14 जुलाई 2026
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शेख हसीना को 2014 में निष्पक्ष चुनाव का पाठ पढ़ाया था: पूर्व सीईसी एस.वाई. कुरैशी का खुलासा

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शेख हसीना को 2014 में निष्पक्ष चुनाव का पाठ पढ़ाया था: पूर्व सीईसी एस.वाई. कुरैशी का खुलासा

सारांश

पूर्व सीईसी एस.वाई. कुरैशी ने खुलासा किया कि 2014 में वे शेख हसीना से मिलकर निष्पक्ष चुनाव का महत्व समझा चुके थे। दस साल बाद 2023 में दूसरी मुलाकात में हसीना ने अमेरिका सहित विदेशी शक्तियों पर शासन परिवर्तन की कोशिश का आरोप लगाया था — और 'बाद में वही हुआ', कुरैशी ने कहा।

मुख्य बातें

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई.
कुरैशी ने 2014 में बांग्लादेश में शेख हसीना से मुलाकात कर चुनाव आयोग की स्वतंत्रता का महत्व समझाया था।
बैठक में तत्कालीन भारतीय उच्चायुक्त पंकज सरन भी उपस्थित थे; शेख हसीना अपने सात वरिष्ठ सलाहकारों के साथ आई थीं।
बैठक एक घंटे से अधिक चली और निष्पक्ष चुनावों तथा जनता के विश्वास पर केंद्रित रही।
2023 के अंत में दूसरी मुलाकात में शेख हसीना 'स्पष्ट रूप से तनावग्रस्त' थीं और उन्होंने अमेरिका सहित विदेशी शक्तियों पर शासन परिवर्तन की कोशिश का आरोप लगाया था।
कुरैशी ने इन मुलाकातों का विवरण अपनी नई पुस्तक 'इंडिया एंड आई: ए हंड्रेड मेमोरीज, नॉट ए मेमॉयर' में दिया है।

पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एस.वाई. कुरैशी ने 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में खुलासा किया कि उन्होंने 2014 में बांग्लादेश की तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना से मुलाकात कर उन्हें चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता बनाए रखने के महत्व से अवगत कराया था। कुरैशी ने बताया कि शेख हसीना शुरुआत में इस विषय पर रक्षात्मक रुख में थीं, परंतु उन्होंने उनकी बातों को ध्यान से सुना।

बैठक की पृष्ठभूमि

2014 में सेवानिवृत्ति के बाद कुरैशी एक व्याख्यान के सिलसिले में बांग्लादेश गए थे। उस दौरान भारत में तैनात बांग्लादेश के तत्कालीन उच्चायुक्त ने उनसे अनुरोध किया कि यदि शेख हसीना से भेंट हो तो वे उन्हें चुनाव आयोग की विश्वसनीयता और स्वतंत्रता के महत्व के बारे में अवश्य बताएं। कुरैशी ने इस अनुरोध को स्वीकार किया और शिष्टाचार मुलाकात का समय माँगा, जो तुरंत मिल गया।

कुरैशी के शब्दों में, '2014 में मुझे सेवानिवृत्त हुए दो साल हो चुके थे। मैं एक व्याख्यान के लिए बांग्लादेश जा रहा था। तब भारत में बांग्लादेश के तत्कालीन उच्चायुक्त ने मुझसे कहा कि यदि आपकी शेख हसीना से मुलाकात हो तो उन्हें चुनाव आयोग के महत्व और उसकी विश्वसनीयता के बारे में जरूर बताइए।'

मुख्य घटनाक्रम

कुरैशी उस बैठक में तत्कालीन भारतीय उच्चायुक्त पंकज सरन के साथ पहुँचे, जबकि शेख हसीना अपने सात वरिष्ठ सलाहकारों के साथ उपस्थित थीं। यह बैठक एक घंटे से अधिक समय तक चली, जिसमें लोकतंत्र में चुनाव आयोग की भूमिका, जनता के विश्वास और निष्पक्ष चुनावों की अहमियत पर विस्तार से चर्चा हुई।

कुरैशी ने कहा, 'मैं सिर्फ एक सेवानिवृत्त मुख्य चुनाव आयुक्त था, लेकिन भारत की ऐसी प्रतिष्ठा थी कि एक सेवानिवृत्त सीईसी को भी काफी सम्मान और विश्वसनीयता मिलती है।'

