अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप 2026: भारत ने पुरुष व महिला दोनों वर्गों में टीम खिताब जीता, किरेन रिजिजू ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कुश्ती टीम ने वियतनाम के दा नांग में जारी 2026 अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए पुरुष फ्रीस्टाइल और महिला कुश्ती, दोनों वर्गों में टीम चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया। यह उपलब्धि इस प्रतियोगिता में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन मानी जा रही है। केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने इसे देश के खेल जगत के लिए 'गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण' बताते हुए सभी विजेता पहलवानों को बधाई दी।
पदक तालिका: तीनों वर्गों में रिकॉर्ड प्रदर्शन
पुरुष फ्रीस्टाइल टीम ने कुल 9 पदक जीते, जिनमें 4 स्वर्ण पदक शामिल हैं — यह इस वर्ग में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। महिला कुश्ती टीम ने और भी प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 10 पदक हासिल किए, जिनमें 6 स्वर्ण पदक शामिल हैं। ग्रीको-रोमन टीम ने भी 8 पदक अपने नाम किए, जो इस वर्ग में उसका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बताया जा रहा है।
रिजिजू की प्रतिक्रिया
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी पोस्ट में किरेन रिजिजू ने लिखा, 'भारतीय खेल जगत के लिए यह एक गौरवपूर्ण और ऐतिहासिक क्षण है! वियतनाम के दा नांग में आयोजित 2026 अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप में हमारे पहलवानों ने बेमिसाल जज्बे और शानदार प्रदर्शन का परिचय दिया है।' उन्होंने आगे कहा, 'हमारे इन चैंपियंस को तहे दिल से बधाई! आप लगातार भारत की खेल विरासत को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहे हैं।' मंत्री ने इस उपलब्धि को भारतीय कुश्ती संघ और खेल मंत्रालय के लिए भी बड़ी सफलता करार दिया।
भारतीय कुश्ती की बढ़ती ताकत
यह सफलता ऐसे समय में आई है जब भारतीय कुश्ती पिछले कुछ वर्षों में ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में लगातार बेहतर परिणाम दे रही है। गौरतलब है कि अंडर-23 एशियाई चैंपियनशिप युवा पहलवानों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है, जहाँ भविष्य के अंतरराष्ट्रीय सितारे अपनी पहचान बनाते हैं। दा नांग में भारतीय दल ने न केवल व्यक्तिगत पदक बटोरे, बल्कि टीम खिताब जीतकर अपनी सामूहिक शक्ति का भी परिचय दिया।
आगे क्या
इस प्रदर्शन से उत्साहित भारतीय कुश्ती संघ अब आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए युवा पहलवानों की तैयारी को और मजबूत करेगा। अंडर-23 स्तर पर मिली यह सफलता भारत की वरिष्ठ टीम के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है।