लॉर्ड्स में भारतीय महिला टीम की ऐतिहासिक जीत, इंग्लैंड को 270 रन से हराया; यास्तिका का शतक अमर
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने 14 जुलाई 2025 को लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड को 270 रन से पराजित कर क्रिकेट इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ दिया। भारत लॉर्ड्स में महिला टेस्ट मैच जीतने वाला पहला देश बन गया — और यह मैच स्वयं इस मैदान पर खेला गया पहला महिला टेस्ट था। यह जीत केवल एक स्कोरकार्ड की जीत नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट की बढ़ती वैश्विक ताकत का प्रमाण है।
पहली पारी: मंधाना और हरमनप्रीत की नींव
टॉस गंवाकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने पहली पारी में 285 रन का ठोस स्कोर खड़ा किया। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना ने 83 रन की आक्रामक पारी खेली, जबकि कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 58 रन की पारी से टीम को संभाला। दीप्ति शर्मा ने भी निचले क्रम में 57 रन जोड़कर भारत को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाया। इंग्लैंड की ओर से सोफी एक्लेस्टोन ने 3 विकेट लेकर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी की।
जवाब में इंग्लैंड की पहली पारी मात्र 170 रन पर सिमट गई। मेजबान टीम ने महज 47 रन पर 4 विकेट गंवा दिए थे। कप्तान नैट साइवर-ब्रंट (44 रन) और एमी जोंस (52 रन) ने पाँचवें विकेट के लिए 84 रन की साझेदारी से टीम को उबारने की कोशिश की, लेकिन यह जोड़ी टूटते ही इंग्लैंड फिर बिखर गई। भारत की क्रांति गौड़ ने 37 रन देकर 5 विकेट लेकर इंग्लैंड की कमर तोड़ दी।
यास्तिका भाटिया का ऐतिहासिक शतक
115 रन की पहली पारी की बढ़त के साथ मैदान पर उतरी भारतीय टीम ने दूसरी पारी 341/7 पर घोषित की। इस पारी की नायक रहीं यास्तिका भाटिया, जिन्होंने 14 चौकों की मदद से 113 रन की शानदार पारी खेली और लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाली पहली महिला बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। स्मृति मंधाना ने 70 रन और ऋचा घोष ने नाबाद 50 रन की पारी खेलकर भारत को विशाल बढ़त दिलाई। इंग्लैंड की सोफी एक्लेस्टोन ने इस पारी में 5 विकेट लिए।
इंग्लैंड का दूसरी पारी में पतन
457 रन के विशाल लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम अपनी दूसरी पारी में मात्र 186 रन पर ढेर हो गई। मेजबान टीम ने 59 रन तक 5 विकेट गंवा दिए। मैडी विलियर्स और एमी जोंस ने छठे विकेट के लिए 67 रन जोड़े, लेकिन यह साझेदारी टूटते ही इंग्लैंड की पारी बिखर गई। एमी जोंस ने 54 रन और सोफी एक्लेस्टोन ने 6 चौकों की मदद से 50 रन बनाए। भारत की ओर से स्नेह राणा ने 4 विकेट लिए, जबकि सयाली सतघारे, क्रांति गौड़ और दीप्ति शर्मा ने 2-2 विकेट हासिल किए।
क्यों है यह जीत ऐतिहासिक
गौरतलब है कि लॉर्ड्स को क्रिकेट का 'मक्का' कहा जाता है और यहाँ किसी भी देश की महिला टीम ने इससे पहले कभी टेस्ट नहीं खेला था। यह जीत ऐसे समय में आई है जब भारतीय महिला क्रिकेट तेजी से वैश्विक पहचान बना रही है। यास्तिका भाटिया का शतक और क्रांति गौड़ की पहली पारी में 5 विकेट की गेंदबाजी इस ऐतिहासिक जीत के दो सबसे चमकदार पहलू रहे। आगे इस सीरीज़ और भारतीय महिला टीम के प्रदर्शन पर क्रिकेट जगत की नज़रें टिकी रहेंगी।