दतिया उपचुनाव 2025: भाजपा जिला अध्यक्ष बोले — 'पीतांबरा माई ने विकास का मौका फिर दिया'
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा होते ही राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भारतीय निर्वाचन आयोग (ECI) ने 3 जुलाई 2025 को इस सीट पर उपचुनाव का कार्यक्रम जारी किया, जिसके अनुसार 30 जुलाई को मतदान और 3 अगस्त को मतगणना होगी। घोषणा के साथ ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बूथ स्तर तक अपनी सक्रियता बढ़ा दी है।
भाजपा की तैयारी और नेताओं का उत्साह
भाजपा के दतिया जिला अध्यक्ष रघुवीर कुशवाहा ने कहा, 'पीतांबरा माई की कृपा से दतिया में चुनाव की तारीख का ऐलान हो गया है। पिछले ढाई साल से विकास कार्य रुके हुए थे। पीतांबरा माई ने फिर से दतिया के विकास का अवसर दिया है।' उन्होंने आगे कहा, 'भाजपा के सभी कार्यकर्ता एकजुट हैं और पूरी लगन से काम कर रहे हैं। हम उपचुनाव में भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।'
कुशवाहा ने यह भी कहा कि पार्टी का प्रत्येक कार्यकर्ता अपने पोलिंग बूथ पर जाकर भारी मतों से जीत दिलाने के लिए संकल्पित है और दतिया में 'फिर से विकास की गंगा बहेगी।'
सीट रिक्त होने की पृष्ठभूमि
2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के राजेंद्र भारती ने भाजपा के प्रत्याशी और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा को 7,000 से अधिक मतों के अंतर से पराजित किया था। भारती को 88,977 मत मिले थे, जबकि मिश्रा को 81,235 मत प्राप्त हुए थे।
गौरतलब है कि बाद में बैंक एफडी से जुड़े एक पुराने मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने राजेंद्र भारती को तीन वर्ष की सजा सुनाई, जिसके परिणामस्वरूप उनकी विधानसभा सदस्यता समाप्त हो गई और यह सीट रिक्त हो गई। तब से उपचुनाव की प्रतीक्षा थी, जिस पर अब निर्वाचन आयोग ने मुहर लगा दी है।
उपचुनाव का पूरा कार्यक्रम
ECI द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, 6 जुलाई को अधिसूचना जारी होगी। 13 जुलाई नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि है और 14 जुलाई को नामांकन पत्रों की जाँच होगी। 16 जुलाई नामांकन वापसी की अंतिम तारीख है। 30 जुलाई को मतदान होगा और 3 अगस्त को परिणाम घोषित किए जाएंगे।
आगे की राजनीतिक चुनौती
दतिया सीट पर 2023 में हुई भाजपा की पराजय और नरोत्तम मिश्रा जैसे वरिष्ठ नेता की हार इस उपचुनाव को पार्टी के लिए प्रतिष्ठा का प्रश्न बनाती है। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री मोहन यादव के नेतृत्व में भाजपा सरकार अपनी पकड़ मज़बूत करने में जुटी है। कांग्रेस के लिए भी यह सीट महत्वपूर्ण है, क्योंकि 2023 में उसने यहाँ सफलता हासिल की थी और उपचुनाव में उस उपलब्धि को बनाए रखना उसके लिए चुनौती होगी।