लॉर्ड्स टेस्ट में भारतीय महिला टीम की 270 रन से ऐतिहासिक जीत, मांडविया ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 13 जुलाई को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड को 270 रन से हराकर क्रिकेट इतिहास में अपना नाम स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज कर लिया। यह उपलब्धि इसलिए भी अतुलनीय है क्योंकि भारतीय महिला टीम 'क्रिकेट के घर' में टेस्ट मैच जीतने वाली पहली महिला टीम बन गई है। केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया समेत क्रिकेट जगत ने इस ऐतिहासिक जीत पर टीम को बधाई दी है।
मैच का पूरा स्कोरकार्ड
भारत ने पहली पारी में 285 रन बनाए, जिसके जवाब में इंग्लैंड की टीम महज 170 रन पर ढेर हो गई। इस तरह भारत को 115 रन की पहली पारी की बढ़त मिली। दूसरी पारी में भारत ने 341/7 के स्कोर पर पारी घोषित कर इंग्लैंड के सामने जीत के लिए 457 रन का विशाल लक्ष्य रखा। इंग्लैंड की पूरी टीम दूसरी पारी में केवल 186 रन बनाकर पवेलियन लौट गई, और भारत ने 270 रन की करारी जीत दर्ज की।
खेल मंत्री मांडविया की प्रतिक्रिया
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'लॉर्ड्स में रचा इतिहास। हमारी महिला क्रिकेट टीम को इस मशहूर मैदान पर टेस्ट मैच जीतने वाली पहली महिला टीम बनने पर बधाई। इंग्लैंड पर 270 रनों की शानदार जीत इस उपलब्धि को और भी खास बनाती है।' मांडविया का यह संदेश भारतीय खेल प्रशंसकों में उत्साह की लहर लेकर आया।
बीसीसीआई की प्रतिक्रिया और उद्धरण
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने एक आधिकारिक बयान में कहा, 'क्रिकेट के घर में टेस्ट मैच जीतना किसी भी क्रिकेटर के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। युवा भारतीय टीम के लिए, यह एक अहम पल है जो देश में महिला क्रिकेट की शानदार प्रगति और विश्व स्तर पर टीम के जज्बे, कौशल और चरित्र को दर्शाता है।'
बीसीसीआई अध्यक्ष मिथुन मन्हास ने कहा, 'यह भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास के सबसे बेहतरीन पलों में से एक है। लॉर्ड्स में टेस्ट मैच जीतना बेहद खास है और यह उस साहस, अनुशासन और विश्वास को दर्शाता है जो इस टीम ने पूरे मुकाबले के दौरान दिखाया है।' उन्होंने कप्तान हरमनप्रीत कौर, खिलाड़ियों, कोचों और सपोर्ट स्टाफ को इस अविस्मरणीय उपलब्धि के लिए बधाई दी।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने कहा, 'यह ऐतिहासिक जीत महिला क्रिकेट में बरसों के लगातार निवेश और भरोसे का नतीजा है। सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट वाली महिला क्रिकेटरों के लिए समान वेतन, घरेलू महिला क्रिकेटरों के लिए बढ़ी हुई मैच फीस और विमेंस प्रीमियर लीग की शुरुआत ने भारत में महिला क्रिकेट की तस्वीर बदल दी है।'
महिला क्रिकेट के लिए व्यापक महत्व
गौरतलब है कि लॉर्ड्स में यह जीत केवल एक मैच की जीत नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के दशकों के संघर्ष और समर्पण का प्रतिफल है। यह ऐसे समय में आई है जब विमेंस प्रीमियर लीग (WPL) जैसे मंचों ने युवा प्रतिभाओं को निखारने का काम किया है। बीसीसीआई के अनुसार, यह जीत उन अनगिनत युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो उच्चतम स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने का सपना देखती हैं। आने वाले समय में इस जीत का असर महिला क्रिकेट की लोकप्रियता और निवेश पर भी दिखने की उम्मीद है।