भारतीय मानक ब्यूरो का आईएस 20201:2026 जारी, सामुदायिक बीज बैंकों को मिलेगा मानकीकृत ढाँचा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) ने 11 जून 2026 को आईएस 20201:2026 मानक जारी किया, जो देशभर के सामुदायिक बीज बैंकों (CSB) के प्रबंधन को मानकीकृत करने और कृषि जैव विविधता की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तैयार किया गया है। उपभोक्ता कार्य, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने गुरुवार को यह जानकारी दी। यह मानक स्वदेशी बीजों के संरक्षण को बल देगा और दीर्घकालिक खाद्य सुरक्षा की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।
मानक की प्रकृति और दायरा
मंत्रालय के अनुसार, आईएस 20201:2026 एक स्वैच्छिक प्रमाणन-योग्य प्रबंधन प्रणाली मानक है। यह पूरे देश में सामुदायिक बीज बैंकों के लिए एक व्यापक और संरचित संचालन ढाँचा प्रदान करता है। इसमें संगठनात्मक व्यवस्था, बीज संग्रहण एवं खरीद, व्यवहार्यता परीक्षण, सफाई, सुखाने, भंडारण, प्रलेखन, गुणवत्ता नियंत्रण, बीज पुनर्जनन, जोखिम प्रबंधन और निरंतर सुधार जैसे पहलू शामिल हैं।
जलवायु संकट में स्वदेशी बीजों की अहमियत
भारत एक कृषि-प्रधान देश है और अनियमित वर्षा, बढ़ते तापमान तथा दीर्घकालिक सूखे के रूप में जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रभावों का सामना कर रहा है। ऐसे में देशी बीज किस्में अत्यंत मूल्यवान संसाधन हैं — इनमें प्राकृतिक रूप से सूखा सहन करने की क्षमता, रोग प्रतिरोधकता और उच्च पोषण मूल्य पाए जाते हैं। आईएस 20201:2026 विकेंद्रीकृत, समुदाय-संचालित बीज बैंकों को मानकीकृत संचालन नियम देकर इन किस्मों के संरक्षण को व्यवस्थित रूप देता है।
सरकारी नीति और योजनाओं से जुड़ाव
मंत्रालय ने बताया कि यह मानक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कृषि जैव विविधता संरक्षण के दृष्टिकोण और सतत कृषि प्रणालियों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। यह राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन जैसी केंद्रीय पहल को भी सुदृढ़ करता है, जिसके तहत सामुदायिक बीज बैंकों की स्थापना के लिए ₹50 लाख की एकमुश्त सहायता प्रदान की जाती है। गौरतलब है कि यह मानक उस व्यापक नीतिगत दिशा का हिस्सा है जो कृषि में आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देती है।
छोटे किसानों पर असर
मानक-अनुरूप विकेंद्रीकृत भंडार के रूप में छोटे कृषक संघ स्थानीय किसानों को उच्च गुणवत्ता और स्थानीय परिस्थितियों के अनुकूल बीजों के एकत्रीकरण, भंडारण और आदान-प्रदान में सक्षम बनाएँगे। इससे छोटे किसानों की आजीविका सुरक्षा बढ़ेगी, जमीनी स्तर पर प्रत्यास्थता मजबूत होगी और पारंपरिक फसल किस्मों तक पहुँच सुनिश्चित होगी।
मानक कैसे प्राप्त करें
आईएस 20201:2026 को आधिकारिक BIS पोर्टल से बिना किसी शुल्क के डाउनलोड किया जा सकता है। सभी सामुदायिक बीज बैंकों, सहकारी समितियों और कृषि हितधारकों से इन दिशानिर्देशों को अपनाने का आग्रह किया गया है, ताकि स्वदेशी बीज संरक्षण के लिए एक गुणवत्तापूर्ण और आत्मनिर्भर पारिस्थितिकी तंत्र विकसित हो सके। आने वाले समय में इस मानक के व्यापक क्रियान्वयन से भारत की कृषि विविधता को दीर्घकालिक संरक्षण मिलने की उम्मीद है।