22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप: भारत ने 10 स्वर्ण सहित 19 पदक जीते, अमित शाह और PM मोदी ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप 2026 में भारतीय दल ने हांगकांग में शानदार प्रदर्शन करते हुए 10 स्वर्ण, 5 रजत और 4 कांस्य सहित कुल 19 पदक जीते और समग्र तालिका में दूसरा स्थान हासिल किया। इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दोनों ने एक्स पर भारतीय एथलीट्स को बधाई दी।
नेताओं की प्रतिक्रिया
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर लिखा, '10 गोल्ड मेडल सहित कुल 19 मेडल जीतने की आपकी यह उपलब्धि भारत की अदम्य खेल क्षमता का प्रतीक है, जो पूरे देश में अनगिनत एथलीट्स को प्रेरित करेगी।' प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपनी बधाई देते हुए कहा कि यह प्रदर्शन भारत के युवा एथलीट्स के दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता को दर्शाता है और आने वाले वर्षों में युवाओं को खेलों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।
अंतिम दिन के मुख्य प्रदर्शन
प्रतियोगिता के आखिरी दिन भारत ने तीन और स्वर्ण पदक जोड़कर अपने अभियान का समापन किया। मुस्कान ने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ 16:53.08 के समय में पूरी करके स्वर्ण जीता। मोगली वेंकटराम रेड्डी ने पुरुषों की 800 मीटर दौड़ 1:48.27 में पूरी करके स्वर्ण हासिल किया। नीरू पाठक ने महिलाओं की 4x400 मीटर रिले टीम को स्वर्ण दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन
भारतीय महिलाओं की 4x400 मीटर रिले टीम — संजय नेहते, तहूरा खातून और सेहनूर बावा — ने 3:38.07 सेकंड का समय निकालकर प्रतियोगिता का रिकॉर्ड तोड़ा। पुरुषों की 4x400 मीटर रिले टीम — पीयूष राज, सैयद सबीर, रंजीत कुमार एस और मोहम्मद अशफाक — ने 3:07.38 के मीट रिकॉर्ड में सुधार किया। इसके अलावा, निश्चय ने मेंस डिस्कस थ्रो में 60.10 मीटर का नेशनल अंडर-20 रिकॉर्ड बनाते हुए रजत पदक जीता।
अन्य उल्लेखनीय परिणाम
महिलाओं की 4x100 मीटर रिले टीम — काजल हीराभाई वाजा, भावना, आरती और निपम — ने 45.05 सेकंड के समय के साथ रजत पदक जीता। यह प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि भारतीय युवा एथलेटिक्स में तेज़ी से उभर रहे हैं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रहे हैं।
आगे की राह
इस चैंपियनशिप में भारत का यह प्रदर्शन आगामी एशियन गेम्स और अन्य अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए युवा एथलीट्स की मज़बूत पाइपलाइन का संकेत देता है। गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारत सरकार खेलों में बुनियादी ढाँचे और प्रशिक्षण में निवेश बढ़ा रही है।