वाराणसी जलभराव: एके शर्मा का कड़ा रुख, नालों में बोरी डालने वालों पर FIR दर्ज
सारांश
मुख्य बातें
शहरी विकास और ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने 13 सितंबर 2026 को वाराणसी में जलभराव और नगरीय प्रबंधन को लेकर अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में शहर की साफ-सफाई, जल निकासी व बिजली आपूर्ति पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्री ने बैठक से पहले फील्ड विजिट कर विभिन्न इलाकों में जलभराव की स्थिति का सीधे जायजा लिया।
समीक्षा बैठक में क्या हुआ
एके शर्मा ने बताया कि काशी के अधिकांश इलाकों में साफ-सफाई और जल निकासी की स्थिति संतोषजनक है, परंतु कुछ चिह्नित स्थानों पर हर वर्ष जलभराव की समस्या सामने आती है। अधिकारियों को ऐसे सभी स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश के समय अस्थायी रूप से पानी निकाल देना इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं है।
मंत्री ने कहा कि जिन इलाकों में परंपरागत रूप से जलभराव होता है, वहाँ इंजीनियरिंग आधारित दीर्घकालिक समाधान तलाशे जाएँगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि इसके लिए जितनी भी धनराशि आवश्यक होगी, उसकी व्यवस्था की जाएगी और काशी को स्थायी रूप से जलभराव से मुक्त करने का प्रयास किया जाएगा।
नालों में बोरी डालने का मामला और FIR
बैठक के दौरान एक गंभीर मुद्दा भी उठा — बड़े नालों में नई प्लास्टिक की बोरियाँ डालकर जल प्रवाह को जानबूझकर बाधित किए जाने के वीडियो और तस्वीरें सामने आई हैं। एके शर्मा ने बताया कि उन्होंने स्वयं ऐसे वीडियो देखे हैं जिनमें बोरियों में नई गिट्टी भरकर नालों में डाली गई थी।
मंत्री ने इस कृत्य को काशी और उत्तर प्रदेश की छवि को नुकसान पहुँचाने वाला बताया और इसमें राजनीतिक मंशा होने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नाले का प्रवाह रोकने से स्वाभाविक रूप से जलभराव होगा और आम जनता को परेशानी उठानी पड़ेगी। नगर निगम की ओर से इस मामले में अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध FIR दर्ज करा दी गई है।
गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की तेज बारिश के कारण शहरी जल निकासी व्यवस्थाएँ पहले से दबाव में हैं। जानबूझकर नालों में अवरोध डालना न केवल नागरिकों के लिए कष्टकारी है बल्कि नागरिक अवसंरचना को भी नुकसान पहुँचाता है।
पुलिस जांच की दिशा
मंत्री के अनुसार पुलिस अब इस मामले की जाँच कर यह पता लगाएगी कि नालों में अवरोध पैदा करने के पीछे कौन-से व्यक्ति या समूह जिम्मेदार हैं। कई स्थानों पर ऐसी कोशिशें किए जाने की सूचनाएँ प्रशासन तक पहुँची हैं।
काशी की विशेष स्थिति और प्रशासन की प्राथमिकता
एके शर्मा ने जोर देते हुए कहा कि वाराणसी एक ऐतिहासिक और धार्मिक नगरी है, जहाँ देश-विदेश से पर्यटक और श्रद्धालु आते हैं। ऐसे में शहर की साफ-सफाई और जल निकासी व्यवस्था को बेहतर बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि प्राकृतिक कारणों से जल निकासी में बाधा एक प्रशासनिक चुनौती हो सकती है, किंतु जानबूझकर नालों में अवरोध उत्पन्न करना किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है। आने वाले दिनों में इंजीनियरिंग समाधानों की रूपरेखा तैयार होने के बाद ठोस कार्य योजना सार्वजनिक की जाने की संभावना है।