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एशियन गेम्स 2026: इन 5 खेलों में भारत को सर्वाधिक पदक की उम्मीद, एथलेटिक्स में 283 मेडल का इतिहास

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एशियन गेम्स 2026: इन 5 खेलों में भारत को सर्वाधिक पदक की उम्मीद, एथलेटिक्स में 283 मेडल का इतिहास

सारांश

19 सितंबर से जापान के आइची-नागोया में शुरू हो रहे एशियन गेम्स 2026 में भारत के 503 खिलाड़ी 35 खेलों में उतरेंगे। एथलेटिक्स में 283, निशानेबाजी में 80 और रेसलिंग में 65 पदकों के ऐतिहासिक रिकॉर्ड के साथ भारत इस बार भी इन पाँच खेलों में पदक तालिका में धमाका करने की स्थिति में है।

मुख्य बातें

भारत के 503 खिलाड़ी 19 सितंबर 2026 से आइची-नागोया, जापान में 35 खेलों में हिस्सा लेंगे।
एथलेटिक्स में भारत ने अब तक एशियन गेम्स में 283 पदक ( 85 स्वर्ण, 102 रजत, 96 कांस्य ) जीते हैं — किसी एक खेल में सर्वाधिक।
निशानेबाजी में भारत के 80 पदक ; पिछले एशियन गेम्स में इस खेल में 22 पदक मिले थे।
रेसलिंग में कुल 65 पदक ; कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में खेल शामिल न होने से पहलवानों का पूरा फोकस एशियन गेम्स पर।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सिंग टीम के हर सदस्य ने पदक जीता; एशियन गेम्स में भी उम्मीदें बरकरार।
महिला क्रिकेट टीम ( हरमनप्रीत कौर की कप्तानी) का पहला मैच 18 सितंबर को; पुरुष टीम का 28 सितंबर को — दोनों ने पिछले एशियन गेम्स में स्वर्ण जीता था।

एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत 19 सितंबर से जापान के आइची-नागोया में होने जा रही है, और भारत के 503 खिलाड़ी कुल 35 खेलों में पदक के लिए मैदान में उतरेंगे। इतिहास, हालिया प्रदर्शन और खिलाड़ियों की तैयारी को देखते हुए पाँच खेल ऐसे हैं जिनमें भारत की पदक संभावनाएँ सबसे प्रबल मानी जा रही हैं।

एथलेटिक्स: सबसे मजबूत दावेदारी

एशियन गेम्स के इतिहास में भारत ने सर्वाधिक पदक एथलेटिक्स में जीते हैं। अब तक के 19 संस्करणों में भारत ने इस खेल में 85 स्वर्ण, 102 रजत और 96 कांस्य समेत कुल 283 पदक हासिल किए हैं — यह किसी एक खेल में भारत का सबसे बड़ा पदक भंडार है। नीरज चोपड़ा की गैरमौजूदगी के बावजूद मुरली श्रीशंकर, गुलवीर सिंह, अविनाश साबले, तजिंदरपाल सिंह, पारुल चौधरी, राजेश रमेश और रोहित यादव से पदक की मजबूत उम्मीद है।

निशानेबाजी: पिछली बार 22 पदकों का रिकॉर्ड

एथलेटिक्स के बाद निशानेबाजी वह खेल है जिसमें भारत को एशियन गेम्स में सबसे अधिक कामयाबी मिली है। अब तक भारत ने इस स्पर्धा में 16 स्वर्ण, 30 रजत और 34 कांस्य समेत कुल 80 पदक जीते हैं। पिछले एशियन गेम्स में भारत ने निशानेबाजी में 22 पदक जीते थे — जो किसी एक टूर्नामेंट में देश का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन था। इस बार मनु भाकर को भारत की सबसे बड़ी उम्मीद माना जा रहा है। उनके साथ ईशा सिंह, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, आशी चौकसे और सुरुचि भी पदक के प्रबल दावेदार हैं।

रेसलिंग: 65 पदक का इतिहास, पहलवान बेताब

रेसलिंग में भारत का एशियन गेम्स इतिहास भी उल्लेखनीय रहा है — 11 स्वर्ण, 15 रजत और 39 कांस्य समेत कुल 65 पदक। गौरतलब है कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रेसलिंग को शामिल नहीं किया गया था, इसलिए भारतीय पहलवानों की निगाहें पूरी तरह एशियन गेम्स पर टिकी हैं। अमन सहरावत, अंतिम पंघाल, दीपक पूनिया, मनीषा और सुजीत कलकल इस खेल में देश के लिए सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं।

