14 जुलाई 2026
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कोडेक्स आयोग के 49वें सत्र में भारत की बड़ी जीत, 7 वैश्विक खाद्य मानकों को मिली मंजूरी

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कोडेक्स आयोग के 49वें सत्र में भारत की बड़ी जीत, 7 वैश्विक खाद्य मानकों को मिली मंजूरी

सारांश

जिनेवा में कोडेक्स एलीमेंटेरियस आयोग के 49वें सत्र में भारत ने 7 वैश्विक खाद्य मानक अपनवाए — धनिया, करी पत्ता, वनीला और बड़ी इलायची सहित। साथ ही काजू की गिरी के नए अंतरराष्ट्रीय मानक के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिली, जो भारतीय कृषि निर्यात के लिए बड़ा कदम है।

मुख्य बातें

कोडेक्स एलीमेंटेरियस आयोग के 49वें सत्र में भारत की अध्यक्षता और सह-अध्यक्षता में तैयार 7 मानकों को औपचारिक मंजूरी मिली।
FSSAI के सीईओ राजित पुन्हानी ने जिनेवा में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया।
भारत की अध्यक्षता में सूखे धनिया के बीज और ताजे करी पत्तों के वैश्विक मानक स्वीकृत।
सह-अध्यक्षता में वनीला और बड़ी इलायची सहित 5 अन्य कोडेक्स दस्तावेज अपनाए गए।
काजू की गिरी के लिए नया अंतरराष्ट्रीय मानक विकसित करने के भारत के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
चिकन मांस में कैंपिलोबैक्टर व साल्मोनेला रोकथाम दिशा-निर्देश और प्री-पैकेज्ड लेबलिंग नियमों में नए प्रावधान भी शामिल।

जिनेवा में आयोजित कोडेक्स एलीमेंटेरियस आयोग के 49वें सत्र में भारत ने उल्लेखनीय सफलता दर्ज की है — भारत की अध्यक्षता और सह-अध्यक्षता में तैयार किए गए 7 कोडेक्स मानकों और दिशा-निर्देशों को आयोग ने 14 जुलाई को औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया। इसके साथ ही आयोग ने काजू की गिरी के लिए नया अंतरराष्ट्रीय मानक विकसित करने के भारत के प्रस्ताव को भी हरी झंडी दे दी है।

भारतीय प्रतिनिधिमंडल और नेतृत्व

इस सत्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजित पुन्हानी ने किया। FSSAI और स्पाइसेस बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों ने आयोग की बैठकों में सक्रिय भूमिका निभाई।

मंजूर किए गए मुख्य मानक

आयोग ने भारत की अध्यक्षता में विकसित सूखे धनिया के बीज और ताजे करी पत्तों के लिए वैश्विक गुणवत्ता मानकों को स्वीकृति दी। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, सूखे धनिया के बीज का नया मानक दुनिया के सर्वाधिक कारोबार होने वाले मसालों में से एक के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाएगा।

भारत की सह-अध्यक्षता में तैयार 5 अन्य कोडेक्स दस्तावेजों में वनीला और बड़ी इलायची के अंतरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानक भी सम्मिलित हैं, जो इन उत्पादों के वैश्विक व्यापार में एकरूपता सुनिश्चित करेंगे।

खाद्य सुरक्षा और लेबलिंग पर नए प्रावधान

स्वीकृत दस्तावेजों में खाद्य उत्पादन एवं प्रसंस्करण के दौरान पानी के सुरक्षित उपयोग और पुनः उपयोग से संबंधित दिशा-निर्देशों के परिशिष्ट भी शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, चिकन मांस में कैंपिलोबैक्टर और साल्मोनेला बैक्टीरिया की रोकथाम से जुड़े दिशा-निर्देशों को भी मंजूरी मिली है, जिनका उद्देश्य पोल्ट्री उत्पादों से होने वाली खाद्यजनित बीमारियों को कम करना है।

प्री-पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की लेबलिंग से जुड़े नियमों में संयुक्त पैकेजिंग और मल्टीपैक फॉर्मेट के लिए नए प्रावधान भी जोड़े गए हैं, जिससे उपभोक्ताओं को अधिक स्पष्ट और एकरूप जानकारी मिल सकेगी।

