की विभिन्न विकास योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से झारखंड में बुनियादी ढाँचे के विकास पर काम हुआ है और इन योजनाओं का लाभ राज्य की जनता तक पहुँच रहा है। उन्होंने सामाजिक सद्भाव पर भी बल देते हुए कहा कि देश में सभी धर्मों का सम्मान होना चाहिए।
आगे की दिशा
आठवले के बयान ऐसे समय में आए हैं जब जातिगत जनगणना और आरक्षण की सीमा को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज़ है। गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय भी SC/ST उप-वर्गीकरण जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सुनवाई कर चुका है। केंद्रीय मंत्री का यह रुख सामाजिक न्याय नीति में डेटा-आधारित सुधार की दिशा में एक स्पष्ट संकेत है।