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होर्मुज स्ट्रेट हमला: भारतीय क्रू मेंबर की मौत पर ईरान के सामने भारत का कड़ा विरोध, MEA ने डिप्टी मिशन प्रमुख को तलब किया

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होर्मुज स्ट्रेट हमला: भारतीय क्रू मेंबर की मौत पर ईरान के सामने भारत का कड़ा विरोध, MEA ने डिप्टी मिशन प्रमुख को तलब किया

सारांश

होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी क्रूज़ मिसाइलों ने UAE के दो टैंकरों को निशाना बनाया — एक भारतीय नाविक की जान गई, आठ घायल हुए। भारत ने ईरान के डिप्टी मिशन प्रमुख को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर हमले तत्काल बंद करने की माँग की।

मुख्य बातें

होर्मुज स्ट्रेट के पास ओमान के समुद्री क्षेत्र में ईरानी क्रूज़ मिसाइलों ने UAE के दो टैंकरों — मोम्बासा और अल बहियाह — पर हमला किया।
हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई; 8 अन्य घायल — जिनमें 6 भारतीय और 2 यूक्रेनी शामिल हैं।
MEA ने 14 जुलाई को नई दिल्ली में ईरानी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब किया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने हमले की कड़ी निंदा की और ऐसे हमले तत्काल रोकने की माँग की।
भारत ने ज़ोर दिया कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार वाणिज्यिक जहाज़रानी और नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना बंद हो।

विदेश मंत्रालय (MEA) ने 14 जुलाई को होर्मुज स्ट्रेट के पास ओमान के समुद्री क्षेत्र में हुए ईरानी मिसाइल हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत पर गहरी चिंता जताते हुए ईरान के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब कर भारत ने ऐसे हमलों को तत्काल बंद करने की माँग की है।

हमले का घटनाक्रम

ओमान के समुद्री क्षेत्र में होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी मार्ग से गुजर रहे संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के दो तेल टैंकरों — मोम्बासा और अल बहियाह — को दो ईरानी क्रूज़ मिसाइलों ने निशाना बनाया। अमीरात समाचार एजेंसी ने UAE के रक्षा मंत्रालय के हवाले से बताया कि इस हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई और आठ अन्य घायल हुए।

टैंकर मोम्बासा पर सवार भारतीय नाविक की मौत की पुष्टि हुई है। घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, इनमें से चार की हालत गंभीर बताई गई है।

भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को साप्ताहिक मीडिया ब्रीफिंग में कहा, 'ईरान के उप मिशन प्रमुख को तलब किए जाने के बाद हमने एक आधिकारिक बयान जारी किया। हमने उनके सामने अपनी गहरी चिंता जताई और जो घटना हुई, उसकी कड़ी निंदा की।'

जायसवाल ने आगे कहा, 'इस हमले में हमने एक अनमोल भारतीय नागरिक को खो दिया। कई भारतीय नागरिक घायल हुए हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत ने ईरानी पक्ष के सामने कड़ा विरोध दर्ज कराया और माँग की कि ऐसे हमले तुरंत रोके जाएँ।

अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों की सुरक्षा पर ज़ोर

विदेश मंत्रालय ने इस बात पर विशेष ज़ोर दिया कि क्षेत्र में वाणिज्यिक जहाज़रानी और नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना तत्काल बंद होना चाहिए। मंत्रालय ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार इस क्षेत्र के जलमार्गों से स्वतंत्र और निर्बाध आवागमन एवं व्यापार को जल्द से जल्द बहाल किया जाना आवश्यक है।

यह ऐसे समय में आया है जब होर्मुज स्ट्रेट — जिससे दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है — पहले से ही क्षेत्रीय तनाव के केंद्र में है। गौरतलब है कि इस जलमार्ग पर हमले वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और भारत की ऊर्जा सुरक्षा दोनों के लिए सीधा खतरा हैं।

आम जनता और नाविकों पर असर

भारत से हज़ारों नाविक खाड़ी क्षेत्र में व्यावसायिक जहाज़ों पर कार्यरत हैं। इस हमले ने उनकी सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। MEA ने संकेत दिया है कि वह घायल भारतीय नागरिकों की स्थिति पर लगातार नज़र रख रहा है और उनके परिवारों से संपर्क में है।

आगे की राह

भारत ने ईरान से स्पष्ट जवाब माँगा है और यह स्पष्ट किया है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर इस तरह के हमले स्वीकार्य नहीं हैं। कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, भारत इस मामले को बहुपक्षीय मंचों पर भी उठा सकता है। घायल नाविकों के उपचार और मृतक के परिवार को सहायता पहुँचाने की प्रक्रिया जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि इसे अपने नागरिकों की प्रत्यक्ष सुरक्षा का प्रश्न मानती है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारत ईरान के साथ चाबहार बंदरगाह समझौते जैसे रणनीतिक सहयोग भी बनाए हुए है — यह विरोधाभास भारतीय विदेश नीति की असली परीक्षा है। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक जाती है, वह यह है कि होर्मुज स्ट्रेट पर हमले भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं, क्योंकि भारत अपने तेल आयात का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से मँगाता है। बिना ठोस बहुपक्षीय दबाव के, केवल कूटनीतिक विरोध की सीमाएँ स्पष्ट हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

होर्मुज स्ट्रेट में भारतीय क्रू मेंबर की मौत कैसे हुई?
ओमान के समुद्री क्षेत्र में होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी मार्ग से गुजर रहे UAE के टैंकर मोम्बासा पर ईरानी क्रूज़ मिसाइल हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई। इस हमले में आठ अन्य लोग भी घायल हुए, जिनमें छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं।
भारत ने ईरान के खिलाफ क्या कार्रवाई की?
भारत ने 14 जुलाई को नई दिल्ली स्थित ईरानी दूतावास के डिप्टी चीफ ऑफ मिशन को तलब किया और आधिकारिक रूप से कड़ा विरोध दर्ज कराया। MEA ने ऐसे हमलों को तत्काल बंद करने और अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर स्वतंत्र आवागमन सुनिश्चित करने की माँग की।
इस हमले में कौन-से टैंकर प्रभावित हुए?
मोम्बासा और अल बहियाह — UAE के दोनों तेल टैंकर — होर्मुज स्ट्रेट के दक्षिणी मार्ग से गुजर रहे थे और ईरानी क्रूज़ मिसाइलों की चपेट में आए। दोनों टैंकर हमले से प्रभावित हुए।
MEA ने इस हमले पर क्या बयान दिया?
MEA के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत ने एक अनमोल भारतीय नागरिक को खोया है और हमले की कड़ी निंदा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाणिज्यिक जहाज़रानी और नागरिक बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाना बंद होना चाहिए।
होर्मुज स्ट्रेट पर हमले भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण हैं?
होर्मुज स्ट्रेट से दुनिया का लगभग 20% तेल गुजरता है और भारत अपने तेल आयात का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से मँगाता है। इस जलमार्ग पर हमले भारत की ऊर्जा सुरक्षा और खाड़ी देशों में कार्यरत हज़ारों भारतीय नाविकों की सुरक्षा के लिए सीधा खतरा हैं।
राष्ट्र प्रेस
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