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इंडिया पोस्ट ने Q1 में ₹4,008.95 करोड़ का रिकॉर्ड कारोबार दर्ज किया, 22.2% की वृद्धि: सिंधिया

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इंडिया पोस्ट ने Q1 में ₹4,008.95 करोड़ का रिकॉर्ड कारोबार दर्ज किया, 22.2% की वृद्धि: सिंधिया

सारांश

इंडिया पोस्ट ने अप्रैल-जून 2026 में ₹4,008.95 करोड़ का कारोबार दर्ज कर इतिहास रचा — यह पहली बार है जब किसी एक तिमाही में विभाग का राजस्व ₹4,000 करोड़ के पार गया। नागरिक-केंद्रित सेवाओं में 85.7% और पार्सल सेवाओं में 49.9% की छलांग इस बदलाव की असली कहानी है।

मुख्य बातें

इंडिया पोस्ट ने Q1 FY2026-27 ( अप्रैल-जून ) में ₹4,008.95 करोड़ का रिकॉर्ड तिमाही कारोबार दर्ज किया।
यह पहली बार है जब विभाग का एकल-तिमाही राजस्व ₹4,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया।
पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में कुल कारोबार में 22.2 प्रतिशत की वृद्धि।
नागरिक-केंद्रित सेवाएं सबसे तेज़ बढ़ने वाला क्षेत्र — 85.7% की वृद्धि; पार्सल सेवाओं में 49.9% की बढ़ोतरी।
अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 34.3% , PLI/RPLI में 20.1% और पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक में 9.7% की वृद्धि।
समीक्षा बैठक में देश के सभी 23 पोस्टल सर्किलों के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल उपस्थित रहे।

केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 14 जुलाई 2026 को घोषणा की कि इंडिया पोस्ट ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) में ₹4,008.95 करोड़ का कारोबार दर्ज किया — जो किसी भी तिमाही में विभाग का अब तक का सर्वाधिक राजस्व है। यह पहला अवसर है जब इंडिया पोस्ट का एकल-तिमाही कारोबार ₹4,000 करोड़ के ऐतिहासिक आंकड़े को पार कर गया है।

तिमाही समीक्षा बैठक में हुआ खुलासा

नई दिल्ली में आयोजित डाक विभाग की तिमाही बिजनेस रिव्यू बैठक की अध्यक्षता करते हुए सिंधिया ने अप्रैल-जून तिमाही के प्रदर्शन की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में डाक निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ देश के सभी 23 पोस्टल सर्किलों के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल शामिल हुए। बैठक में चालू वित्त वर्ष की शेष तिमाहियों के लिए विभाग की रणनीतिक रूपरेखा भी निर्धारित की गई।

मुख्य कारोबारी क्षेत्रों का प्रदर्शन

वित्त वर्ष 2025-26 की समान अवधि की तुलना में इस बार कुल कारोबार में 22.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। सभी छह प्रमुख कारोबारी क्षेत्रों में बढ़ोतरी देखी गई, जो चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बीच उल्लेखनीय है।

नागरिक-केंद्रित सेवाएं सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाला क्षेत्र रहीं, जिनमें 85.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पार्सल सेवाओं ने 49.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ दूसरा स्थान हासिल किया, जबकि मेल सेवाओं का कारोबार 41.9 प्रतिशत बढ़ा। वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद अंतरराष्ट्रीय कारोबार में 34.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (PLI) और ग्रामीण पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (RPLI) के संयुक्त कारोबार में 20.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक के कारोबार में 9.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी रही।

सिंधिया का बयान

सिंधिया ने कहा, "वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही का यह रिकॉर्ड प्रदर्शन केवल एक वित्तीय उपलब्धि नहीं है, बल्कि यह उन करोड़ों नागरिकों के विश्वास का प्रतीक है, जो हर दिन इंडिया पोस्ट पर भरोसा करते हैं। हमारा लक्ष्य इंडिया पोस्ट को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, तकनीक-संचालित और नागरिकों को प्राथमिकता देने वाला संगठन बनाना है।" उन्होंने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इंडिया पोस्ट के आधुनिकीकरण और नागरिक-केंद्रित कायापलट का परिणाम बताया।

