17 सितंबर 2026
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एशियन गेम्स 2026: भारत के ये 5 खिलाड़ी आइची-नागोया में मचा सकते हैं धमाल

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एशियन गेम्स 2026: भारत के ये 5 खिलाड़ी आइची-नागोया में मचा सकते हैं धमाल

सारांश

एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत 19 सितंबर से जापान में होगी। भारत के 503 एथलीटों के दल में पाँच युवा खिलाड़ी — बॉक्सर साक्षी चौधरी, स्क्वैश स्टार अनाहत सिंह, हैमर थ्रोअर अनुष्का यादव, बैडमिंटन के आयुष शेट्टी और टेबल टेनिस की सिंड्रेला दास — सरप्राइज पैकेज के रूप में देश को पदक दिला सकते हैं।

मुख्य बातें

एशियन गेम्स 2026 का आगाज 19 सितंबर 2026 से जापान के आइची-नागोया में होगा।
भारत ने 503 एथलीट का दल भेजा है, जो 35 खेलों में प्रतिस्पर्धा करेंगे।
बॉक्सर साक्षी चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीता और रूबी व्हाइट की 68 मैचों की जीत का सिलसिला तोड़ा था।
अनाहत सिंह (18 वर्ष) विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं।
अनुष्का यादव हैमर थ्रो में राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी हैं।
आयुष शेट्टी (21 वर्ष, 6 फुट 4 इंच) ने BWF विश्व चैंपियनशिप में विश्व के नंबर एक को हराया था; सिंड्रेला दास (17 वर्ष) महिला युगल और टीम स्पर्धा में खेलेंगी।

एशियन गेम्स 2026 का रंगारंग आगाज 19 सितंबर 2026 से जापान के आइची-नागोया में होने जा रहा है। भारत ने इस महाआयोजन में 503 एथलीट का अब तक का एक बड़ा दल भेजा है, जो 35 विभिन्न खेलों में अपनी चुनौती पेश करेंगे। दल में कई ऐसे युवा और उभरते सितारे शामिल हैं, जो इस मेगा इवेंट में अप्रत्याशित प्रदर्शन कर भारत की मेडल तालिका को समृद्ध कर सकते हैं।

मुख्य दावेदार कौन हैं

भारतीय दल में कई अनुभवी चेहरों के साथ-साथ ऐसे खिलाड़ी भी हैं जिन्होंने हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मंच पर धाक जमाई है। इन पाँच खिलाड़ियों पर सबसे अधिक नज़रें टिकी हैं।

साक्षी चौधरी — बॉक्सिंग रिंग की नई धमाकेदार उपस्थिति

महिला बॉक्सर साक्षी चौधरी ने बेहद कम समय में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी विशेष पहचान बनाई है। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में साक्षी ने स्वर्ण पदक जीतकर अपनी काबिलियत साबित की थी और फाइनल में रूबी व्हाइट के 68 मुकाबलों से चले आ रहे अजेय अभियान को भी समाप्त किया था। यद्यपि यह उनके लिए पहला एशियन गेम्स अनुभव होगा, उनकी आक्रामक शैली और ताज़ी फॉर्म उन्हें पदक का प्रबल दावेदार बनाती है।

अनाहत सिंह — स्क्वैश की किशोर सनसनी

महज 18 वर्ष की आयु में अनाहत सिंह स्क्वैश में अपनी पीढ़ी की सबसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। उन्होंने हाल ही में विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप का खिताब जीतकर इतिहास रचा और यह उपलब्धि हासिल करने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं। यदि वह इस शानदार लय को आइची-नागोया तक बरकरार रख सकीं, तो स्क्वैश में भारत के लिए पदक की उम्मीद बलवती होगी।

अनुष्का यादव — हैमर थ्रो की राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी

एथलेटिक्स टीम में जगह पाने वालीं अनुष्का यादव हैमर थ्रो स्पर्धा में राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर चुकी हैं। एशियन गेम्स के मंच पर वह अपनी इस ताकत को विश्व स्तरीय चुनौती में बदलने के इरादे से उतरेंगी। उनका राष्ट्रीय रिकॉर्ड इस बात का संकेत है कि वह एशियाई प्रतिस्पर्धा में भी अपनी छाप छोड़ने में सक्षम हैं।