बॉक्सिंग: कॉमनवेल्थ का जोश, एशियन गेम्स में नई उम्मीद

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया था — टीम का हर सदस्य पदक लेकर लौटा था। इस आत्मविश्वास के साथ भारतीय बॉक्सर आइची-नागोया में भी बेहतरीन प्रदर्शन करने को तैयार हैं। महिला वर्ग में साक्षी चौधरी, प्रीति पवार और लवलीना बोरगोहेन से जबरदस्त प्रदर्शन की उम्मीद है। पुरुष वर्ग में जदुमणि सिंह, सचिन सिवाच, अंकुश और नरेंद्र बेरवाल पदक के सबसे बड़े दावेदार माने जा रहे हैं।

क्रिकेट: दोनों टीमों का गोल्ड का इरादा

एशियन गेम्स 2026 में क्रिकेट को भी शामिल किया गया है। हरमनप्रीत कौर की कप्तानी में हाल ही में एशिया कप जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम 18 सितंबर को अपना पहला मैच खेलेगी, जबकि भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम 28 सितंबर को मैदान में उतरेगी। पिछले एशियन गेम्स में भारत की दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीता था, और इस बार भी दोनों स्क्वॉड की ताकत और हालिया फॉर्म को देखते हुए पदक पक्का माना जा रहा है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी खेल महाशक्ति बनने की आकांक्षाओं को और धार देने की कोशिश में है — एशियन गेम्स 2026 इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी पदक-से-प्रतिभागी अनुपात होगी। एथलेटिक्स और निशानेबाजी में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन आश्वस्त करने वाला है, लेकिन नीरज चोपड़ा जैसे स्टार की गैरमौजूदगी यह याद दिलाती है कि एक या दो बड़े नाम पूरी पदक गणना बदल सकते हैं। बॉक्सिंग में कॉमनवेल्थ की लय कायम रहती है या नहीं — यह देखने वाली बात होगी, क्योंकि एशियाई स्तर पर प्रतिस्पर्धा का स्तर कहीं ज्यादा कठिन है। क्रिकेट में पदक लगभग तय माना जा रहा है, लेकिन मुख्यधारा की कवरेज यह नहीं पूछती कि छोटे और कम-चर्चित खेलों में भारत के प्रदर्शन में सुधार हुआ है या नहीं — क्योंकि वहीं से खेल संस्कृति की असली गहराई झलकती है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 कब और कहाँ होंगे?
एशियन गेम्स 2026 की शुरुआत 19 सितंबर 2026 से जापान के आइची-नागोया में होगी। भारत इस टूर्नामेंट में 503 खिलाड़ियों के साथ कुल 35 खेलों में हिस्सा लेगा।
एशियन गेम्स 2026 में भारत को किन खेलों में सबसे ज्यादा पदक की उम्मीद है?
एथलेटिक्स, निशानेबाजी, रेसलिंग, बॉक्सिंग और क्रिकेट — ये पाँच खेल भारत के लिए सबसे अधिक पदक संभावना वाले माने जा रहे हैं। इनमें से एथलेटिक्स में भारत का एशियन गेम्स इतिहास में 283 पदकों का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड है।
एशियन गेम्स 2026 में भारत की निशानेबाजी टीम के प्रमुख खिलाड़ी कौन हैं?
निशानेबाजी में मनु भाकर को भारत की सबसे बड़ी उम्मीद माना जा रहा है। उनके अलावा ईशा सिंह, ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, आशी चौकसे और सुरुचि भी पदक के प्रमुख दावेदार हैं।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय क्रिकेट टीम का पहला मैच कब है?
हरमनप्रीत कौर की कप्तानी वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम 18 सितंबर को अपना पहला मैच खेलेगी, जबकि भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम 28 सितंबर को मैदान में उतरेगी। पिछले एशियन गेम्स में दोनों टीमों ने स्वर्ण पदक जीता था।
रेसलिंग में एशियन गेम्स 2026 के प्रमुख भारतीय दावेदार कौन हैं?
अमन सहरावत, अंतिम पंघाल, दीपक पूनिया, मनीषा और सुजीत कलकल भारत के लिए रेसलिंग में पदक के सबसे बड़े दावेदार हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में रेसलिंग न होने की वजह से इन खिलाड़ियों ने एशियन गेम्स की तैयारी पर पूरा ध्यान केंद्रित किया है।
राष्ट्र प्रेस
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