दतिया उपचुनाव: सपा ने कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह को दिया समर्थन, 25,000 वोटों से जीत का दावा
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के दतिया विधानसभा उपचुनाव में इंडिया गठबंधन की एकजुटता सामने आई है — समाजवादी पार्टी (सपा) ने 13 जुलाई 2026 को आधिकारिक तौर पर कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह के समर्थन की घोषणा की। सपा नेता मनोज यादव घनश्याम सिंह के नामांकन कार्यक्रम में उपस्थित रहे और स्पष्ट किया कि यदि आवश्यकता पड़ी तो सपा दतिया में सक्रिय प्रचार भी करेगी।
नामांकन और जीत का दावा
कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने दतिया विधानसभा सीट के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। नामांकन के बाद उन्होंने दावा किया कि वे 25,000 वोटों के अंतर से यह चुनाव जीतेंगे। उन्होंने कहा, 'नामांकन दाखिल कर दिया है। चुनावी जंग शुरू हो गई है और इसमें इंडिया गठबंधन की जीत सुनिश्चित है। समाजवादी पार्टी के नेता मनोज यादव मेरे नामांकन में मौजूद रहे।' इस अवसर पर प्रदेश कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता भी उपस्थित रहे।
सपा का समर्थन और गठबंधन की रणनीति
सपा नेता मनोज यादव ने स्पष्ट किया कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी ने इंडिया गठबंधन के तहत कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन करने का फैसला लिया है। उन्होंने कहा कि दतिया में जीत हासिल करना गठबंधन की प्राथमिकता है और इसके लिए सभी सहयोगी दलों की एकजुटता ज़रूरी है। यादव ने यह भी जोड़ा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) लोकतंत्र को कमज़ोर कर रही है और जनता का विश्वास इंडिया गठबंधन के साथ है।
कांग्रेस की तैयारी और स्थानीय मुद्दे
कांग्रेस के राज्य अध्यक्ष (विचारधारा विभाग) भूपेंद्र गुप्ता ने कहा कि पार्टी पूरी तरह चुनाव के लिए तैयार है। उन्होंने किसानों की समस्याओं, मध्य प्रदेश के छात्रों की परेशानियों और मंदिरों में हो रही चोरी की घटनाओं को चुनावी मुद्दे के रूप में उठाया। गुप्ता ने कहा, 'आज पूरे देश में किसान परेशान हैं, मध्य प्रदेश के छात्र परेशान हैं और मंदिरों में चोरी हो रही है।'
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में BJP की सरकार है और उपचुनाव में विपक्षी एकता की परीक्षा होगी। गौरतलब है कि इंडिया गठबंधन के घटक दल राज्यस्तरीय उपचुनावों में समन्वय की कोशिश करते रहे हैं, हालाँकि इसके परिणाम मिश्रित रहे हैं। दतिया सीट पर सपा का समर्थन कांग्रेस की स्थिति को मज़बूत करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
आगे क्या
मनोज यादव के अनुसार, यदि आवश्यकता हुई तो सपा कार्यकर्ता दतिया में सक्रिय प्रचार में उतरेंगे। उम्मीदवारी दाखिल होने के बाद अब सभी पार्टियों का ध्यान मतदाताओं तक पहुँचने पर केंद्रित होगा। चुनाव परिणाम मध्य प्रदेश में विपक्षी गठबंधन की प्रभावशीलता का एक महत्वपूर्ण संकेत देंगे।