आयुष शेट्टी — बैडमिंटन का उभरता सितारा

21 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने BWF विश्व चैंपियनशिप में विश्व के नंबर एक खिलाड़ी को हराकर सभी को चौंका दिया था। 6 फुट 4 इंच की ऊँचाई और दमदार स्मैश उनकी विशेषता है। यह उनका पहला एशियन गेम्स होगा, लेकिन उनके हालिया प्रदर्शन को देखते हुए वह बैडमिंटन में भारत के लिए पदक का दरवाज़ा खोल सकते हैं।

सिंड्रेला दास — टेबल टेनिस की 17 वर्षीय चमक

टेबल टेनिस में 17 वर्षीय सिंड्रेला दास ने अपनी फुर्ती और तकनीक से बड़े नामों को भी पसीना बहाने पर मजबूर किया है। एशियन गेम्स 2026 में वह महिला युगल और टीम स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इतनी कम उम्र में यह अनुभव उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हो सकता है, और पदक की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

क्या होगा आगे

एशियन गेम्स 2026 में भारत का 503 सदस्यीय दल देश का अब तक का एक बड़ा प्रतिनिधित्व है। इन पाँच युवा खिलाड़ियों की सफलता न केवल मेडल तालिका में योगदान देगी, बल्कि यह भविष्य के ओलंपिक और विश्व प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय खेलों की नई पीढ़ी की नींव भी रखेगी। आइची-नागोया में भारतीय प्रदर्शन पर पूरे देश की निगाहें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह है कि युवा खिलाड़ी एशियाई प्रतिस्पर्धा के उच्च दबाव में खुद को साबित कर पाते हैं या नहीं। साक्षी चौधरी और अनाहत सिंह जैसी एथलीटों ने हाल की उपलब्धियों से उम्मीदें जगाई हैं, लेकिन एशियाई स्तर पर चीन, जापान और दक्षिण कोरिया जैसी महाशक्तियों से मुकाबला गुणात्मक रूप से अलग चुनौती है। मुख्यधारा की चर्चा जहाँ 'सरप्राइज' तत्व पर केंद्रित है, वहीं असली सवाल यह है कि भारत का खेल ढाँचा इन युवा प्रतिभाओं को निरंतर समर्थन और प्रशिक्षण वातावरण दे पा रहा है या नहीं — क्योंकि एकबारगी उलटफेर और टिकाऊ पदक संस्कृति में बड़ा फर्क होता है।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 कब और कहाँ आयोजित होंगे?
एशियन गेम्स 2026 का आगाज 19 सितंबर 2026 से जापान के आइची-नागोया में होगा। यह एशिया का सबसे बड़ा बहु-खेल महाआयोजन है।
एशियन गेम्स 2026 में भारत कितने खिलाड़ी भेज रहा है?
भारत ने एशियन गेम्स 2026 के लिए 503 एथलीटों का दल भेजा है, जो 35 विभिन्न खेलों में हिस्सा लेंगे। यह भारत के बड़े दलों में से एक है।
साक्षी चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में क्या उपलब्धि हासिल की थी?
महिला बॉक्सर साक्षी चौधरी ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में स्वर्ण पदक जीता था। उन्होंने फाइनल में रूबी व्हाइट की 68 मुकाबलों से चली आ रही अजेय श्रृंखला को भी समाप्त किया था।
अनाहत सिंह ने स्क्वैश में कौन-सा रिकॉर्ड बनाया है?
18 वर्षीय अनाहत सिंह विश्व जूनियर स्क्वैश चैंपियनशिप जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनी हैं। उनकी यह उपलब्धि उन्हें एशियन गेम्स में भारत के प्रमुख पदक दावेदारों में से एक बनाती है।
आयुष शेट्टी BWF विश्व चैंपियनशिप में क्यों चर्चा में आए?
21 वर्षीय बैडमिंटन खिलाड़ी आयुष शेट्टी ने BWF विश्व चैंपियनशिप में विश्व के नंबर एक खिलाड़ी को हराकर बड़ा उलटफेर किया था। 6 फुट 4 इंच के इस खिलाड़ी की दमदार स्मैश उन्हें एशियन गेम्स में भारत के लिए मेडल का दावेदार बनाती है।
राष्ट्र प्रेस
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