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क्या सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का तंज सही है?

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क्या सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव पर उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का तंज सही है?

सारांश

क्या अखिलेश यादव की योजनाएं यूपी को आगे बढ़ाएंगी? जानिए कैसे केशव मौर्य ने उन पर तंज करते हुए आरोप लगाया कि वे पिछड़ों को अगड़ों से लड़ाने की कुचेष्टा कर रहे हैं। यह सब कुछ राजनीतिक पृष्ठभूमि में कैसे हो रहा है, जानें इस लेख में।

मुख्य बातें

सपा की योजनाएं यूपी की चिकित्सा प्रणाली को सुदृढ़ करने का प्रयास कर रही हैं।
भाजपा पर आरोप है कि उन्होंने गोमती नदी की सफाई में असफलता दिखाई है।
राजनीतिक बयानबाजी वोट बैंक की राजनीति का हिस्सा है।

लखनऊ, 30 जून (राष्ट्र प्रेस)। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को केजीएमयू में आयोजित एक ब्लड डोनेशन कैंप में भाग लिया। उन्होंने कहा कि यदि सपा की सरकार बनी तो केजीएमयू को विश्व का सर्वश्रेष्ठ संस्थान बनाया जाएगा। इसके लिए सभी आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे और गरीबों को सुविधाएं प्रदान की जाएंगी।

उन्होंने पीडीए परिवार के सभी कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया, जो इस ब्लड डोनेशन में शामिल हुए हैं। उनका उद्देश्य समाज में एकता लाना है।

अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि व्यापार और उद्योग में संकट का सामना करना पड़ रहा है। यूपी की एक प्रमुख संस्था बिकने की कगार पर है। भाजपा ने नदियों को साफ करने में असफलता दिखाई है, जिसके कारण गोमती नदी की स्थिति खराब हो गई है। सपा सरकार ने जो चिकित्सा अवसंरचना बनाई थी, उसे नष्ट किया जा रहा है।

इस बीच, उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर तीखा हमला किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव पिछड़ों और अति पिछड़ों को अगड़ों से लड़ाने की साजिश रच रहे हैं।

मौर्य ने सोशल मीडिया पर लिखा कि '100-100 चूहे खाकर बिल्ली हज को चली' यह कहावत अखिलेश पर पूरी तरह लागू होती है। 2012 से 2017 तक मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने पिछड़ों के अधिकारों को अपने परिवार और जाति के लिए बलिदान कर दिया। अब वही अखिलेश यादव पिछड़ों को अगड़ों से लड़वा रहे हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि सपा यूपी को बर्बाद करने की कोशिश कर रही है और इसके परिणामस्वरूप यह पार्टी समाप्त होने की ओर अग्रसर है। भाजपा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सामाजिक एकता, 'सबका साथ, सबका विकास', और महिला सशक्तीकरण की सच्ची प्रतीक है। 2027 में भाजपा फिर से प्रचंड बहुमत से लौटेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि राजनीतिक बयानबाजी का उद्देश्य केवल वोट बैंक को सुरक्षित करना है। अखिलेश यादव और केशव मौर्य के बीच की यह जंग एक सामान्य राजनीतिक खेल का हिस्सा है। हमें चाहिए कि हम इस पर ध्यान दें कि नेता क्या कर रहे हैं, न कि वे क्या कह रहे हैं।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव ने क्या कहा?
उन्होंने कहा कि यदि सपा की सरकार बनी तो केजीएमयू को विश्व का सर्वश्रेष्ठ संस्थान बनाया जाएगा।
केशव प्रसाद मौर्य ने अखिलेश पर क्या आरोप लगाया?
उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव पिछड़ों को अगड़ों से लड़ाने की साजिश कर रहे हैं।
क्या यूपी में राजनीतिक माहौल खराब है?
हां, दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप की स्थिति बनी हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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