पुलिस समन पर एजेयूपी विधायक हुमायूं कबीर बोले — कानून का पालन करूँगा, कार्यकर्ता शांत रहें
सारांश
मुख्य बातें
आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के चेयरमैन और विधायक हुमायूं कबीर को पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से समन मिलने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि वे रेजीनगर पुलिस स्टेशन में स्वयं उपस्थित होंगे और कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह सम्मान करेंगे। 4 जुलाई को मुर्शिदाबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से किसी भी उकसावे पर प्रतिक्रिया न देने की अपील की।
विधायक का रुख और बयान
हुमायूं कबीर ने कहा, 'राजनीति में इस तरह की स्थितियाँ समय-समय पर आती रहती हैं।' उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए बताया कि उनके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हुए थे, किंतु अदालतों ने उन्हें क्लीन चिट दी, क्योंकि कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला था। उन्होंने कहा कि यदि जाँच या हिरासत की नौबत आती है, तो वे उसका भी सामना करेंगे और कानून से भागने का सवाल ही नहीं उठता।
कार्यकर्ताओं से शांति की अपील
कबीर ने अपने समर्थकों को सख्त हिदायत दी कि वे किसी भी अफवाह या भड़काऊ बयान पर प्रतिक्रिया न दें। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह एक कानूनी प्रक्रिया है और इस पर अनावश्यक राजनीतिक बहस उचित नहीं है। पार्टी कार्यकर्ताओं से उन्होंने संयम बनाए रखने का आग्रह किया।
सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर सवाल
राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर पूछे जाने पर हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ विधायकों की कथित गुंडागर्दी पर प्रशासन कार्रवाई करने के बजाय उनकी मदद करता है। उनके अनुसार, कुछ मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई होती है, जबकि कुछ में राजनीतिक प्रभाव साफ दिखता है।
TMC में टूट और राजनीतिक समीकरण
कबीर ने दावा किया कि TMC के 80 विधायक चुनाव जीते थे, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कारण उसमें फूट पड़ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अब बागी विधायकों को सीधे संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी उनके विरोधी थे, आज उनके करीब आ गए हैं, लेकिन मतदाता सब देख रहा है और उचित समय पर जवाब देगा।
आगे की स्थिति
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस समन किस विशेष मामले से संबंधित है। हुमायूं कबीर के रेजीनगर पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है। राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम पर नज़र बनी हुई है।