काजू की गिरी के लिए नए मानक का प्रस्ताव

मंत्रालय के अनुसार, आयोग ने प्रसंस्कृत फल एवं सब्जी संबंधी कोडेक्स समिति के तहत काजू की गिरी के लिए नया कोडेक्स मानक तैयार करने के भारत के प्रस्ताव को स्वीकृति दी है। सरकार का मानना है कि यह मानक निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देगा, व्यापार संबंधी तकनीकी बाधाओं को कम करेगा और वैश्विक काजू बाजार में भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता को मजबूती देगा।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपने कृषि एवं खाद्य उत्पादों के निर्यात को वैश्विक स्तर पर विस्तार देने की दिशा में सक्रिय है। गौरतलब है कि कोडेक्स मानकों की स्वीकृति भारत को अंतरराष्ट्रीय व्यापार विवादों में मजबूत आधार प्रदान करती है और भारतीय मसालों व खाद्य उत्पादों को नए बाजारों तक पहुँच आसान बनाती है। काजू मानक के विकास की प्रक्रिया अब कोडेक्स समिति में आगे बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

भारत की खाद्य निर्यात रणनीति का व्यावहारिक हथियार है — क्योंकि WTO के तकनीकी व्यापार बाधा (TBT) ढाँचे में कोडेक्स मानक ही संदर्भ बिंदु माने जाते हैं। धनिया और करी पत्ते के मानक भारतीय मसाला निर्यातकों को यूरोपीय और खाड़ी बाजारों में अनुपालन विवादों से बचाएंगे। काजू मानक का प्रस्ताव और भी महत्वपूर्ण है — भारत दुनिया के सबसे बड़े काजू प्रसंस्करणकर्ताओं में है, और एक अनुकूल अंतरराष्ट्रीय मानक वियतनाम व आइवरी कोस्ट जैसे प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले भारतीय उत्पाद को बढ़त दे सकता है। हालाँकि असली परीक्षा यह है कि क्या घरेलू निर्यातक इन मानकों के अनुरूप उत्पादन श्रृंखला को समय पर अनुकूलित कर पाते हैं।
RashtraPress
14 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कोडेक्स एलीमेंटेरियस आयोग क्या है और इसमें भारत की भूमिका क्यों अहम है?
कोडेक्स एलीमेंटेरियस आयोग संयुक्त राष्ट्र के FAO और WHO द्वारा स्थापित अंतरराष्ट्रीय खाद्य मानक निकाय है, जिसके मानक वैश्विक खाद्य व्यापार के लिए संदर्भ बिंदु माने जाते हैं। 49वें सत्र में भारत की अध्यक्षता और सह-अध्यक्षता में 7 मानकों को मंजूरी मिलने से अंतरराष्ट्रीय खाद्य नियामक मंचों पर भारत का प्रभाव बढ़ा है।
49वें सत्र में कौन-कौन से 7 कोडेक्स मानक अपनाए गए?
भारत की अध्यक्षता में सूखे धनिया के बीज और ताजे करी पत्तों के मानक, तथा सह-अध्यक्षता में वनीला, बड़ी इलायची, खाद्य प्रसंस्करण में जल पुनः उपयोग दिशा-निर्देश, चिकन मांस में कैंपिलोबैक्टर व साल्मोनेला रोकथाम दिशा-निर्देश, और प्री-पैकेज्ड खाद्य लेबलिंग के नए प्रावधान सहित 7 दस्तावेज अपनाए गए।
काजू की गिरी के नए कोडेक्स मानक से भारत को क्या फायदा होगा?
सरकार के अनुसार, नया मानक निष्पक्ष व्यापार को बढ़ावा देगा, तकनीकी व्यापार बाधाओं को कम करेगा और वैश्विक काजू बाजार में भारतीय निर्यात की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाएगा। भारत दुनिया के प्रमुख काजू प्रसंस्करणकर्ताओं में से एक है, इसलिए यह मानक नए बाजारों तक पहुँच आसान बना सकता है।
इस सत्र में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किसने किया?
FSSAI के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजित पुन्हानी ने जिनेवा में भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। FSSAI और स्पाइसेस बोर्ड के तकनीकी विशेषज्ञों ने भी आयोग की बैठकों में सक्रिय भागीदारी की।
धनिया और करी पत्ते के नए मानकों से भारतीय किसानों और निर्यातकों को कैसे लाभ होगा?
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, सूखे धनिया के बीज का मानक दुनिया के सर्वाधिक कारोबार होने वाले मसालों में से एक के अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुगम बनाएगा। ताजे करी पत्तों का मानक इस खाद्य सामग्री के लिए वैश्विक गुणवत्ता मानदंड तय करेगा, जिससे निर्यातकों को आयातक देशों में अनुपालन विवादों से राहत मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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