13 जुलाई 2026
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यूपी गठबंधन में दरार: सपा नेता हाजी फजलुर्रहमान का इमरान मसूद पर बड़ा हमला

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यूपी गठबंधन में दरार: सपा नेता हाजी फजलुर्रहमान का इमरान मसूद पर बड़ा हमला

सारांश

यूपी 2027 से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन में दरार के संकेत। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के 'बैसाखी' वाले बयान पर सपा नेता हाजी फजलुर्रहमान ने पलटवार किया — आरोप लगाया कि मसूद BJP के इशारे पर काम कर रहे हैं और 2022 के चुनावी आँकड़ों से दिया जवाब।

मुख्य बातें

सपा नेता हाजी फजलुर्रहमान ने 13 जुलाई को सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद पर आरोप लगाया कि वे BJP के सुर में बोल रहे हैं।
इमरान मसूद ने दावा किया था कि 2024 लोकसभा में कांग्रेस के समर्थन से सपा ने 37 सीटें जीतीं और कांग्रेस को किसी 'बैसाखी' की ज़रूरत नहीं।
2022 विधानसभा चुनाव में अकेले लड़ी कांग्रेस को सिर्फ 2 सीटें और 3% वोट मिले, जबकि सपा को 34% वोट मिले।
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इमरान मसूद का बचाव करते हुए उन्हें पार्टी का 'मज़बूत सांसद' बताया।
यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले विपक्षी गठबंधन की आंतरिक एकता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता हाजी फजलुर्रहमान ने 13 जुलाई को सहारनपुर में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद पर तीखा पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि मसूद भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सुर में सुर मिला रहे हैं और विपक्षी गठबंधन को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं। यह विवाद उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सपा-कांग्रेस गठबंधन की आंतरिक तनातनी को सतह पर ले आया है।

इमरान मसूद ने क्या कहा था

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने हाल ही में सपा-कांग्रेस गठबंधन पर सवाल उठाते हुए कहा था कि सपा बार-बार गठबंधन की बात करती है, जबकि कांग्रेस की अपनी स्वतंत्र पहचान है। उन्होंने दावा किया कि 2024 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के समर्थन से सपा ने 37 सीटें जीती थीं और कांग्रेस को किसी 'बैसाखी' की ज़रूरत नहीं है। मसूद ने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी 'बोलता हुआ मुसलमान' बर्दाश्त नहीं करती।

सपा का पलटवार

हाजी फजलुर्रहमान ने इमरान मसूद के बयान को 'बेबुनियाद' करार देते हुए कहा, 'मुझे लगता है कि इमरान मसूद की नस BJP के हाथ में है। इसीलिए वे मनमानी बातें करते हैं और गठबंधन तोड़ने की कोशिश करते हैं।' उन्होंने 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के आँकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि जब कांग्रेस सपा से अलग होकर लड़ी, तो उसे मात्र 2 सीटें और 3 प्रतिशत वोट मिले, जबकि समाजवादी पार्टी ने 34 प्रतिशत वोट हासिल किए।

गठबंधन और BJP पर सपा का रुख

फजलुर्रहमान ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व यूपी में गठबंधन का समर्थन करता है, लेकिन इमरान मसूद जैसे नेता इसके विरुद्ध काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि BJP हिंदू-मुस्लिम आधारित राजनीति करती है, जबकि समाजवादी पार्टी सर्वसमावेशी राजनीति में विश्वास रखती है और किसी भी आधार पर समाज को बाँटने के खिलाफ है।

यूपी कांग्रेस का बचाव

इस पूरे विवाद पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इमरान मसूद का बचाव किया। उन्होंने कहा कि मसूद निस्संदेह पार्टी के मज़बूत सांसदों में से एक हैं और पूरे संकल्प के साथ लड़ने वाले नेता हैं। राय ने यह भी कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरे देश में अपने संगठन को मज़बूत कर रही है और कार्यकर्ताओं को सशक्त बना रही है।

क्या होगा आगे

गौरतलब है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अभी दो वर्ष से अधिक समय बाकी है, लेकिन गठबंधन की यह आंतरिक खींचतान विपक्षी एकता के लिए शुरुआती चुनौती बन सकती है। आलोचकों का कहना है कि यदि सपा और कांग्रेस सीट-बँटवारे पर सहमति नहीं बना पाए, तो इसका सीधा फायदा BJP को मिलेगा। दोनों दलों के शीर्ष नेतृत्व की प्रतिक्रिया और आगामी बातचीत यह तय करेगी कि यह विवाद महज़ बयानबाज़ी है या गठबंधन में वास्तविक दरार की शुरुआत।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2027 की सीट-बँटवारे की बातचीत से पहले दोनों दलों की मोलभाव की स्थिति को मज़बूत करने की कोशिश है। कांग्रेस 2024 के प्रदर्शन को अपनी ताकत के रूप में पेश कर रही है, जबकि सपा 2022 के आँकड़ों से अपनी बड़ी हैसियत साबित कर रही है — दोनों के दावों में तथ्य हैं, पर दोनों अधूरे हैं। असली सवाल यह है कि क्या यह सार्वजनिक विवाद गठबंधन वार्ता को मज़बूत करेगा या उसे पटरी से उतारेगा — और BJP इस दरार का चुनावी फायदा उठाने में कितनी देर करेगी।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हाजी फजलुर्रहमान ने इमरान मसूद पर क्या आरोप लगाए?
सपा नेता हाजी फजलुर्रहमान ने आरोप लगाया कि इमरान मसूद की 'नस BJP के हाथ में है' और वे गठबंधन तोड़ने के लिए BJP के सुर में बयान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि मसूद के बयान विपक्षी एकता को नुकसान पहुँचाते हैं और BJP को फायदा देते हैं।
इमरान मसूद ने सपा-कांग्रेस गठबंधन पर क्या कहा था?
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा था कि कांग्रेस को किसी 'बैसाखी' की ज़रूरत नहीं और 2024 लोकसभा में कांग्रेस के दम पर सपा ने 37 सीटें जीती थीं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सपा 'बोलता हुआ मुसलमान' बर्दाश्त नहीं करती।
2022 उत्तर प्रदेश चुनाव में कांग्रेस और सपा का प्रदर्शन कैसा रहा था?
2022 के यूपी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस अकेले लड़ी और उसे केवल 2 सीटें तथा 3 प्रतिशत वोट मिले। समाजवादी पार्टी को उसी चुनाव में 34 प्रतिशत वोट मिले थे।
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इस विवाद पर क्या कहा?
यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इमरान मसूद का बचाव करते हुए उन्हें पार्टी के 'मज़बूत सांसदों में से एक' बताया। उन्होंने कहा कि मसूद पूरे संकल्प के साथ लड़ने वाले नेता हैं और कांग्रेस पूरे देश में अपना संगठन मज़बूत कर रही है।
यूपी 2027 चुनाव में सपा-कांग्रेस गठबंधन की क्या स्थिति है?
2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर सपा और कांग्रेस के बीच औपचारिक गठबंधन अभी तय नहीं हुआ है। कांग्रेस का शीर्ष नेतृत्व गठबंधन का समर्थन करता है, लेकिन इमरान मसूद जैसे नेताओं के बयानों से सीट-बँटवारे की बातचीत जटिल हो सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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