हरमनप्रीत कौर: लॉर्ड्स टेस्ट में 270 रनों की जीत, टॉप ऑर्डर ने हटाया दबाव
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 13 जुलाई को लॉर्ड्स में इंग्लैंड के खिलाफ ऐतिहासिक टेस्ट मैच में 270 रनों की जीत के बाद अपनी सलामी बल्लेबाज़ों की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि टॉप ऑर्डर ने शुरुआती दबाव अपने ऊपर लेकर बाकी टीम को राहत दी, और 'क्रिकेट के घर' में खेलना हमेशा एक विशेष अनुभव रहता है।
ऐतिहासिक जीत का महत्व
भारत लॉर्ड्स के मैदान पर महिला टेस्ट मैच जीतने वाला पहला देश बन गया है — यह उपलब्धि इस जीत को महज़ एक स्कोरकार्ड से कहीं आगे ले जाती है। गौरतलब है कि यह जीत ऐसे दौरे के अंत में आई जो मिले-जुले नतीजों वाला रहा — भारत टी20 सीरीज़ 1-2 से हार गया था और महिला टी20 विश्व कप के सेमीफाइनल में भी जगह नहीं बना पाया था।
हरमनप्रीत ने जीत के बाद कहा, "भगवान सबसे अच्छे लेखक हैं। उन्होंने इसे बहुत अच्छे से लिखा है।" उन्होंने आगे जोड़ा, "सलामी बल्लेबाज हमारी सबसे बड़ी ताकत रही हैं। जिस तरह से उन्होंने पहले हाफ में बल्लेबाज़ी की, वह देखना वाकई बहुत खास था। वे ही हमेशा ज़िम्मेदारी लेती हैं और हम पर से सारा दबाव हटाती हैं।"
लॉर्ड्स में खेलने का अनुभव
कप्तान ने 'होम ऑफ क्रिकेट' पर टेस्ट आयोजित करने की पहल की सराहना करते हुए कहा, "लॉर्ड्स में खेलना हमेशा खास होता है। मैं उन लोगों का शुक्रिया अदा करना चाहती हूं, जिन्होंने यहां एक टेस्ट मैच कराने के बारे में सोचा।" उन्होंने भविष्य में और अधिक टेस्ट मैचों की उम्मीद जताई और कहा कि इस तरह के मैच खिलाड़ियों और दर्शकों दोनों में खुशी और उत्साह भरते हैं।
सपोर्ट स्टाफ और कोच की भूमिका
हेड कोच अमोल मजूमदार और सपोर्ट स्टाफ की रणनीतिक भूमिका को रेखांकित करते हुए हरमनप्रीत ने कहा, "मुझे लगता है कि यह पूरी टीम और खासकर हमारे सपोर्ट स्टाफ की मेहनत का नतीजा है। उनमें से कई लोगों ने काफी टेस्ट क्रिकेट खेला है। वे जानते हैं कि टेस्ट क्रिकेट कैसे आगे बढ़ता है और वे हर पल हमें फीडबैक देते रहते हैं।"
यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय महिला टीम सफेद गेंद क्रिकेट में कुछ निराशाजनक नतीजों से गुज़री थी। कप्तान ने स्वीकार किया, "पिछली कुछ सीरीज़ हमारे पक्ष में नहीं रहीं," लेकिन साथ ही कहा कि कोचिंग स्टाफ ने टीम को एकजुट बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई।
यास्तिका भाटिया और फील्डिंग की तारीफ
विकेटकीपर-बल्लेबाज़ यास्तिका भाटिया के प्रदर्शन पर हरमनप्रीत ने कहा, "वह एक बेहतरीन बल्लेबाज़ है। हमें उन पर पूरा भरोसा था और इसीलिए हमने उन्हें प्लेइंग इलेवन में शामिल किया।" इसके अलावा, टीम की फील्डिंग — विशेष रूप से ऋचा के प्रदर्शन — की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि फील्डिंग एक ऐसा क्षेत्र है जिस पर पूरे समूह ने कड़ी मेहनत की है।
आगे की राह
लॉर्ड्स की यह जीत भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक नई उम्मीद की किरण है। हरमनप्रीत ने भविष्य में और अधिक टेस्ट मैचों की माँग को दोहराया — एक ऐसी माँग जो महिला क्रिकेट के प्रशंसक और विशेषज्ञ लंबे समय से उठाते आए हैं। यह जीत इस बात का प्रमाण है कि जब मौका मिलता है, भारतीय महिला टीम लंबे प्रारूप में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में सक्षम है।