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वित्त वर्ष 2026 की पहली तीन तिमाहियों में इंडिया पोस्ट की आय में 8.8% की वृद्धि; डाक विभाग का राजस्व ₹10,211 करोड़

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वित्त वर्ष 2026 की पहली तीन तिमाहियों में इंडिया पोस्ट की आय में 8.8% की वृद्धि; डाक विभाग का राजस्व ₹10,211 करोड़

सारांश

भारतीय डाक विभाग ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तीन तिमाहियों में अपनी आय में 8.8% की वृद्धि की। यह बढ़ोतरी डाक विभाग के कार्यों के सुधार और नेटवर्क सुदृढ़ीकरण के प्रयासों का परिणाम है। जानें इस सफलता के पीछे के कारण।

मुख्य बातें

इंडिया पोस्ट की आय में 8.8% की वृद्धि।
डाक विभाग का राजस्व ₹10,211 करोड़।
पार्सल सेगमेंट में 12.3% की वृद्धि।
डाक निर्यात केंद्र की स्थापना।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के खाते 12.91 करोड़।

नई दिल्ली, 23 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय डाक विभाग (इंडिया पोस्ट) ने सोमवार को अपनी आय में वृद्धि, कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी बनाने और जमीनी स्तर पर नेटवर्क को सुदृढ़ करने के लिए एक व्यापक योजना प्रस्तुत की है। विभाग ने खुलासा किया कि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तीन तिमाहियों में इसकी कुल आय में 8.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में अधिक है।

विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2025 में पहली तीन तिमाहियों में डाक विभाग की कुल आय 9,385 करोड़ रुपए थी, जो वित्त वर्ष 2026 की समान अवधि में बढ़कर 10,211 करोड़ रुपए हो गई है।

पार्सल सेगमेंट में 12.3 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है। यह वृद्धि उत्पादों के पुनर्गठन, बेहतर लॉजिस्टिक्स और ई-कॉमर्स हब वाले शहरों में विशेष रणनीति के कारण संभव हुई है।

इंडिया पोस्ट ने अपनी 24 स्पीड पोस्ट पार्सल सेवा के तहत टियर-1 एवं मेट्रो शहरों के बीच अगले दिन डिलीवरी की पायलट परियोजना आरंभ की है। दिल्ली, मुंबई, चेन्नई, कोलकाता, बेंगलुरु और हैदराबाद जैसे 6 प्रमुख शहरों में 95 प्रतिशत से अधिक डिलीवरी प्रयास सफलता के साथ किए गए हैं।

कोर सिटिजन सर्विसेज (सीसीएस) सेगमेंट में आय लगभग दोगुनी होकर 95.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाती है। आधार नामांकन और अपडेट केंद्र, पासपोर्ट सेवाएं, केवाईसी सत्यापन और टेलीकॉम साझेदारी इसके प्रमुख कारण रहे हैं।

पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस (पीएलआई) ने भी 15 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि के साथ मजबूत प्रदर्शन जारी रखा है। यह वृद्धि वित्त वर्ष 2024 के 6 प्रतिशत के औसत उद्योग विकास दर से कहीं अधिक है। पीएलआई और ग्रामीण पीएलआई के तहत 1.24 करोड़ सक्रिय पॉलिसियां हैं और प्रबंधन के तहत कुल संपत्ति 2.27 लाख करोड़ रुपए है।

'डाक निर्यात केंद्र (डीएनके)' पहल के तहत देशभर में 1,000 से अधिक निर्यात सुविधा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे एमएसएमई और स्थानीय विक्रेताओं को सहायता मिल रही है। 31 जनवरी 2026 तक इन केंद्रों ने 13 लाख पार्सल संभाले और 135 देशों में 303 करोड़ रुपए के निर्यात का मूल्य हासिल किया।

विभाग ने अमेरिका, ब्रिटेन और कनाडा जैसे प्रमुख देशों के लिए अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सहयोग की पायलट परियोजनाएं भी शुरू की हैं, और लॉजिस्टिक्स प्लेटफॉर्म के साथ साझेदारी की है ताकि मिड और लास्ट माइल डिलीवरी को सुदृढ़ किया जा सके।

पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक (पीओएसबी) में डिजिटल सेवाओं का विस्तार जारी है। आधार आधारित ई-केवाईसी, यूपीआई एकीकरण और वीडियो आधारित ग्राहक पहचान प्रक्रिया लागू की गई है। नवंबर 2025 तक कोर बैंकिंग सॉल्यूशन के तहत 37.36 करोड़ खाते और प्रमाणपत्र जुड़े हैं, जिनमें कुल जमा 21.77 लाख करोड़ रुपए है।

इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) के खाते 12.91 करोड़ से अधिक हो चुके हैं, जबकि 3.80 करोड़ सुकन्या समृद्धि खाते खोले गए हैं। विभाग का लक्ष्य 2028-29 तक बीमा सेवाओं में ऑनलाइन लेनदेन को 9 प्रतिशत से बढ़ाकर 70 प्रतिशत करना और कागज़ रहित व्यवस्था की ओर बढ़ना है।

डाकघरों का पुनर्गठन जनसंख्या मानकों के आधार पर किया जा रहा है। स्पीड पोस्ट और रजिस्टर्ड पोस्ट प्रोसेसिंग हब का विलय और मेल श्रेणियों का एकीकरण जैसे कदम दक्षता बढ़ाने के लिए उठाए गए हैं।

मार्च 2026 तक 'एन-जेन' पहल के तहत 100 डाकघरों को आधुनिक रूप दिया जाएगा। इसके साथ ही 46 शैक्षणिक संस्थानों के साथ साझेदारी कर तकनीक से लैस आधुनिक कैंपस डाक सेवाएं विकसित की जा रही हैं।

डाक विभाग का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य वित्तीय मजबूती, बेहतर ग्राहक अनुभव और तेजी से बदलते बाजार में इंडिया पोस्ट को एक प्रतिस्पर्धी लॉजिस्टिक्स और वित्तीय सेवा प्रदाता के रूप में स्थापित करना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह रिपोर्ट दर्शाती है कि इंडिया पोस्ट ने अपनी सेवाओं को सुधारने और आय बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाए हैं। यह न केवल डाक सेवाओं में बल्कि वित्तीय क्षेत्र में भी उसकी स्थिति को मजबूत करने में मदद करेगा।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

इंडिया पोस्ट ने अपनी आय में कितनी वृद्धि की?
इंडिया पोस्ट ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तीन तिमाहियों में अपनी आय में 8.8% की वृद्धि की।
डाक विभाग का कुल राजस्व कितना है?
वित्त वर्ष 2026 की पहली तीन तिमाहियों में डाक विभाग का कुल राजस्व ₹10,211 करोड़ है।
पार्सल सेगमेंट में कितनी वृद्धि हुई है?
पार्सल सेगमेंट में 12.3% की वृद्धि दर्ज की गई है।
डाक निर्यात केंद्र (डीएनके) क्या है?
यह पहल एमएसएमई और स्थानीय विक्रेताओं को सहायता प्रदान करने के लिए देशभर में निर्यात सुविधा केंद्र स्थापित करती है।
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के खाते कितने हैं?
इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के खाते 12.91 करोड़ से अधिक हो चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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