4 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पुलिस समन पर एजेयूपी विधायक हुमायूं कबीर बोले — कानून का पालन करूँगा, कार्यकर्ता शांत रहें

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पुलिस समन पर एजेयूपी विधायक हुमायूं कबीर बोले — कानून का पालन करूँगा, कार्यकर्ता शांत रहें

सारांश

पश्चिम बंगाल पुलिस का समन मिलते ही एजेयूपी विधायक हुमायूं कबीर ने न घबराहट दिखाई, न टकराव — बल्कि कानून के सामने खुद पेश होने का ऐलान किया। मुर्शिदाबाद की राजनीतिक जमीन पर यह घटनाक्रम TMC के आंतरिक टूट और विपक्षी दलों पर कथित प्रशासनिक दबाव की बड़ी तस्वीर का हिस्सा है।

मुख्य बातें

एजेयूपी चेयरमैन और विधायक हुमायूं कबीर को पश्चिम बंगाल पुलिस ने रेजीनगर पुलिस स्टेशन से समन जारी किया।
कबीर ने स्वयं थाने में उपस्थित होने और कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग देने की घोषणा की।
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से किसी भी उकसावे या अफवाह पर प्रतिक्रिया न देने की अपील की।
कबीर ने TMC विधायकों पर कथित गुंडागर्दी का आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार उन पर कार्रवाई नहीं करती।
उन्होंने दावा किया कि TMC के 80 विधायकों में फूट के बाद बागी विधायकों को सरकारी संरक्षण मिल रहा है।

आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के चेयरमैन और विधायक हुमायूं कबीर को पश्चिम बंगाल पुलिस की ओर से समन मिलने के बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि वे रेजीनगर पुलिस स्टेशन में स्वयं उपस्थित होंगे और कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह सम्मान करेंगे। 4 जुलाई को मुर्शिदाबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने अपने समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं से किसी भी उकसावे पर प्रतिक्रिया न देने की अपील की।

विधायक का रुख और बयान

हुमायूं कबीर ने कहा, 'राजनीति में इस तरह की स्थितियाँ समय-समय पर आती रहती हैं।' उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक अनुभव का हवाला देते हुए बताया कि उनके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हुए थे, किंतु अदालतों ने उन्हें क्लीन चिट दी, क्योंकि कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला था। उन्होंने कहा कि यदि जाँच या हिरासत की नौबत आती है, तो वे उसका भी सामना करेंगे और कानून से भागने का सवाल ही नहीं उठता।

कार्यकर्ताओं से शांति की अपील

कबीर ने अपने समर्थकों को सख्त हिदायत दी कि वे किसी भी अफवाह या भड़काऊ बयान पर प्रतिक्रिया न दें। उन्होंने कहा कि यह पूरी तरह एक कानूनी प्रक्रिया है और इस पर अनावश्यक राजनीतिक बहस उचित नहीं है। पार्टी कार्यकर्ताओं से उन्होंने संयम बनाए रखने का आग्रह किया।

सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर सवाल

राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर पूछे जाने पर हुमायूं कबीर ने आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कुछ विधायकों की कथित गुंडागर्दी पर प्रशासन कार्रवाई करने के बजाय उनकी मदद करता है। उनके अनुसार, कुछ मामलों में प्रशासनिक कार्रवाई होती है, जबकि कुछ में राजनीतिक प्रभाव साफ दिखता है।

TMC में टूट और राजनीतिक समीकरण

कबीर ने दावा किया कि TMC के 80 विधायक चुनाव जीते थे, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कारण उसमें फूट पड़ गई। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार अब बागी विधायकों को सीधे संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि जो लोग कभी उनके विरोधी थे, आज उनके करीब आ गए हैं, लेकिन मतदाता सब देख रहा है और उचित समय पर जवाब देगा।

आगे की स्थिति

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि पुलिस समन किस विशेष मामले से संबंधित है। हुमायूं कबीर के रेजीनगर पुलिस स्टेशन में उपस्थित होने के बाद स्थिति और स्पष्ट होने की संभावना है। राजनीतिक हलकों में इस घटनाक्रम पर नज़र बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न समर्पण, बल्कि एक ऐसी छवि-निर्माण की कोशिश है जो विपक्षी दलों पर कथित प्रशासनिक दबाव के आख्यान को मजबूत करती है। मुर्शिदाबाद में TMC और छोटे क्षेत्रीय दलों के बीच तनाव नया नहीं है, लेकिन पुलिस समन का समय और राजनीतिक संदर्भ सवाल उठाता है कि क्या यह कार्रवाई कानूनी आवश्यकता है या राजनीतिक संदेश। जब तक समन का आधार सार्वजनिक नहीं होता, तब तक दोनों पक्षों के दावों को सतर्कता से लेना जरूरी है।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हुमायूं कबीर को पुलिस समन क्यों मिला?
फिलहाल पुलिस समन का विशेष कारण सार्वजनिक नहीं किया गया है। हुमायूं कबीर ने केवल यह बताया कि वे रेजीनगर पुलिस स्टेशन में उपस्थित होंगे और जाँच में सहयोग करेंगे।
एजेयूपी (AJYUP) क्या पार्टी है?
आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) पश्चिम बंगाल की एक क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टी है, जिसके चेयरमैन हुमायूं कबीर हैं और वे विधायक भी हैं।
हुमायूं कबीर ने पार्टी कार्यकर्ताओं को क्या निर्देश दिए?
कबीर ने अपने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे शांत रहें, किसी भी उकसावे या अफवाह पर प्रतिक्रिया न दें और कानूनी प्रक्रिया को स्वाभाविक रूप से चलने दें।
कबीर ने TMC पर क्या आरोप लगाए?
हुमायूं कबीर ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि मुर्शिदाबाद में TMC के कुछ विधायक गुंडागर्दी करते हैं और सरकार उन पर कार्रवाई करने के बजाय उनकी मदद करती है। उन्होंने यह भी कहा कि बागी विधायकों को सीधे सरकारी संरक्षण मिल रहा है।
क्या हुमायूं कबीर को पहले भी कानूनी मामलों का सामना करना पड़ा है?
हाँ, कबीर ने स्वयं बताया कि उनके खिलाफ पहले भी कई मामले दर्ज हुए थे, लेकिन अदालतों ने उन्हें क्लीन चिट दी, क्योंकि कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिला था।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 दिन पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 6 महीने पहले
  7. 6 महीने पहले
  8. 7 महीने पहले