दतिया उपचुनाव मतगणना 3 अगस्त को, BJP-कांग्रेस दोनों आश्वस्त; 71.44% मतदान दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट के उपचुनाव की मतगणना 3 अगस्त, सोमवार की सुबह से शुरू होगी और दोपहर तक नतीजे स्पष्ट होने की उम्मीद है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) दोनों ही अपनी जीत को लेकर आश्वस्त हैं, जबकि मैदान में कुल 21 उम्मीदवार हैं।
मतगणना की तैयारियां
जिला कलेक्टर स्वप्निल वानखेड़े ने रविवार, 2 अगस्त को गवर्नमेंट पॉलिटेक्निक कॉलेज में स्थापित मतगणना केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि मतदान प्रक्रिया पूरी तरह शांतिपूर्ण रही। कलेक्टर ने कहा, 'वोटिंग की प्रक्रिया बिना किसी बड़ी घटना के पूरी हुई। अगर कोई छोटी-मोटी समस्या आई भी तो उसे तुरंत संभाल लिया गया। कहीं भी शांति भंग होने की कोई खबर नहीं मिली और सबसे अच्छी बात यह रही कि वोटिंग शुरू होने से लेकर खत्म होने तक ईवीएम में खराबी की कोई शिकायत नहीं आई।'
मतदान प्रतिशत और पृष्ठभूमि
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस उपचुनाव में अंतिम मतदान प्रतिशत 71.44% रहा। यह 2023 के विधानसभा चुनावों में दर्ज 80% से अधिक मतदान की तुलना में 8.76 प्रतिशत अंक कम है। गौरतलब है कि यह सीट तब रिक्त हुई जब दिल्ली की राउज एवेन्यू जिला अदालत ने 2 अप्रैल को कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को कोऑपरेटिव बैंक घोटाले में दोषी ठहराते हुए तीन साल की सजा और ₹1 लाख का जुर्माना सुनाया, जिससे उनकी विधानसभा सदस्यता स्वतः समाप्त हो गई।
मुख्य उम्मीदवार और प्रचार
BJP ने पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को किनारे कर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया। पार्टी के लिए यह 2023 की हार का बदला लेने का अवसर था। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने रोड शो के ज़रिए प्रचार की अगुवाई की, जिसमें केंद्रीय मंत्री व पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, ज्योतिरादित्य सिंधिया और प्रदेश BJP अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी शामिल हुए।
कांग्रेस ने सीट बचाने के लिए घनश्याम सिंह को प्रत्याशी बनाया। उनके पक्ष में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, विपक्ष के नेता उमंग सिंघार और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने ज़ोरदार प्रचार किया।
त्रिकोणीय मुकाबले की संभावना
हालांकि मुख्य टक्कर आशुतोष तिवारी (BJP) और घनश्याम सिंह (कांग्रेस) के बीच मानी जा रही है, लेकिन आजाद समाज पार्टी के उम्मीदवार दामोदर सिंह यादव इसे त्रिकोणीय बनाने की कोशिश में हैं। यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में BJP सरकार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में लगी है।
आगे क्या
3 अगस्त की दोपहर तक मतगणना पूरी होने और नए विधायक का नाम सामने आने की उम्मीद है। यह नतीजा न केवल दतिया की राजनीतिक दिशा तय करेगा, बल्कि मध्य प्रदेश में दोनों प्रमुख दलों की जमीनी ताकत का भी संकेत देगा।