15 सितंबर 2026
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रेजीनगर उपचुनाव: हुमायूं कबीर का पुलिस पर पक्षपात का आरोप, हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल करेंगे

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रेजीनगर उपचुनाव: हुमायूं कबीर का पुलिस पर पक्षपात का आरोप, हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल करेंगे

सारांश

रेजीनगर उपचुनाव की घोषणा होते ही AJUP विधायक हुमायूं कबीर ने पुलिस पर पक्षपाती कार्रवाई का आरोप लगाया — तीन थाना क्षेत्रों में केवल उनके समर्थकों को निशाना बनाने का दावा। बुधवार को वे हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर न्यायिक हस्तक्षेप माँगेंगे।

मुख्य बातें

AJUP अध्यक्ष एवं विधायक हुमायूं कबीर ने 15 सितंबर 2026 को मुर्शिदाबाद पुलिस पर पक्षपाती कार्रवाई का आरोप लगाया।
सागरपाड़ा, रेजीनगर और बेलडांगा थाना क्षेत्रों में केवल उनके समर्थकों पर कार्रवाई होने का दावा; अन्य दलों पर कोई कदम नहीं।
कबीर ने जिले के पुलिस अधीक्षक पर BJP के निर्देश पर काम करने का आरोप लगाया।
वे बुधवार को हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर न्यायिक हस्तक्षेप की माँग करेंगे।
बिहार के बांकीपुर उपचुनाव का हवाला देकर कबीर ने प्रशासनिक दबाव से चुनाव जिताने के दावे को खारिज किया।

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले की रेजीनगर विधानसभा सीट पर उपचुनाव की घोषणा होते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज़ हो गई है। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के अध्यक्ष एवं रेजीनगर से विधायक हुमायूं कबीर ने 15 सितंबर 2026 को पुलिस प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उपचुनाव की घोषणा के बाद से जानबूझकर उनके और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे इस मामले में बुधवार को हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल करेंगे।

मुख्य आरोप और घटनाक्रम

कबीर ने आरोप लगाया कि सागरपाड़ा, रेजीनगर और बेलडांगा थाना क्षेत्रों में केवल उनके समर्थकों के खिलाफ पुलिसिया कार्रवाई की जा रही है, जबकि अन्य राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं पर कोई कदम नहीं उठाया जा रहा। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र में सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों को शांतिपूर्वक चुनाव लड़ने और प्रचार करने का समान अधिकार होना चाहिए।"

एक हालिया गिरफ्तारी पर टिप्पणी से बचते हुए उन्होंने कहा कि अगर कोई कानून के खिलाफ काम करता है तो पुलिस की कार्रवाई उचित है, इसलिए उस गिरफ्तारी पर वे कुछ नहीं कहेंगे। हालाँकि, व्यापक रूप से वे यह मानते हैं कि उपचुनाव की आड़ में उनकी पार्टी को कमज़ोर करने की कोशिश हो रही है।

भाजपा और पुलिस पर निशाना

कबीर ने सीधे तौर पर जिले के पुलिस अधीक्षक पर निष्पक्षता की कमी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुलिस भारतीय जनता पार्टी (BJP) के इशारे पर काम कर रही है और सरकारी ताकत का उपयोग आम लोगों पर दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है। यह आरोप विपक्षी दलों द्वारा बंगाल में पुलिस की कार्यशैली पर उठाए जाने वाले सवालों की एक लंबी शृंखला का हिस्सा है।

उन्होंने बिहार के बांकीपुर उपचुनाव का उदाहरण देते हुए तर्क दिया कि यदि प्रशासनिक मशीनरी से चुनाव जिताए जा सकते तो वहाँ BJP के वरिष्ठ नेता — जो कई बार विधायक रह चुके थे — हार नहीं जाते। उनका यह तर्क इस दावे को चुनौती देने के लिए था कि सत्ता पक्ष के प्रशासनिक दबाव से चुनाव परिणाम बदले जा सकते हैं।

