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आरक्षण हटाने की मांग देशद्रोह है : केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले का कड़ा बयान

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आरक्षण हटाने की मांग देशद्रोह है : केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले का कड़ा बयान

सारांश

केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने मुंबई में साफ कह दिया — आरक्षण हटाने की माँग करना देशद्रोह है और ऐसे लोगों पर कार्रवाई होनी चाहिए। मोदी सरकार आरक्षण को खत्म नहीं, बल्कि मज़बूत करेगी। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी, संजय राउत और अखिलेश यादव पर भी निशाना साधा।

मुख्य बातें

केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने 25 अगस्त को मुंबई में कहा कि आरक्षण हटाने की मांग करने वाले देशद्रोही और संविधान विरोधी हैं।
आठवले के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आरक्षण को मज़बूत करने वाली सरकार है और इस सरकार में आरक्षण खत्म नहीं होगा।
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आदिवासी बयान पर तंज कसते हुए आठवले ने कहा कि उन्हें पहले अपनी पार्टी की चिंता करनी चाहिए।
ऑटो चालकों के मुद्दे पर आठवले ने कहा कि मराठी न जानने वाले ऑटो चालकों के लाइसेंस तुरंत रद्द नहीं होने चाहिए, उन्हें और समय मिलना चाहिए।
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के चीन दौरे पर आठवले ने कहा कि भारत सीमा विवाद सुलझाने और व्यापार बढ़ाने की उम्मीद रखता है।

केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने 25 अगस्त 2026 को मुंबई में आरक्षण विरोधी मांगों पर कड़ा पलटवार करते हुए कहा कि जो लोग आरक्षण हटाने की मांग करते हैं, वे देशद्रोही और संविधान विरोधी हैं। उनके अनुसार, संविधान ने आरक्षण का स्पष्ट प्रावधान किया है और इसे समाप्त करने की माँग न केवल असंवैधानिक है, बल्कि दंडनीय भी होनी चाहिए।

आरक्षण पर आठवले का स्पष्ट रुख

आठवले ने कहा कि भारतीय संविधान ने हर जाति को आरक्षण का अधिकार दिया है और इसलिए इसे हटाने का अधिकार किसी को नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आरक्षण को मज़बूत करने वाली सरकार है। उन्होंने कहा, 'किसी को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि इस सरकार में आरक्षण खत्म होगा।' ऐसे बयानों पर कार्रवाई की माँग करते हुए उन्होंने आरक्षण विरोधियों के खिलाफ कठोर कदम उठाने की अपील की।

राहुल गांधी और आदिवासी मुद्दे पर तंज

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आदिवासी समाज से जुड़े बयान पर आठवले ने तीखा कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी को आदिवासी समाज की चिंता करने की बजाय अपनी पार्टी की स्थिति सुधारने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की सरकार आदिवासी लड़कियों के साथ हुए अन्याय के मामलों में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।

ऑटो चालकों और मराठी भाषा विवाद पर आठवले

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव द्वारा महाराष्ट्र में ऑटो चालकों के मुद्दे पर की गई सोशल मीडिया पोस्ट पर आठवले ने कहा कि मुंबई देश की आर्थिक राजधानी है और यहाँ किसी के साथ भी अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने माना कि लंबे समय से महाराष्ट्र में रहने वाले लोगों को मराठी भाषा आनी चाहिए, लेकिन साथ ही यह भी कहा कि जो ऑटो चालक अभी तक मराठी नहीं सीख पाए हैं, उनके लाइसेंस तुरंत रद्द नहीं किए जाने चाहिए और उन्हें कुछ और समय दिया जाना चाहिए। उनके अनुसार, लोग रोज़गार की तलाश में मुंबई आते हैं और अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं।

