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जम्मू-कश्मीर के दोनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50-50 नई MBBS सीटें मंजूर, 2026-27 से होगा लागू

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जम्मू-कश्मीर के दोनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50-50 नई MBBS सीटें मंजूर, 2026-27 से होगा लागू

सारांश

नेशनल मेडिकल कमीशन ने जम्मू-कश्मीर के दोनों प्रमुख सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 50-50 अतिरिक्त MBBS सीटें मंजूर कीं — 2026-27 से कुल 100 नई सीटें जुड़ेंगी। साथ ही अंत्योदय परिवारों के छात्रों के लिए पूरी फीस माफी की घोषणा भी हुई।

मुख्य बातें

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने GMC श्रीनगर और GMC जम्मू में 50-50 अतिरिक्त MBBS सीटें मंजूर कीं।
नई सीटें शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रभावी होंगी, कुल 100 नई सीटें जुड़ेंगी।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे चिकित्सा शिक्षा सुदृढ़ीकरण की दिशा में बड़ी उपलब्धि बताया।
स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू ने अंत्योदय अन्न योजना के कक्षा 9-12 और सरकारी कॉलेज के स्नातक छात्रों के लिए पूरी फीस माफी की घोषणा की।
इस कदम से जम्मू-कश्मीर में डॉक्टरों की कमी दूर करने और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने में मदद मिलेगी।

नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने सरकारी मेडिकल कॉलेज श्रीनगर और सरकारी मेडिकल कॉलेज जम्मू में 50-50 अतिरिक्त MBBS सीटों को मंजूरी दे दी है, जो शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रभावी होंगी। इस निर्णय से जम्मू-कश्मीर में मेडिकल शिक्षा की वार्षिक दाखिला क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी और चिकित्सा क्षेत्र के लिए अधिक प्रशिक्षित डॉक्टर तैयार करने का मार्ग प्रशस्त होगा।

मुख्यमंत्री की प्रतिक्रिया

मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस मंजूरी पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इटू तथा दोनों मेडिकल कॉलेजों की फैकल्टी और प्रशासन को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जम्मू-कश्मीर में चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करने और डॉक्टर बनने के इच्छुक युवाओं के लिए नए अवसर सृजित करने की सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है।

मुख्यमंत्री ने इसे 2026-27 शैक्षणिक सत्र से सालाना दाखिला क्षमता में बढ़ोतरी की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताया। उनके अनुसार, इस कदम से प्रदेश के छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं के लिए मानव संसाधन का आधार मजबूत होगा।

फीस माफी की घोषणा

इसी क्रम में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सकीना इटू ने एक अन्य महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने बताया कि अंत्योदय अन्न योजना के अंतर्गत आने वाले सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले छात्रों और जम्मू-कश्मीर के सरकारी कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों के लिए पूरी फीस माफी लागू की जाएगी।

सकीना इटू ने कहा कि यह निर्णय मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की उस प्रतिबद्धता को साकार करता है, जिसमें उन्होंने संकल्प लिया था कि आर्थिक कठिनाई किसी भी बच्चे की शिक्षा में बाधा नहीं बनेगी।

आम जनता और छात्रों पर असर

दोनों मेडिकल कॉलेजों में कुल 100 नई MBBS सीटें जुड़ने से जम्मू-कश्मीर के छात्रों को अब प्रदेश के बाहर दाखिले के लिए कम निर्भर होना पड़ेगा। गौरतलब है कि केंद्र शासित प्रदेश में चिकित्सकों की कमी लंबे समय से स्वास्थ्य सेवाओं पर दबाव बनाए हुए है। यह वृद्धि उस अंतर को पाटने में सहायक होगी।

फीस माफी की योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के लिए उच्च शिक्षा की राह खोलती है। मंत्री इटू के अनुसार, सरकार का लक्ष्य हर योग्य छात्र के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को सुलभ, किफायती और समावेशी बनाना है।

आगे की राह

NMC की मंजूरी के बाद अब दोनों संस्थानों को बढ़ी हुई सीटों के अनुरूप बुनियादी ढाँचे और फैकल्टी की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी। शैक्षणिक सत्र 2026-27 से इन सीटों पर दाखिला प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है, जिससे जम्मू-कश्मीर में चिकित्सा शिक्षा का एक नया अध्याय शुरू होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा क्रियान्वयन की होगी — बढ़ी सीटों के साथ फैकल्टी, अस्पताल बेड और बुनियादी ढाँचे का अनुपात भी बनाए रखना अनिवार्य है, जो भारत के कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में पुरानी चुनौती रही है। फीस माफी की घोषणा समावेशी शिक्षा की दिशा में सकारात्मक संकेत है, पर यह देखना होगा कि लाभार्थियों की पहचान और वितरण तंत्र कितना पारदर्शी और त्वरित होता है। कुल मिलाकर, यदि NMC के मानकों के अनुरूप संसाधन जुटाए गए, तो यह कदम केंद्र शासित प्रदेश में दीर्घकालिक स्वास्थ्य मानव संसाधन की नींव रख सकता है।
RashtraPress
13 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर के मेडिकल कॉलेजों में कितनी नई MBBS सीटें मंजूर हुई हैं?
नेशनल मेडिकल कमीशन ने सरकारी मेडिकल कॉलेज श्रीनगर और सरकारी मेडिकल कॉलेज जम्मू में 50-50 अतिरिक्त MBBS सीटें मंजूर की हैं, यानी कुल 100 नई सीटें। ये सीटें शैक्षणिक सत्र 2026-27 से प्रभावी होंगी।
नई MBBS सीटें कब से लागू होंगी?
NMC द्वारा मंजूर की गई 50-50 अतिरिक्त MBBS सीटें शैक्षणिक सत्र 2026-27 से दोनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों में लागू होंगी। इससे जम्मू-कश्मीर की वार्षिक मेडिकल दाखिला क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
जम्मू-कश्मीर में फीस माफी योजना किन छात्रों को मिलेगी?
स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू की घोषणा के अनुसार, अंत्योदय अन्न योजना के अंतर्गत आने वाले सरकारी स्कूलों में कक्षा 9वीं से 12वीं तक पढ़ने वाले छात्रों और सरकारी कॉलेजों में स्नातक पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को पूरी फीस माफी मिलेगी। यह योजना आर्थिक रूप से कमज़ोर परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़े रखने के लिए है।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस फैसले पर क्या कहा?
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि यह फैसला जम्मू-कश्मीर में चिकित्सा शिक्षा को मजबूत करने और डॉक्टर बनने के इच्छुक युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री सकीना इटू और दोनों मेडिकल कॉलेजों की फैकल्टी व प्रशासन को बधाई दी।
इन नई MBBS सीटों से जम्मू-कश्मीर को क्या फायदा होगा?
100 नई MBBS सीटें जुड़ने से जम्मू-कश्मीर के छात्रों को प्रदेश के भीतर ही मेडिकल शिक्षा के अधिक अवसर मिलेंगे और बाहर के कॉलेजों पर निर्भरता कम होगी। साथ ही, अधिक प्रशिक्षित डॉक्टर तैयार होने से क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं का आधार मजबूत होगा।
राष्ट्र प्रेस
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