महंगाई पर इमरान मसूद का हमला: चीनी ₹70/किलो, गरीबों का चूल्हा जलना मुश्किल
सारांश
मुख्य बातें
सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 25 अगस्त 2026 को बढ़ती महंगाई पर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया और चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो देश के गरीब परिवारों के लिए रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करना असंभव हो जाएगा। उन्होंने कहा कि चीनी के दाम ₹42 प्रति किलो से बढ़कर ₹70 प्रति किलो तक पहुँच चुके हैं और आने वाले दिनों में टमाटर की कीमतों में भी तेज़ उछाल आने की आशंका है।
महंगाई का बोझ और गरीब तबका
मसूद के अनुसार, महंगाई की मार सबसे ज़्यादा देश के निचले तबके पर पड़ रही है। उन्होंने तर्क दिया कि यूपीए शासनकाल में चीनी की कीमत ₹30 प्रति किलो थी, जो अब लगभग दोगुनी हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'भाजपा अर्थव्यवस्था भी दोगुनी नहीं कर पाई।' आलोचकों का कहना है कि खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतें निम्न-आय वर्ग की क्रय शक्ति को लगातार कमज़ोर कर रही हैं।
गन्ना किसानों की पीड़ा
सांसद ने उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, पिछले पाँच वर्षों से किसानों को बकाया भुगतान नहीं मिल पाया है और गन्ने के समर्थन मूल्य में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से खाद के दाम बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे किसानों का लागत मूल्य भी नहीं निकल पा रहा। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कृषि क्षेत्र में पहले से ही संकट की स्थिति बनी हुई है।
मनु स्मृति विवाद और महिला सशक्तीकरण
मनु स्मृति को लेकर उठे विवाद पर इमरान मसूद ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर अपना पक्ष रखते आए हैं और इस विषय पर उनकी प्रतिबद्धता निर्विवाद है। उन्होंने कहा, 'बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं — यह हिंदू या मुस्लिम का मामला नहीं, यह पूरे समाज का विषय है।' उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में महिलाओं की भागीदारी पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।
2027 यूपी चुनाव और राजनीतिक समीकरण
2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर मसूद ने कहा कि कांग्रेस पूरी मज़बूती के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक नैरेटिव की लड़ाई मुख्य रूप से राहुल गांधी लड़ रहे हैं, हालाँकि अखिलेश यादव का साथ भी नकारा नहीं जा सकता।
योगी कैबिनेट और मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर तंज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 14 प्रस्तावों को पारित किए जाने की खबर पर मसूद ने कहा कि प्रस्ताव पास होते रहते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत नहीं बदलती। उन्होंने बेरोज़गारी दर का हवाला देते हुए कहा कि धरातल पर स्थिति किसी से छिपी नहीं है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के एक बयान पर उन्होंने आरोप लगाया कि वे भाजपा के एजेंडे के अनुरूप बोलते हैं — हालाँकि यह उनका व्यक्तिगत आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले विधानसभा चुनावों में महंगाई और बेरोज़गारी कांग्रेस के प्रमुख चुनावी मुद्दे रहने की संभावना है।