इंडिया पोस्ट का ऐतिहासिक रिकॉर्ड: Q1 FY2026-27 में ₹4,008.95 करोड़ का कारोबार, 22.2% की वृद्धि
सारांश
मुख्य बातें
इंडिया पोस्ट ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर पार करते हुए ₹4,008.95 करोड़ का कारोबार दर्ज किया — यह पहली बार है जब विभाग ने किसी भी पहली तिमाही में ₹4,000 करोड़ का आँकड़ा पार किया है। 14 जुलाई 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित तिमाही बिजनेस रिव्यू बैठक में केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने यह जानकारी साझा की। पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि के ₹3,280 करोड़ के मुकाबले यह 22.2 प्रतिशत की सालाना वृद्धि है।
मुख्य उपलब्धि और संदर्भ
यह वृद्धि ऐसे समय में आई है जब इंडिया पोस्ट अपने 30 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि लक्ष्य की दिशा में काम कर रहा है। संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्रशेखर पेम्मासानी ने इस उपलब्धि को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह 22 प्रतिशत की वार्षिक वृद्धि विभाग के दीर्घकालिक लक्ष्य की दिशा में एक मज़बूत शुरुआत है। गौरतलब है कि इंडिया पोस्ट — जो देश के 1.6 लाख से अधिक डाकघरों का संचालन करता है — पिछले कुछ वर्षों में पारंपरिक डाक सेवाओं से आगे बढ़कर लॉजिस्टिक्स, बैंकिंग और बीमा क्षेत्र में विस्तार कर रहा है।
सर्किलों का प्रदर्शन
विज्ञान भवन की बैठक में देशभर के 23 सर्किलों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई। आंध्र प्रदेश पोस्टल सर्किल ने तिमाही कारोबारी लक्ष्य का 100 प्रतिशत से अधिक हासिल किया और मेल ऑपरेशंस में भी शीर्ष स्थान बनाए रखा। बिहार और तमिलनाडु सर्किलों ने पार्सल व्यवसाय में निर्धारित लक्ष्य से अधिक प्रदर्शन किया। नागरिक-केंद्रित सेवाओं में पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश सर्किलों को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सराहा गया।
बचत बैंक और बीमा क्षेत्र में उपलब्धि
पोस्ट ऑफिस सेविंग्स बैंक श्रेणी में छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और झारखंड ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। डाक जीवन बीमा (PLI/RPLI) क्षेत्र में पश्चिम बंगाल और जम्मू-कश्मीर ने श्रेष्ठ परिणाम दर्ज किए। यह विविधता दर्शाती है कि इंडिया पोस्ट की वृद्धि किसी एक सेवा पर निर्भर नहीं, बल्कि बहु-आयामी है।
आधुनिकीकरण की दिशा
सिंधिया ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह उपलब्धि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इंडिया पोस्ट के आधुनिकीकरण और 'भविष्य के लिए तैयार संगठन' बनाने के प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने 'डाक सेवा, जन सेवा' के मूल मंत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि विभाग नए कीर्तिमान स्थापित करने के लिए प्रतिबद्ध है। बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए रणनीतिक रोडमैप पर भी विस्तृत चर्चा हुई।
आगे की राह
विभाग का अगला लक्ष्य 30 प्रतिशत वार्षिक वृद्धि बनाए रखते हुए पूरे वित्त वर्ष में नए कीर्तिमान स्थापित करना है। विशेषज्ञों के अनुसार, यदि यह गति बनी रही तो इंडिया पोस्ट वित्त वर्ष 2026-27 में अपने समग्र राजस्व लक्ष्य को भी पार कर सकता है।