मराठी स्कूलों पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

मराठी स्कूलों को लेकर सर्वोच्च न्यायालय की हालिया टिप्पणी पर आठवले ने कहा कि मराठी स्कूल बंद नहीं हो रहे हैं, लेकिन अभिभावकों में अंग्रेज़ी माध्यम के स्कूलों के प्रति रुझान बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य सरकार से अपील की कि वह मराठी स्कूलों के संरक्षण पर ध्यान दे और बड़ी कंपनियों को भी अपनी सामाजिक ज़िम्मेदारी के तहत बेहतर स्कूल बनाने में सहयोग करना चाहिए।

फडणवीस की दिल्ली जाने की अटकलें और डोभाल का चीन दौरा

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के दिल्ली जाने की अटकलों पर आठवले ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर निशाना साधा और कहा कि राउत झूठे बयान देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में यहीं रहेंगे और प्रधानमंत्री मोदी भी उन्हें दिल्ली नहीं लाना चाहते।

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के चीन दौरे पर आठवले ने कहा कि भारत की अपेक्षा है कि सीमा विवाद सहित सभी लंबित मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ना चाहिए और चीन को सीमा पर किसी भी प्रकार की घुसपैठ से बचना चाहिए, जिससे द्विपक्षीय संबंधों में तनाव न बढ़े।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें सत्तारूढ़ गठबंधन आरक्षण विमर्श को अपने पक्ष में मज़बूती से स्थापित करना चाहता है — खासकर तब जब विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। गौरतलब है कि आरक्षण की सीमा और विस्तार पर सर्वोच्च न्यायालय में कई याचिकाएँ लंबित हैं, और ऐसे में इस तरह के बयान न्यायिक प्रक्रिया को राजनीतिक रंग देने का जोखिम उठाते हैं। एक ओर मराठी भाषा नीति पर आठवले की नरमी और दूसरी ओर आरक्षण पर कठोर रुख — यह विरोधाभास बताता है कि महाराष्ट्र की महायुति सरकार के भीतर अलग-अलग मतदाता समूहों को साधने की कोशिश जारी है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रामदास आठवले ने आरक्षण हटाने की मांग करने वालों को क्या कहा?
केंद्रीय राज्यमंत्री रामदास आठवले ने कहा कि आरक्षण हटाने की मांग करने वाले लोग देशद्रोही और संविधान विरोधी हैं। उनके अनुसार संविधान ने आरक्षण का प्रावधान किया है, इसलिए इसे समाप्त करने की माँग गलत है और ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
क्या मोदी सरकार आरक्षण खत्म कर सकती है?
आठवले ने स्पष्ट कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार आरक्षण को मज़बूत करने वाली सरकार है, न कि खत्म करने वाली। उन्होंने कहा कि किसी को यह भ्रम नहीं पालना चाहिए कि इस सरकार में आरक्षण समाप्त होगा।
महाराष्ट्र में ऑटो चालकों और मराठी भाषा विवाद पर आठवले का क्या कहना है?
आठवले ने कहा कि मुंबई में रहने वाले लोगों को मराठी भाषा आनी चाहिए, लेकिन जो ऑटो चालक अभी तक मराठी नहीं सीख पाए हैं, उनके लाइसेंस तुरंत रद्द नहीं किए जाने चाहिए। उन्होंने सरकार से कुछ और समय देने की अपील की।
देवेंद्र फडणवीस के दिल्ली जाने की अटकलों पर आठवले ने क्या कहा?
आठवले ने शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत पर निशाना साधते हुए कहा कि वे झूठे बयान देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि फडणवीस महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री के रूप में यहीं रहेंगे और प्रधानमंत्री मोदी भी उन्हें दिल्ली नहीं लाना चाहते।
अजीत डोभाल के चीन दौरे पर आठवले ने क्या उम्मीद जताई?
आठवले ने कहा कि भारत की अपेक्षा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल के दौरे के दौरान सीमा विवाद सहित अन्य मुद्दों पर सार्थक चर्चा हो। उन्होंने यह भी कहा कि चीन को सीमा पर किसी भी प्रकार की घुसपैठ से बचना चाहिए ताकि दोनों देशों के संबंधों में तनाव न बढ़े।
राष्ट्र प्रेस
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