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एके शर्मा का वाराणसी में सख्त निर्देश: मानसून से पहले जलनिकासी दुरुस्त करें, बिजली कटौती पर जवाबदेही तय होगी

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एके शर्मा का वाराणसी में सख्त निर्देश: मानसून से पहले जलनिकासी दुरुस्त करें, बिजली कटौती पर जवाबदेही तय होगी

सारांश

उत्तर प्रदेश के मंत्री एके शर्मा ने वाराणसी में सख्त संदेश दिया — मानसून से पहले जलनिकासी दुरुस्त हो, बिजली कटौती पर जवाबदेही तय हो, और 1912 हेल्पलाइन शिकायतों का त्वरित निस्तारण हो। अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।

मुख्य बातें

एके शर्मा ने 15 जून को वाराणसी में नगर विकास और ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की।
मानसून से पहले नालों की सफाई और जलनिकासी तंत्र की मरम्मत पूरी करने के सख्त निर्देश दिए गए।
बरसात में किसी भी शहर में जलभराव की समस्या नहीं दिखनी चाहिए — मंत्री का स्पष्ट आदेश।
खराब ट्रांसफार्मरों का त्वरित प्रतिस्थापन और निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश।
1912 हेल्पलाइन पर शिकायतों की नियमित समीक्षा और त्वरित निस्तारण अनिवार्य किया गया।
विकास परियोजनाओं में देरी अस्वीकार्य ; गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ज़ोर।

उत्तर प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने सोमवार, 15 जून को वाराणसी के सर्किट हाउस सभागार में नगर विकास और ऊर्जा विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मानसून से पहले नालों और जलनिकासी व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त किया जाए और बिजली आपूर्ति में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंत्री ने जनसुविधाओं से जुड़े हर कार्य में जवाबदेही सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

जलभराव रोकने के लिए व्यापक तैयारी के निर्देश

मंत्री एके शर्मा ने नगर निकायों के अधिकारियों को आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए व्यापक सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान किसी भी शहर में जलभराव की समस्या नहीं दिखनी चाहिए। इसके लिए नालियों की सफाई, जलनिकासी तंत्र की मरम्मत और आवश्यक तैयारियाँ समय रहते पूरी कर ली जाएँ।

शर्मा ने सड़क किनारे और डिवाइडरों के आसपास फैली गंदगी हटाने, पौधरोपण के ज़रिए शहरों का सुंदरीकरण करने तथा स्वच्छता और हरियाली को बढ़ावा देने के लिए विशेष अभियान चलाने पर भी ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि 'बेहतर शहरी आधारभूत सुविधाएँ और स्वच्छ वातावरण किसी भी शहर की पहचान होते हैं।'

विकास परियोजनाओं में देरी अस्वीकार्य

बैठक में निर्माणाधीन और संचालित विकास परियोजनाओं की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ परियोजनाएँ पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी।'

नगर निकायों को नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने का निर्देश दिया गया। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब उत्तर प्रदेश के कई शहरों में मानसून-पूर्व तैयारियों की समीक्षा की जा रही है।

बिजली आपूर्ति और ट्रांसफार्मर व्यवस्था पर विशेष फोकस

ऊर्जा विभाग की समीक्षा के दौरान एके शर्मा ने विद्युत आपूर्ति व्यवस्था, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि, खराब ट्रांसफार्मरों के त्वरित प्रतिस्थापन और वितरण प्रणाली को मज़बूत बनाने की प्रगति का जायज़ा लिया। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि उपभोक्ताओं को निर्बाध, निरंतर और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराई जाए।

मंत्री ने कहा कि गर्मी और मानसून के मौसम में विद्युत व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखी जाए तथा संभावित तकनीकी बाधाओं का समय रहते समाधान किया जाए। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में गर्मियों के दौरान बिजली कटौती और ट्रांसफार्मर फेल होने की शिकायतें प्रतिवर्ष बड़ी संख्या में दर्ज होती हैं।

1912 हेल्पलाइन पर शिकायत निस्तारण में तेज़ी का आदेश

एके शर्मा ने 1912 हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के त्वरित निस्तारण पर विशेष ज़ोर दिया। उन्होंने कहा कि शिकायतों की नियमित समीक्षा कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी न हो।

मंत्री ने अधिकारियों को यह भी याद दिलाया कि नगर विकास और ऊर्जा विभाग की सेवाएँ सीधे आमजन के दैनिक जीवन से जुड़ी हैं, इसलिए सभी अधिकारी संवेदनशीलता, पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ कार्य करें। आने वाले हफ्तों में विभागीय अधिकारियों की कार्यप्रगति की पुनः समीक्षा किए जाने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी अमल अक्सर सवालों के घेरे में रहता है। वाराणसी जैसे पुराने शहरों में जलनिकासी की संरचनात्मक कमज़ोरियाँ एक-दो बैठकों से नहीं सुधरतीं — इसके लिए दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे में निवेश ज़रूरी है। 1912 हेल्पलाइन की शिकायतों पर ज़ोर देना सही दिशा है, लेकिन असली जवाबदेही तब बनेगी जब अधिकारियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई सार्वजनिक हो। बिना पारदर्शी निगरानी तंत्र के, ये निर्देश हर साल की तरह फाइलों में ही दब सकते हैं।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एके शर्मा ने वाराणसी बैठक में अधिकारियों को क्या निर्देश दिए?
मंत्री एके शर्मा ने मानसून से पहले नालों की सफाई, जलनिकासी तंत्र की मरम्मत और बिजली आपूर्ति में निर्बाधता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि जलभराव और बिजली कटौती पर जवाबदेही तय की जाएगी।
वाराणसी में मानसून-पूर्व जलभराव की समस्या से कैसे निपटा जाएगा?
मंत्री ने नगर निकायों को नालियों की सफाई, जलनिकासी तंत्र की मरम्मत और व्यापक सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। बरसात के दौरान किसी भी शहर में जलभराव न दिखे, यह सुनिश्चित करना अधिकारियों की ज़िम्मेदारी तय की गई है।
बिजली उपभोक्ता 1912 हेल्पलाइन का उपयोग कैसे करें?
1912 उत्तर प्रदेश का सरकारी बिजली शिकायत हेल्पलाइन नंबर है। एके शर्मा ने निर्देश दिया है कि इस हेल्पलाइन पर आने वाली शिकायतों की नियमित समीक्षा हो और उनका त्वरित निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
ऊर्जा विभाग की समीक्षा में ट्रांसफार्मरों को लेकर क्या निर्देश दिए गए?
मंत्री ने खराब ट्रांसफार्मरों के त्वरित प्रतिस्थापन, ट्रांसफार्मरों की क्षमता वृद्धि और वितरण प्रणाली को मज़बूत बनाने की प्रगति की समीक्षा की। गर्मी और मानसून के मौसम में विद्युत व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।
उत्तर प्रदेश में विकास परियोजनाओं में देरी पर सरकार का क्या रुख है?
मंत्री एके शर्मा ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े विकास कार्यों में किसी प्रकार की देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारियों को गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ परियोजनाएँ पूरी करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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