आगे की राह

सभी प्रमुख कारोबारी क्षेत्रों में व्यापक वृद्धि यह संकेत देती है कि इंडिया पोस्ट का विविधीकृत कारोबारी पोर्टफोलियो मज़बूती की दिशा में अग्रसर है। गौरतलब है कि यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब ई-कॉमर्स क्षेत्र में निजी लॉजिस्टिक्स कंपनियों से प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। विभाग की रणनीति तकनीक-संचालित सेवाओं और ग्रामीण पहुँच पर केंद्रित है, जो आने वाली तिमाहियों में भी इस गति को बनाए रखने की कोशिश करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 करोड़ का यह आंकड़ा निस्संदेह प्रभावशाली है, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह वृद्धि टिकाऊ है या ई-कॉमर्स की तात्कालिक लहर पर सवार है। नागरिक-केंद्रित सेवाओं में 85.7% की उछाल बताती है कि इंडिया पोस्ट अपनी अंतिम-मील पहुँच को मुद्रीकृत करने में सफल हो रहा है — जो निजी प्रतिस्पर्धियों के लिए कठिन है। हालांकि, पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक की मात्र 9.7% वृद्धि यह संकेत देती है कि वित्तीय सेवाओं में डिजिटल बैंकों से प्रतिस्पर्धा अभी भी एक बड़ी चुनौती है। जब तक विभाग तकनीकी बुनियादी ढाँचे में निवेश को राजस्व वृद्धि के साथ सार्वजनिक रूप से जोड़ नहीं करता, यह रिकॉर्ड एक उत्साहजनक संख्या भर रहेगी, न कि रणनीतिक बदलाव का प्रमाण।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया पोस्ट ने Q1 FY2026-27 में कितना कारोबार किया?
इंडिया पोस्ट ने अप्रैल-जून 2026 की तिमाही में ₹4,008.95 करोड़ का कारोबार दर्ज किया, जो विभाग के इतिहास में किसी एकल तिमाही का सर्वाधिक राजस्व है। यह पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 22.2 प्रतिशत अधिक है।
इंडिया पोस्ट में सबसे तेज़ी से कौन-सा कारोबारी क्षेत्र बढ़ा?
नागरिक-केंद्रित सेवाएं सबसे तेज़ गति से बढ़ने वाला क्षेत्र रहीं, जिनमें 85.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इसके बाद पार्सल सेवाओं में 49.9 प्रतिशत और मेल सेवाओं में 41.9 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
इंडिया पोस्ट का यह रिकॉर्ड कारोबार क्यों महत्वपूर्ण है?
यह पहला अवसर है जब इंडिया पोस्ट का तिमाही राजस्व ₹4,000 करोड़ के आंकड़े को पार कर गया है, जो विभाग के आधुनिकीकरण और विविधीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह उपलब्धि ऐसे समय में आई है जब निजी लॉजिस्टिक्स कंपनियों से प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है।
इंडिया पोस्ट की तिमाही समीक्षा बैठक में क्या हुआ?
14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया की अध्यक्षता में डाक विभाग की तिमाही बिजनेस रिव्यू बैठक आयोजित हुई। इसमें देश के 23 पोस्टल सर्किलों के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल और वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया तथा शेष वित्त वर्ष की रणनीति तय की गई।
पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस और पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक का प्रदर्शन कैसा रहा?
पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (PLI) और ग्रामीण पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (RPLI) के संयुक्त कारोबार में 20.1 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक के कारोबार में 9.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो अन्य क्षेत्रों की तुलना में अपेक्षाकृत कम रही।
राष्ट्र प्रेस
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