हाईकोर्ट का रुख और संवैधानिक दलील

कबीर ने कहा कि चुनाव लड़ना, प्रचार करना और मतदान प्रक्रिया में भाग लेना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। इस आधार पर वे बुधवार को हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल करेंगे और प्रशासन पर अंकुश लगाने की माँग करेंगे। उनका कहना है कि इस संदेश को वे चुनाव आयोग और देश की सभी राजनीतिक पार्टियों तक पहुँचाना चाहते हैं।

आम जनता पर असर और आगे की राह

गौरतलब है कि रेजीनगर विधानसभा सीट मुर्शिदाबाद जिले में राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील मानी जाती है और यहाँ का उपचुनाव कई दलों के लिए प्रतिष्ठा का विषय बन गया है। यदि हाईकोर्ट याचिका स्वीकार करता है तो चुनाव प्रक्रिया के दौरान पुलिस कार्रवाई पर न्यायिक निगरानी संभव है, जो क्षेत्र के मतदाताओं और उम्मीदवारों दोनों को प्रभावित कर सकती है। यह मामला इस बात का भी संकेत है कि उपचुनाव से पहले ज़मीनी तनाव किस हद तक बढ़ चुका है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर चाहे सत्ता में कोई भी हो। असली सवाल यह है कि क्या इस बार हाईकोर्ट याचिका केवल राजनीतिक संदेश है या चुनाव आयोग को हस्तक्षेप के लिए मजबूर करने वाला ठोस कदम। तीन थाना क्षेत्रों में 'केवल एक दल के समर्थकों पर कार्रवाई' का आरोप सत्यापन की माँग करता है — और अगर न्यायालय संज्ञान लेता है, तो यह बंगाल की उपचुनाव राजनीति में एक नई मिसाल बन सकती है।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रेजीनगर उपचुनाव में हुमायूं कबीर ने क्या आरोप लगाए हैं?
AJUP विधायक हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया है कि उपचुनाव की घोषणा के बाद मुर्शिदाबाद जिले के सागरपाड़ा, रेजीनगर और बेलडांगा थाना क्षेत्रों में केवल उनके समर्थकों पर पुलिसिया कार्रवाई की जा रही है। उनका कहना है कि पुलिस BJP के निर्देश पर काम कर रही है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश हो रही है।
हुमायूं कबीर हाईकोर्ट क्यों जा रहे हैं?
कबीर ने घोषणा की है कि वे बुधवार को हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल करेंगे ताकि पुलिस की कथित पक्षपाती कार्रवाई पर न्यायिक अंकुश लगाया जा सके। उनका तर्क है कि चुनाव लड़ना और प्रचार करना संविधान प्रदत्त अधिकार है जिसे प्रशासनिक दबाव से नहीं छीना जा सकता।
रेजीनगर विधानसभा सीट उपचुनाव क्यों हो रहा है?
स्रोत में उपचुनाव के कारण का विशिष्ट उल्लेख नहीं है। यह सीट पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में आती है और हुमायूं कबीर यहाँ से AJUP के विधायक हैं। उपचुनाव की घोषणा के बाद से राजनीतिक तनाव बढ़ गया है।
कबीर ने बांकीपुर उपचुनाव का उदाहरण क्यों दिया?
हुमायूं कबीर ने बिहार के बांकीपुर उपचुनाव का हवाला इसलिए दिया कि वहाँ BJP के वरिष्ठ और कई बार के विधायक उम्मीदवार भी हार गए थे। उनका तर्क था कि यदि प्रशासनिक मशीनरी से चुनाव जिताए जा सकते, तो BJP वहाँ भी नहीं हारती — यानी सत्ता का दुरुपयोग हमेशा काम नहीं आता।
इस मामले में चुनाव आयोग की क्या भूमिका है?
कबीर ने कहा है कि वे अपना संदेश चुनाव आयोग तक पहुँचाना चाहते हैं और निष्पक्ष चुनाव की माँग करते हैं। हाईकोर्ट याचिका के साथ साथ यह चुनाव आयोग पर भी दबाव बनाने की कोशिश है कि वह मुर्शिदाबाद में पुलिस कार्रवाई की समीक्षा करे।
राष्ट्र प्रेस
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