13 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जम्मू-कश्मीर में व्हाइट नाइट कोर कमांडर का ऑपरेशनल दौरा, ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन की तैयारियों की समीक्षा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जम्मू-कश्मीर में व्हाइट नाइट कोर कमांडर का ऑपरेशनल दौरा, ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन की तैयारियों की समीक्षा

सारांश

व्हाइट नाइट कोर कमांडर का जम्मू-कश्मीर दौरा महज़ औपचारिकता नहीं — यह उस सतत सतर्कता का प्रतीक है जो सेना एलओसी और आतंकवाद-रोधी मोर्चे पर बनाए हुए है। थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ के हालिया दौरे के बाद यह समीक्षा संकेत देती है कि उत्तरी कमान में ऑपरेशनल तैयारी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्य बातें

व्हाइट नाइट कोर के कमांडर ने जम्मू-कश्मीर में ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन और सीआईएफ रोमियो के ऑपरेशनल ठिकानों का दौरा किया।
दौरे में सुरक्षा हालात , निगरानी प्रणालियों , सटीक हमले की क्षमताओं और भविष्य की चुनौतियों की समीक्षा की गई।
थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 7 से 9 जुलाई के बीच उत्तरी कमान का दौरा किया था, जिसमें कुपवाड़ा , उरी और मानसबल शामिल थे।
जनरल सेठ ने अमरनाथ यात्रा की तैयारियों, एलओसी और आतंकवाद-रोधी ग्रिड का आकलन किया।
थलसेना प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की।

भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर के कमांडर (जीओसी) ने जम्मू-कश्मीर में ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन और सीआईएफ रोमियो के ऑपरेशनल ठिकानों का दौरा किया और क्षेत्र की मौजूदा सुरक्षा स्थिति तथा सैन्य तैयारियों का व्यापक मूल्यांकन किया। यह दौरा ऐसे समय में हुआ है जब जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियानों और सीमा सुरक्षा को लेकर सेना की सतर्कता उच्चतम स्तर पर बनाए रखी जा रही है।

दौरे का उद्देश्य और मुख्य घटनाक्रम

व्हाइट नाइट कोर की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, जीओसी ने ऑपरेशनल ठिकानों पर तैनात जवानों से सीधी बातचीत की और उनकी सतर्कता, ऑपरेशनल क्षमता तथा निरंतर समर्पण की सराहना की। दौरे के दौरान कोर कमांडर को सुरक्षा हालात, ऑपरेशनल तैयारियों, क्षमता संवर्धन उपायों, निगरानी प्रणालियों और सटीक हमले की क्षमताओं की विस्तृत जानकारी दी गई।

जवानों के मनोबल की सराहना

कोर कमांडर ने जवानों के उच्च मनोबल और पेशेवर रवैये की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि सुरक्षित और स्थिर माहौल बनाए रखने में जवानों की सतर्कता और प्रतिबद्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। व्हाइट नाइट कोर ने अपने संदेश में स्पष्ट किया — 'तैयारी के जरिए रोकथाम, तैयारी के जरिए जीत। हम सेवा करते हैं, हम सुरक्षा करते हैं।'

थलसेना प्रमुख का पूर्व दौरा

गौरतलब है कि इससे पहले थलसेना प्रमुख बनने के बाद जनरल धीरज सेठ ने जम्मू-कश्मीर में उत्तरी कमान का अपना पहला दौरा किया था। उन्होंने 7 से 9 जुलाई के बीच कुपवाड़ा, उरी और मानसबल जैसे सीमावर्ती इलाकों में अग्रिम तैनाती का निरीक्षण किया। इस दौरान श्रीनगर में सुरक्षा परिदृश्य और अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा भी की गई, तथा जम्मू क्षेत्र में एलओसी और आतंकवाद-रोधी ग्रिड का आकलन किया गया।

राजनीतिक और प्रशासनिक समन्वय

जनरल सेठ ने अपने दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री से भी मुलाकात की। यह समन्वय बैठक सेना और नागरिक प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है। व्हाइट नाइट कोर ने इस दौरे की कई तस्वीरें अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की हैं।

आगे की दिशा

सेना के अनुसार, इस दौरे का मुख्य उद्देश्य भविष्य की युद्ध चुनौतियों के लिए तैयारियों को सुदृढ़ करना और ऑपरेशनल क्षमता की निरंतर समीक्षा सुनिश्चित करना था। जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों की मुस्तैदी और ऑपरेशनल समीक्षाओं का यह क्रम आने वाले समय में भी जारी रहने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुनियोजित ऑपरेशनल संदेश है। जम्मू-कश्मीर में हाल के महीनों में आतंकवादी घटनाओं की पृष्ठभूमि में ये समीक्षाएँ सेना की 'ऊपर से नीचे तक' निगरानी की प्रतिबद्धता दर्शाती हैं। हालाँकि, इन दौरों की आवृत्ति और सार्वजनिक संचार की शैली यह भी संकेत देती है कि सेना ऑपरेशनल पारदर्शिता और मनोबल-प्रदर्शन दोनों को एक साथ साधने की कोशिश कर रही है — जो रणनीतिक संचार का एक महत्वपूर्ण आयाम है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

व्हाइट नाइट कोर क्या है और इसकी भूमिका क्या है?
व्हाइट नाइट कोर भारतीय सेना की एक प्रमुख कोर है जो जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा और ऑपरेशनल जिम्मेदारियाँ संभालती है। यह एलओसी की निगरानी, आतंकवाद-रोधी अभियानों और क्षेत्रीय स्थिरता बनाए रखने में केंद्रीय भूमिका निभाती है।
ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन और सीआईएफ रोमियो कौन हैं?
ऐस ऑफ स्पेड्स डिवीजन और सीआईएफ रोमियो भारतीय सेना की इकाइयाँ हैं जो जम्मू-कश्मीर में ऑपरेशनल तैनाती में हैं। इन्हें क्षेत्र में सुरक्षा सुनिश्चित करने और आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए जाना जाता है।
थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने उत्तरी कमान का दौरा कब किया?
थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 7 से 9 जुलाई के बीच उत्तरी कमान का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कुपवाड़ा, उरी और मानसबल जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों का निरीक्षण किया और अमरनाथ यात्रा की तैयारियों की समीक्षा की।
इस दौरे में किन विषयों की समीक्षा की गई?
दौरे में सुरक्षा हालात, ऑपरेशनल तैयारियाँ, क्षमता संवर्धन उपाय, निगरानी प्रणालियाँ, सटीक हमले की क्षमताएँ और भविष्य की चुनौतियों से निपटने के उपायों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
जम्मू-कश्मीर में इस समय सुरक्षा समीक्षाओं का क्या महत्व है?
जम्मू-कश्मीर में हाल के महीनों में सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए सेना की ये समीक्षाएँ ऑपरेशनल तैयारी को सुनिश्चित करने के लिए की जा रही हैं। थलसेना प्रमुख और कोर कमांडर स्तर पर लगातार दौरे यह दर्शाते हैं कि उच्च कमान क्षेत्रीय सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 5 दिन पहले
  3. 5 दिन पहले
  4. 2 महीने पहले
  5. 2 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 7 महीने पहले
  8. 1 साल पहले