13 सितंबर 2026
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वाराणसी जलभराव: एके शर्मा का कड़ा रुख, नालों में बोरी डालने वालों पर FIR दर्ज

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वाराणसी जलभराव: एके शर्मा का कड़ा रुख, नालों में बोरी डालने वालों पर FIR दर्ज

सारांश

वाराणसी में नालों में नई गिट्टी भरी प्लास्टिक बोरियाँ डालकर जल प्रवाह बाधित करने के वीडियो सामने आने पर शहरी विकास मंत्री एके शर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। नगर निगम ने FIR दर्ज कराई और पुलिस जाँच शुरू हुई। मंत्री ने इसे राजनीतिक साजिश बताया और काशी को स्थायी समाधान देने का संकल्प दोहराया।

मुख्य बातें

शहरी विकास मंत्री एके शर्मा ने 13 सितंबर 2026 को वाराणसी में जलभराव और नगरीय व्यवस्था पर समीक्षा बैठक की।
बड़े नालों में नई गिट्टी भरी प्लास्टिक बोरियाँ डालकर जल प्रवाह बाधित करने के वीडियो सामने आए।
नगर निगम ने अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध FIR दर्ज कराई; पुलिस जाँच जारी।
मंत्री ने कृत्य को काशी की छवि को नुकसान पहुँचाने वाला बताया और राजनीतिक मंशा का आरोप लगाया।
जलभराव-प्रभावित इलाकों में इंजीनियरिंग आधारित स्थायी समाधान तैयार करने और पर्याप्त धनराशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

शहरी विकास और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने 13 सितंबर 2026 को वाराणसी में जलभराव और नगरीय प्रबंधन को लेकर अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में शहर की साफ-सफाई, जल निकासी व बिजली आपूर्ति पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री ने बैठक से पहले फील्ड विजिट कर विभिन्न इलाकों में जलभराव की स्थिति का सीधे जायजा लिया।

समीक्षा बैठक में क्या हुआ

एके शर्मा ने बताया कि काशी के अधिकांश इलाकों में साफ-सफाई और जल निकासी की स्थिति संतोषजनक है, परंतु कुछ चिह्नित स्थानों पर हर वर्ष जलभराव की समस्या सामने आती है। अधिकारियों को ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश के समय अस्थायी रूप से पानी निकाल देना इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।

मंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में परंपरागत रूप से जलभराव होता है, वहाँ इंजीनियरिंग आधारित दीर्घकालिक समाधान तलाशे जाएँगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसके लिए जितनी भी धनराशि आवश्यक होगी, उसकी व्यवस्था की जाएगी और काशी को स्थायी रूप से जलभराव से मुक्त करने का प्रयास किया जाएगा।

नालों में बोरी डालने का मामला और FIR

बैठक के दौरान एक गंभीर मुद्दा भी उठा — बड़े नालों में नई प्लास्टिक की बोरियाँ डालकर जल प्रवाह को जानबूझकर बाधित किए जाने के वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं। एके शर्मा ने बताया कि उन्होंने स्वयं ऐसे वीडियो देखे हैं जिनमें बोरियों में नई गिट्टी भरकर नालों में डाली गई थी।

मंत्री ने इस कृत्य को काशी और उत्तर प्रदेश की छवि को नुकसान पहुँचाने वाला बताया और इसमें राजनीतिक मंशा होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नाले का प्रवाह रोकने से स्वाभाविक रूप से जलभराव होगा और आम जनता को परेशानी उठानी पड़ेगी। नगर निगम की ओर से इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध FIR दर्ज करा दी गई है।

गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की तेज बारिश के कारण शहरी जल निकासी व्यवस्थाएँ पहले से दबाव में हैं। जानबूझकर नालों में अवरोध डालना न केवल नागरिकों के लिए कष्टकारी है बल्कि नागरिक अवसंरचना को भी नुकसान पहुँचाता है।

पुलिस जांच की दिशा

मंत्री के अनुसार पुलिस अब इस मामले की जाँच कर यह पता लगाएगी कि नालों में अवरोध पैदा करने के पीछे कौन-से व्यक्ति या समूह जिम्मेदार हैं। कई स्थानों पर ऐसी कोशिशें किए जाने की सूचनाएँ प्रशासन तक पहुँची हैं।

काशी की विशेष स्थिति और प्रशासन की प्राथमिकता

एके शर्मा ने जोर देते हुए कहा कि वाराणसी एक ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी है, जहाँ देश-विदेश से पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में शहर की साफ-सफाई और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक कारणों से जल निकासी में बाधा एक प्रशासनिक चुनौती हो सकती है, किंतु जानबूझकर नालों में अवरोध उत्पन्न करना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। आने वाले दिनों में इंजीनियरिंग समाधानों की रूपरेखा तैयार होने के बाद ठोस कार्य योजना सार्वजनिक की जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए दोष-आरोपण की राजनीति भी तेज होती है। असली सवाल यह है कि इंजीनियरिंग समाधानों के वादे कई वर्षों से दोहराए जाते रहे हैं, फिर भी हर मानसून में वही नाले जाम क्यों होते हैं। FIR और जाँच के साथ-साथ दीर्घकालिक जवाबदेही तंत्र की जरूरत है — अन्यथा यह सिर्फ एक और मौसमी घोषणा बनकर रह जाएगी।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वाराणसी में नालों में बोरी डालने के मामले में FIR किसने दर्ज कराई?
नगर निगम वाराणसी ने अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध FIR दर्ज कराई है। पुलिस अब यह जाँच कर रही है कि नालों में गिट्टी भरी प्लास्टिक बोरियाँ डालकर जल प्रवाह बाधित करने के पीछे कौन जिम्मेदार हैं।
शहरी विकास मंत्री एके शर्मा ने इस घटना को क्या बताया?
मंत्री एके शर्मा ने इसे काशी और उत्तर प्रदेश की छवि को नुकसान पहुँचाने वाला कृत्य बताया। उन्होंने कहा कि इसमें राजनीतिक मंशा नजर आती है और ऐसे प्रयासों की कड़ी निंदा की।
वाराणसी में जलभराव की स्थायी समस्या के लिए क्या योजना है?
एके शर्मा ने कहा कि जिन इलाकों में परंपरागत रूप से जलभराव होता है, वहाँ इंजीनियरिंग आधारित दीर्घकालिक समाधान तैयार किए जाएँगे। आवश्यक धनराशि उपलब्ध कराने और काशी को स्थायी रूप से जलभराव से मुक्त करने का संकल्प लिया गया है।
नालों में क्या डाला गया था और इससे क्या नुकसान हुआ?
वीडियो और तस्वीरों में देखा गया कि बड़े नालों में नई गिट्टी भरी प्लास्टिक की बोरियाँ डाली गई थीं। इससे नालों का जल प्रवाह बाधित हुआ, जिसके कारण जलभराव की स्थिति पैदा हुई और आम नागरिकों को परेशानी उठानी पड़ी।
वाराणसी में जलभराव की समस्या क्यों बार-बार आती है?
मंत्री एके शर्मा के अनुसार कुछ इलाकों में परंपरागत रूप से हर वर्ष जलभराव होता है। प्राकृतिक बारिश के साथ-साथ जल निकासी की अपर्याप्त इंजीनियरिंग व्यवस्था इसके मुख्य कारण हैं; इसीलिए अब स्थायी इंजीनियरिंग समाधान तलाशे जाने की बात कही गई है।
राष्ट्र प्रेस
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