25 अगस्त 2026
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महंगाई पर इमरान मसूद का हमला: चीनी ₹70/किलो, गरीबों का चूल्हा जलना मुश्किल

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महंगाई पर इमरान मसूद का हमला: चीनी ₹70/किलो, गरीबों का चूल्हा जलना मुश्किल

सारांश

सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने चीनी की कीमत ₹42 से ₹70 प्रति किलो पहुँचने पर सरकार को घेरा। गन्ना किसानों के पाँच साल के बकाया और बढ़ती खाद कीमतों का हवाला देते हुए उन्होंने चेतावनी दी कि गरीब परिवारों के लिए चूल्हा जलाना मुश्किल हो जाएगा।

मुख्य बातें

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 25 अगस्त 2026 को सहारनपुर में महंगाई पर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया।
चीनी के दाम ₹42 प्रति किलो से बढ़कर ₹70 प्रति किलो तक पहुँचे; टमाटर की कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका।
यूपी के गन्ना किसानों को पाँच वर्षों से बकाया भुगतान नहीं मिला; खाद के दाम बढ़ने से लागत मूल्य भी नहीं निकल रहा।
मसूद के अनुसार यूपीए काल में चीनी ₹30/किलो थी, अब लगभग दोगुनी हो चुकी है।
कांग्रेस 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में महंगाई और बेरोज़गारी को प्रमुख मुद्दा बनाने की तैयारी में।
योगी कैबिनेट द्वारा 14 प्रस्ताव पारित किए जाने पर मसूद ने कहा — 'धरातल पर कुछ नहीं हो रहा।'

सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने 25 अगस्त 2026 को बढ़ती महंगाई पर केंद्र सरकार को कठघरे में खड़ा किया और चेतावनी दी कि यदि हालात नहीं सुधरे तो देश के गरीब परिवारों के लिए रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करना असंभव हो जाएगा। उन्होंने कहा कि चीनी के दाम ₹42 प्रति किलो से बढ़कर ₹70 प्रति किलो तक पहुँच चुके हैं और आने वाले दिनों में टमाटर की कीमतों में भी तेज़ उछाल आने की आशंका है।

महंगाई का बोझ और गरीब तबका

मसूद के अनुसार, महंगाई की मार सबसे ज़्यादा देश के निचले तबके पर पड़ रही है। उन्होंने तर्क दिया कि यूपीए शासनकाल में चीनी की कीमत ₹30 प्रति किलो थी, जो अब लगभग दोगुनी हो चुकी है। उन्होंने कहा, 'भाजपा अर्थव्यवस्था भी दोगुनी नहीं कर पाई।' आलोचकों का कहना है कि खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतें निम्न-आय वर्ग की क्रय शक्ति को लगातार कमज़ोर कर रही हैं।

गन्ना किसानों की पीड़ा

सांसद ने उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों की स्थिति पर भी चिंता जताई। उनके अनुसार, पिछले पाँच वर्षों से किसानों को बकाया भुगतान नहीं मिल पाया है और गन्ने के समर्थन मूल्य में कोई उल्लेखनीय वृद्धि नहीं की गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से खाद के दाम बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे किसानों का लागत मूल्य भी नहीं निकल पा रहा। यह ऐसे समय में आया है जब देश के कृषि क्षेत्र में पहले से ही संकट की स्थिति बनी हुई है।

मनु स्मृति विवाद और महिला सशक्तीकरण

मनु स्मृति को लेकर उठे विवाद पर इमरान मसूद ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी लगातार महिला सशक्तीकरण के मुद्दे पर अपना पक्ष रखते आए हैं और इस विषय पर उनकी प्रतिबद्धता निर्विवाद है। उन्होंने कहा, 'बेटियाँ किसी भी क्षेत्र में कम नहीं हैं — यह हिंदू या मुस्लिम का मामला नहीं, यह पूरे समाज का विषय है।' उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) में महिलाओं की भागीदारी पर भी सवाल उठाए और कहा कि इस पर स्थिति स्पष्ट होनी चाहिए।