दूसरी मुलाकात और शेख हसीना की आशंकाएँ

कुरैशी ने बताया कि करीब दस साल बाद, 2023 के अंत में बांग्लादेश के आम चुनाव से पहले, वे चुनाव पर्यवेक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल के प्रमुख के रूप में फिर वहाँ गए। इस दौरान शेख हसीना 'स्पष्ट रूप से तनावग्रस्त' दिखाई दे रही थीं।

कुरैशी के अनुसार, उस मुलाकात में शेख हसीना ने खुलकर कहा था कि उन्हें लगता है कि अमेरिका सहित कुछ बाहरी शक्तियाँ बांग्लादेश में शासन परिवर्तन कराने की कोशिश कर रही हैं। कुरैशी ने यह भी कहा, 'बाद में वही हुआ।' — हालाँकि उन्होंने इस पर कोई और टिप्पणी नहीं की।

नई पुस्तक में उल्लेख

कुरैशी की ये टिप्पणियाँ उनकी नई पुस्तक 'इंडिया एंड आई: ए हंड्रेड मेमोरीज, नॉट ए मेमॉयर' के प्रकाशन के संदर्भ में आई हैं, जिसमें उन्होंने शेख हसीना के साथ दोनों मुलाकातों का विस्तृत विवरण दिया है। यह पुस्तक भारत-बांग्लादेश संबंधों और चुनावी लोकतंत्र पर एक अनुभवी अधिकारी के नजरिए को सामने रखती है।

गौरतलब है कि यह खुलासा ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में राजनीतिक परिवर्तन के बाद की परिस्थितियों पर व्यापक बहस जारी है। कुरैशी की इस स्वीकारोक्ति से भारत-बांग्लादेश के बीच चुनावी कूटनीति के एक अनदेखे अध्याय पर प्रकाश पड़ता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो बांग्लादेश में लोकतांत्रिक संस्थाओं को मजबूत करने के लिए औपचारिक द्विपक्षीय तंत्र क्यों नहीं बना? शेख हसीना की 'विदेशी साजिश' वाली टिप्पणी को कुरैशी ने सार्वजनिक किया है, लेकिन इसकी सत्यापन-योग्यता और राजनयिक संवेदनशीलता पर बहस अभी बाकी है।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एस.वाई. कुरैशी ने 2014 में शेख हसीना से क्यों मुलाकात की थी?
कुरैशी एक व्याख्यान के सिलसिले में बांग्लादेश गए थे और भारत में तैनात बांग्लादेश के तत्कालीन उच्चायुक्त के अनुरोध पर उन्होंने शेख हसीना से शिष्टाचार भेंट की। इस बैठक का उद्देश्य चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और विश्वसनीयता का महत्व समझाना था।
2014 की बैठक में कौन-कौन मौजूद था?
बैठक में पूर्व सीईसी एस.वाई. कुरैशी के साथ तत्कालीन भारतीय उच्चायुक्त पंकज सरन भी उपस्थित थे। शेख हसीना अपने सात वरिष्ठ सलाहकारों के साथ आई थीं और यह बैठक एक घंटे से अधिक चली।
2023 में शेख हसीना ने कुरैशी से क्या कहा था?
2023 के अंत में बांग्लादेश के आम चुनाव से पहले हुई मुलाकात में शेख हसीना ने कथित तौर पर कहा था कि अमेरिका सहित कुछ विदेशी शक्तियाँ बांग्लादेश में शासन परिवर्तन कराने की कोशिश कर रही हैं। कुरैशी के अनुसार उस समय वे 'स्पष्ट रूप से तनावग्रस्त' दिखाई दे रही थीं।
कुरैशी की नई पुस्तक में क्या है?
'इंडिया एंड आई: ए हंड्रेड मेमोरीज, नॉट ए मेमॉयर' में कुरैशी ने शेख हसीना के साथ दोनों मुलाकातों का विवरण दिया है। इसमें बांग्लादेश की राजनीतिक परिस्थितियों, चुनावी लोकतंत्र और भारत-बांग्लादेश संबंधों पर उनके व्यक्तिगत अनुभव शामिल हैं।
एस.वाई. कुरैशी कौन हैं?
एस.वाई. कुरैशी भारत के पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त हैं, जो 2010 से 2012 तक इस पद पर रहे। वे चुनाव सुधार और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता के प्रबल पक्षधर माने जाते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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