2027 यूपी चुनाव और राजनीतिक समीकरण

2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर मसूद ने कहा कि कांग्रेस पूरी मज़बूती के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयान पर उन्होंने कहा कि वर्तमान राजनीतिक नैरेटिव की लड़ाई मुख्य रूप से राहुल गांधी लड़ रहे हैं, हालाँकि अखिलेश यादव का साथ भी नकारा नहीं जा सकता।

योगी कैबिनेट और मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर तंज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 14 प्रस्तावों को पारित किए जाने की खबर पर मसूद ने कहा कि प्रस्ताव पास होते रहते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत नहीं बदलती। उन्होंने बेरोज़गारी दर का हवाला देते हुए कहा कि धरातल पर स्थिति किसी से छिपी नहीं है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के एक बयान पर उन्होंने आरोप लगाया कि वे भाजपा के एजेंडे के अनुरूप बोलते हैं — हालाँकि यह उनका व्यक्तिगत आरोप है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आने वाले विधानसभा चुनावों में महंगाई और बेरोज़गारी कांग्रेस के प्रमुख चुनावी मुद्दे रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि वैश्विक कमोडिटी मूल्य वृद्धि का संदर्भ भी महत्वपूर्ण है। गन्ना बकाये का मुद्दा वास्तविक और दीर्घकालिक है, जिसे राज्य और केंद्र दोनों सरकारें वर्षों से टालती आई हैं। मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर लगाए गए आरोप बिना साक्ष्य के हैं और इन्हें तथ्य की तरह नहीं, बल्कि राजनीतिक आरोप की तरह पढ़ा जाना चाहिए। असली सवाल यह है कि महंगाई पर विपक्ष की आवाज़ संसद में कितनी प्रभावी रही है — सड़क पर बयान और नीतिगत दबाव में फ़र्क होता है।
RashtraPress
25 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इमरान मसूद ने चीनी की कीमतों पर क्या कहा?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा कि चीनी के दाम ₹42 प्रति किलो से बढ़कर ₹70 प्रति किलो तक पहुँच गए हैं, जो यूपीए काल के ₹30 प्रति किलो के मुकाबले लगभग दोगुने से भी अधिक हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इसी तरह महंगाई जारी रही तो गरीब परिवारों के लिए रोज़मर्रा की ज़रूरतें पूरी करना असंभव हो जाएगा।
गन्ना किसानों के बकाये का मुद्दा क्या है?
मसूद के अनुसार उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों को पिछले पाँच वर्षों से बकाया भुगतान नहीं मिला है। इसके साथ ही सरकार ने गन्ने के समर्थन मूल्य में कोई उल्लेखनीय बढ़ोतरी नहीं की और खाद के दाम बढ़ा दिए, जिससे किसानों का लागत मूल्य भी नहीं निकल पा रहा।
मनु स्मृति विवाद पर इमरान मसूद का क्या रुख है?
मसूद ने कहा कि महिला सशक्तीकरण का मुद्दा हिंदू या मुस्लिम से परे, पूरे समाज से जुड़ा है और राहुल गांधी इस पर लगातार आवाज़ उठाते रहे हैं। उन्होंने RSS में महिलाओं की भागीदारी पर भी सवाल उठाया।
2027 यूपी विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस की क्या तैयारी है?
इमरान मसूद ने कहा कि कांग्रेस 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पूरी मज़बूती के साथ उतरेगी। महंगाई और बेरोज़गारी पार्टी के प्रमुख चुनावी मुद्दे रहेंगे।
योगी कैबिनेट के 14 प्रस्तावों पर मसूद ने क्या कहा?
मसूद ने कहा कि कैबिनेट में प्रस्ताव पास होते रहते हैं, लेकिन ज़मीनी हकीकत नहीं बदलती। उन्होंने बढ़ती बेरोज़गारी दर का हवाला देते हुए कहा कि धरातल पर स्थिति किसी से छिपी नहीं है।
राष्ट्र प्रेस
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